बिहारी तड़के वाला कश्मीरी दम आलू: दही की हल्की खटास से ऐसा स्वाद कि मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी जीवनशैली एक घंटा पहले 2
साधारण आलू की सब्जी से हटकर अगर कुछ खास बनाना है तो बिहारी अंदाज में तैयार कश्मीरी दम आलू बेहतरीन विकल्प है। दही की खटास, कश्मीरी मिर्च का रंग और देसी घी का तड़का इसे खास पहचान देता है।

अगर आप रोज़ की साधारण आलू की सब्जी से कुछ अलग और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो बिहारी अंदाज़ में तैयार किया गया कश्मीरी दम आलू आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकता है। दही की हल्की खटास, कश्मीरी लाल मिर्च का चटक रंग और तरह-तरह के मसालों की महक इस सब्जी को एक अलग ही पहचान देती है। सबसे बड़ी बात यह कि इसमें देसी घी का तड़का स्वाद को और भी निखार देता है। जब यह डिश मेहमानों के सामने परोसी जाए तो लोग सिर्फ तारीफ ही नहीं करते, बल्कि इसकी रेसिपी भी ज़रूर जानना चाहते हैं।

कश्मीरी दम आलू में बिहारी रसोई का अंदाज़

कश्मीरी दम आलू का नाम सुनते ही ज़्यादातर लोगों के मन में रेस्टोरेंट जैसे स्वाद की तस्वीर बन जाती है। लेकिन जब इसमें बिहारी रसोई का देसी तड़का जुड़ जाता है, तो इसका स्वाद और भी खास हो जाता है। इस सब्जी को बनाने के लिए सबसे पहले एक कप दही में कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, सौंफ पाउडर, सोंठ पाउडर और स्वादानुसार नमक मिलाकर एक मिश्रण तैयार कर लें।

दही और काजू का पेस्ट तय करता है रंग और स्वाद

इसके बाद 7 से 8 साबुत लाल मिर्च और 5 से 6 काजू को गर्म पानी में भिगोकर उनका मुलायम पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को दही वाले मिश्रण में डालकर अच्छी तरह मिला दें। यही मिश्रण इस रेसिपी का असली स्वाद और रंग तय करता है, इसलिए इसे ध्यान से तैयार करना ज़रूरी है।

अब आलू को दम पर पकाएं

अब 6 से 7 छोटे आलुओं को उबालकर उनका छिलका उतार लें। कांटे की मदद से आलुओं में छोटे-छोटे छेद कर दें, ताकि मसाला उनके अंदर तक पहुंच सके। इसके बाद कढ़ाई में थोड़ा तेल और देसी घी गर्म करें और आलुओं को हल्का सुनहरा होने तक भून लें। जब आलू अच्छी तरह सिक जाएं तो उन्हें अलग निकालकर रख दें।

उसी कढ़ाई में तेज पत्ता, थोड़ा जीरा और एक चुटकी हींग डालकर भूनें। फिर भुने हुए आलू डालें और तुरंत तैयार किया हुआ दही वाला मिश्रण मिला दें। इस दौरान आंच धीमी रखें और मिश्रण को लगातार चलाते रहें, ताकि दही फटे नहीं। करीब 2 से 3 मिनट पकाने के बाद कढ़ाई को ढक दें और 8 से 10 मिनट तक दम पर पकने दें।

ढक्कन खोलते ही दिखेगा कमाल

जब आप ढक्कन खोलेंगे तो मसाले के ऊपर तेल तैरता हुआ नज़र आएगा। यह इस बात का संकेत है कि मसाला पूरी तरह पक चुका है और आलुओं ने उसका पूरा स्वाद अपने अंदर समेट लिया है। आखिर में थोड़ी-सी कसूरी मेथी डालकर गैस बंद कर दें। इस तरह बिहारी स्टाइल कश्मीरी दम आलू बनकर तैयार है।

किसके साथ परोसें

यह रोटी, पराठे या गरमा-गरम चावल के साथ बेहद स्वादिष्ट लगता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत दही से आने वाली हल्की खटास है, जो मसालों के साथ मिलकर एक अलग ही स्वाद पैदा करती है। अगर आप घर में कुछ नया और खास बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपकी थाली को रेस्टोरेंट जैसा ज़ायका देने का काम करेगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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