नींबू के भरपूर इस्तेमाल से तैयार होता है अरिकंचन का खट्टा-तीखा गोजबा, मिथिलावासी कहते हैं इसे 'शाकाहारियों की मछली' जीवनशैली 5 घंटे पहले 7
मिथिलांचल में जो लोग मांसाहार नहीं करते, उनके लिए अरिकंचन के पत्ते से बना गोजबा किसी मछली से कम नहीं माना जाता। दाल, नींबू, पत्ता और ढेर सारे मसालों से तैयार होने वाली इस डिश का स्वाद लोगों को खूब भाता है।

मिथिलांचल में एक कहावत है कि जो लोग मछली नहीं खाते, वे अरिकंचन का गोजबा खाते हैं। कहा जाता है कि इसमें भी लगभग वही स्वाद आता है जो मछली में होता है, इसी वजह से मजाक में इसे 'शाकाहारियों की मछली' कहा जाता है। अरिकंचन का गोजबा दाल, नींबू, पत्ता और ढेर सारे मसालों के मेल से बनने वाली एक ऐसी डिश है, जो खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है।

अरिकंचन के पत्ते से कई तरह के व्यंजन तैयार होते हैं और उन्हीं में से एक है गोजबा, जिसे आप अपनी पसंद के अनुसार चावल, रोटी या पराठे के साथ खा सकते हैं। इसे बनाने में थोड़ा समय जरूर लगता है, लेकिन इसका नमकीन और खट्टा स्वाद इसे खास बना देता है।

शाकाहारी मछली या अरिकंचन गोजबा

मिथिलांचल में जो लोग नॉनवेज नहीं खाते, उनके लिए अरिकंचन शाकाहारी मछली की तरह ही है। इसकी वजह यह है कि जितनी मेहनत मछली बनाने में लगती है, उतनी ही विधि इस सब्जी को तैयार करने में भी अपनाई जाती है। जैसे मछली को तला जाता है, वैसे ही इसे भी पकौड़े की तरह तलकर और उसी तरह का मसाला तैयार करके चावल के साथ चाव से खाया जाता है। वैसे तो अरिकंचन के पत्ते से कई अलग-अलग तरह की सब्जियां बनती हैं, लेकिन यहां गोजबा की रेसिपी बताई जा रही है, ताकि आप भी इसे घर पर बनाकर इसका स्वाद ले सकें।

विधि और मसाले

सबसे पहले अरिकंचन पत्ता (अरबी) को अच्छी तरह धोकर साग की तरह काट लें। इसमें खूब सारा नींबू का रस मिला लें। इसके बाद घर में मौजूद कोई भी दाल जैसे चना, मसूर, मूंग या खेसारी को पानी में भिगोकर पीस लें। इसमें नमक और घर पर उपलब्ध सभी मसाले मिलाकर अच्छे से पकौड़े (बरी) बना लें।

ग्रेवी तैयार करने के लिए, ठीक वैसे ही जैसे मछली में डाला जाता है, कढ़ाई में तेल गर्म होने पर तेज पत्ता, जीरा, पीली सरसों और लाल सूखी मिर्च चटकाएं। इसके बाद इसमें पीली सरसों का पेस्ट डालें। अगर आप प्याज डालना चाहते हैं तो प्याज, टमाटर, लहसुन और अदरक का पेस्ट डालें, साथ ही रसोई के सभी मसाले जैसे हल्दी, नमक, मिर्च, धनिया और गरम मसाला भी मिला दें। मसाला पक जाने पर जितने लोग खाएंगे, उसी हिसाब से पानी डालकर ग्रेवी पका लें।

नींबू का इस्तेमाल ज्यादा

इंदु देवी बताती हैं कि ग्रेवी पक जाने पर तले हुए अरबी पत्ते और दाल के पकौड़े (बरी) को रस में डालकर पकाएं और फिर ऊपर से नींबू का रस मिला दें, ताकि अरिकंचन पत्ते का कड़वापन दूर हो जाए। इसके बाद चावल के साथ गोजबा सब्जी का आनंद लें। इस सब्जी में नींबू का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है, क्योंकि अरबी का पत्ता अधिक कड़वा होता है, जो गले की खराश से भी बचाता है।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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