उपनाम: मधुबनी
मधुबनी में तेजी से आकार ले रहा सरकारी मेडिकल कॉलेज, जानिए निर्माण की स्थिति और पढ़ाई शुरू होने का अनुमान
बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में बन रहे सरकारी मेडिकल कॉलेज का काम अंतिम चरण में है। करीब 500 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस संस्थान के बनने से मिथिलांचल के छात्रों को अब मेडिकल शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मधुबनी पुलिस की बड़ी कामयाबी, दिल्ली नंबर की कार से 135 किलो गांजा जब्त
बिहार के मधुबनी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दिल्ली नंबर की कार से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस अब तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
मिथिला पेंटिंग में स्टेट अवॉर्ड पाने का क्या है तरीका, विजेता ज्वालामुखी देवी ने बताई पूरी प्रक्रिया
मधुबनी की जानी-मानी कलाकार और स्टेट अवॉर्ड विजेता ज्वालामुखी देवी ने मिथिला पेंटिंग के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कार पाने की पूरी चयन प्रक्रिया साझा की है। उन्होंने बताया कि अब ऑनलाइन आवेदन के साथ वीडियो जमा करना अनिवार्य हो गया है, और पुरस्कार मिलने के बाद क...
धरोहर: मधुबनी में मौजूद हैं 400 साल पुराने बजरबट्टू के पत्तों पर लिखे दस्तावेज, पानी से पोंछते ही चमकने लगते हैं अक्षर
बिहार के मधुबनी में एक अनोखी ऐतिहासिक धरोहर सुरक्षित है, जहाँ बजरबट्टू के पत्तों पर लिखे सदियों पुराने दस्तावेज आज भी चमक बिखेर रहे हैं। इन पत्तों की खास बात यह है कि पानी से साफ करने पर इनके अक्षर खराब होने के बजाय और अधिक स्पष्ट हो जाते हैं।
मिथिलांचल की खास परंपरा: कैसे घर पर शुद्ध तरीके से तैयार होता था पान वाला चूना
मिथिलांचल में पान के साथ उपयोग होने वाले पारंपरिक चूने को बनाने की विधि अब लुप्त हो रही है, जिसे पुराने समय में घरों में ही तैयार किया जाता था।
मधुबनी: पार्षद के घर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, SHO समेत दो जवान जख्मी
बिहार के मधुबनी में एक छापेमारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला किया गया, जिसमें थानाध्यक्ष समेत दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और कुल छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सरकारी नौकरी छोड़कर खेती में आजमाया हाथ, मधुबनी के विपिन झा सालाना कमा रहे 30 से 35 लाख रुपये
बिहार के मधुबनी जिले के रहने वाले विपिन कुमार झा ने अपनी सरकारी नौकरी को अलविदा कहकर खेती को अपना करियर बनाया है। आज वे पपीते की बागवानी से हर साल लाखों की कमाई कर रहे हैं और दूसरों को भी रोजगार दे रहे हैं।
मधुबनी में मटन की अनोखी खरीददारी: किलो नहीं, 'बाटी' सिस्टम से होता है बंटवारा, जानिए कारण
बिहार के मधुबनी में मटन खरीदने की एक अनूठी परंपरा है, जहां लोग किलो के बजाय 'बाटी' लगाकर या कुरी लगाकर सामूहिक रूप से बकरा खरीदकर आपस में मांस बांटते हैं। यह परंपरा शुद्धता, ताजगी और आर्थिक बचत के कारण आज भी जीवित है।
एक खेती, अनेक उत्पाद और मोटा मुनाफा! मशरूम ने संवारी मधुबनी की स्वाति की तकदीर
मधुबनी के बेनीपट्टी की महिला किसान स्वाति झा ने मशरूम की खेती को एक मुनाफे वाले कारोबार में बदल दिया है और कई तरह के उत्पाद बनाकर 'मिथिला स्वाति मशरूम' ब्रांड खड़ा किया है।
नींबू के भरपूर इस्तेमाल से तैयार होता है अरिकंचन का खट्टा-तीखा गोजबा, मिथिलावासी कहते हैं इसे 'शाकाहारियों की मछली'
मिथिलांचल में जो लोग मांसाहार नहीं करते, उनके लिए अरिकंचन के पत्ते से बना गोजबा किसी मछली से कम नहीं माना जाता। दाल, नींबू, पत्ता और ढेर सारे मसालों से तैयार होने वाली इस डिश का स्वाद लोगों को खूब भाता है।
काला तरबूज नामधारी से ₹25-30 क्यों महंगा? खेती एक जैसी, फिर भी दाम में फर्क
एक ही खेत में, एक जैसी मेहनत से उगने के बावजूद काला गोल तरबूज नामधारी की तुलना में प्रति 5 किलो ₹25-30 महंगा बिकता है। किसानों के मुताबिक इसकी असल वजह बाजार की मांग है।
मधुबनी में आज भी तामा से नापते हैं चावल, एक सेर में भर जाता है पांच लोगों का पेट, लक्ष्मी रूप में होती है पूजा
मिथिलांचल के गांवों में आज भी चावल, दाल और आटा तराजू की जगह तामा से नापा जाता है। एक सेर चावल में आराम से पांच लोग भोजन कर लेते हैं और लोग इस तामा को लक्ष्मी का रूप मानकर पूजते भी हैं।
मधुबनी से संदिग्ध आतंकी इज़हारुल हक गिरफ्तार, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े थे तार; ATS की बड़ी कार्रवाई
बिहार के मधुबनी जिले के पडौल थाना क्षेत्र से इज़हारुल हक नामक व्यक्ति को मध्य प्रदेश पुलिस और बिहार एटीएस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के लगातार संपर्क में था।
बनकट्टा-दामोदरपुर बना मधुबनी का आदर्श गांव, सांसद ने लिया था गोद, जानें आज के हालात
मधुबनी के बेनीपट्टी प्रखंड स्थित बनकट्टा-दामोदरपुर को 2014 में सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने गोद लेकर आदर्श गांव का दर्जा दिलाया था, लेकिन शुरुआती दो साल के काम के बाद पिछले दस सालों से यहां विकास कार्य ठप पड़ा है।
बंदरों के आतंक से परेशान ग्रामीणों का देसी जुगाड़, गुलेटी और मिट्टी की गोली से कोसों दूर भागते हैं उत्पाती बंदर
मधुबनी के कई गांवों में बंदरों के उत्पात से तंग आकर ग्रामीणों ने लकड़ी की गुलेटी और मिट्टी की गोली का देसी तरीका अपनाया है, जिससे बिना ज्यादा चोट पहुंचाए बंदरों को भगाया जा रहा है।