उपनाम: खाद्य संस्कृति
BRICS शिखर सम्मेलन के शाही भोज में परोसे गए देसी व्यंजन, खांडवी से लेकर गुच्छी तक का दिखा जलवा
BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत मंडपम में आयोजित रात्रिभोज में मेहमानों को भारत के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक व्यंजनों का आधुनिक रूप चखाया गया। इस दौरान संगीत और कला का संगम भी देखने को मिला।
भरतपुर की यात्रा का असली मज़ा: ये 5 स्ट्रीट फूड आपको कर देंगे लोटपोट
भरतपुर अपनी ऐतिहासिक धरोहरों के साथ-साथ अपने लजीज और चटपटे स्ट्रीट फूड के लिए भी पर्यटकों के बीच काफी मशहूर है। यहाँ के स्थानीय व्यंजनों का स्वाद हर किसी को अपना दीवाना बना देता है।
दरभंगा की 100 साल पुरानी जलेबी की दुकान: 15 अगस्त को बिक जाते हैं 150 किलो, जानिए क्या है स्वाद का राज
दरभंगा में स्थित एक सदी पुरानी जलेबी की दुकान आजादी के दौर से चली आ रही है, जहाँ हर साल स्वतंत्रता दिवस पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। शुद्धता और पारंपरिक स्वाद के चलते यहाँ एक दिन में करीब 150 किलो जलेबी की बिक्री हो जाती है।
मुजफ्फरपुर के खास मिनी समोसे का है जलवा, 13 साल से बरकरार है स्वाद का जादू
मुजफ्फरपुर के कलमबाग चौक पर मिलने वाले मिनी समोसे अपनी खास तीसी की चटनी और भुनी मिर्च के लिए मशहूर हैं, जहां लोग बरसों से खिंचे चले आते हैं।
बुरहानपुर की अनोखी मावा जलेबी: स्वाद ऐसा कि सात दिन तक नहीं होती खराब, विदेशों में भी है जबरदस्त डिमांड
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की प्रसिद्ध मावा जलेबी अपनी लंबी आयु और लाजवाब स्वाद के लिए जानी जाती है। यह खास मिठाई न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
दिल्ली की 100 साल पुरानी विरासत: कनॉट प्लेस की वेंगर्स बेकरी, जहां वाजपेयी और शाहरुख खान भी थे स्वाद के दीवाने
दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित वेंगर्स बेकरी अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर चुकी है और आज भी अपने पारंपरिक स्वाद के लिए लोगों की पहली पसंद बनी हुई है। इस ऐतिहासिक बेकरी के जायके का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि यहाँ सामान बिकने के लिए लंबी कतारें...
झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद हुआ मशहूर: GI टैग के बाद अब बाजार में चॉकलेट और गुड़ फ्लेवर की धूम
झारखंड के कोडरमा स्थित झुमरी तिलैया के केसरिया कलाकंद को प्रतिष्ठित GI टैग मिलने के बाद इसकी लोकप्रियता पूरे देश में बढ़ गई है, जिसके चलते अब इसे नए फ्लेवर में भी पेश किया जा रहा है।
बिहार की 150 साल पुरानी दुकान का अनोखा रसकदम, जिसे चखने के लिए विदेश से भी आते हैं लोग
नालंदा जिले के कराय परसूराय बाजार में स्थित एक मिठाई की दुकान अपने खास रसकदम के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। पांचवीं पीढ़ी द्वारा संचालित इस दुकान का स्वाद दशकों पुराना है और आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है।
जयपुर की खास 'गुलाब शकरी': बनने में लगते हैं पूरे 3 दिन, कीमत 1000 रुपये किलो
जयपुर के 100 साल पुराने मिष्ठान भंडार में मिलने वाली गुलाब शकरी अपनी खास रेसिपी के लिए मशहूर है, जिसे तैयार होने में 40 घंटे से 3 दिन का समय लगता है।
50 साल से बरकरार है मिठास! झांसी की इस मशहूर गुजिया का स्वाद नहीं भूले लोग, दूर-दूर से पहुंचते हैं ग्राहक
झांसी की एक प्रसिद्ध मिठाई की दुकान पिछले 50 वर्षों से अपने पारंपरिक स्वाद के लिए जानी जाती है, जहां दूर-दूर से ग्राहक मिठाइयों का आनंद लेने आते हैं।