पाचन और आंतों की सेहत के लिए रामबाण है किशमिश, डॉक्टर ने रोजाना खाने की दी सलाह स्वास्थ्य एक महीने पहले 77
सूखे अंगूरों से बनी किशमिश न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि यह पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने में बेहद कारगर है। पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने और कब्ज से राहत पाने के लिए विशेषज्ञ इसे अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह देते हैं।

किशमिश के स्वास्थ्यवर्धक गुण

सूखे मेवों की बात करें तो किशमिश का नाम सबसे पहले आता है। अपने खट्टे-मीठे स्वाद के कारण यह बच्चों और बड़ों, दोनों की ही पसंदीदा होती है। लगभग हर भारतीय रसोई में इसे आसानी से देखा जा सकता है। इसका इस्तेमाल मिठाइयों से लेकर नमकीन व्यंजनों तक में किया जाता है। किशमिश असल में सूखे अंगूर होते हैं जिनमें प्राकृतिक शर्करा प्रचुर मात्रा में पाई जाती है। लेकिन, इसके फायदे केवल स्वाद तक ही सीमित नहीं हैं। पोषक तत्वों का खजाना होने के कारण यह शरीर के लिए बेहद उपयोगी है।

डॉक्टर की राय और आंतों का स्वास्थ्य

ISIC मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट के तौर पर कार्यरत डॉक्टर शुभम वत्स्या ने 26 जून को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो के जरिए किशमिश के गुणों पर विस्तार से चर्चा की है। उन्होंने बताया कि किस तरह रोजाना इसका सेवन करने से आंतों की कार्यप्रणाली में सुधार होता है और यह पेट के लिए क्यों जरूरी है।

मल त्याग की प्रक्रिया में सहायक

किशमिश का सबसे महत्वपूर्ण लाभ यह है कि यह मल त्याग को आसान बनाने का काम करती है। इसमें मौजूद प्लांट बेस्ड फूड फाइबर आंतों में नमी को बनाए रखने में मदद करता है, जिससे भोजन का पाचन तंत्र से गुजरना सरल हो जाता है। किशमिश में सॉर्बिटोल नाम का एक रासायनिक यौगिक पाया जाता है, जो एक प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है। यह शुगर अल्कोहल की श्रेणी में आता है और कब्ज जैसी समस्या को दूर करने में बड़ी भूमिका निभाता है। यदि लोग नियमित रूप से इसका सेवन करें, तो कब्ज से पीड़ित बड़ी आबादी को राहत मिल सकती है। यह आंतों में पानी के स्तर को संतुलित कर मल को नरम और बाहर निकालने में मददगार साबित होता है।

किशमिश के अन्य प्रमुख लाभ

  • पाचन तंत्र और गट हेल्थ: डॉक्टर वत्स्या के अनुसार, किशमिश न केवल आंतों की सेहत सुधारती है, बल्कि यह पेट के अच्छे बैक्टीरिया को भी पोषण प्रदान करती है। इसे नियमित खाने से एसिडिटी और पेट फूलने या भारीपन की समस्या में कमी आती है। एक स्वस्थ पाचन तंत्र फिशर और बवासीर जैसी जटिल बीमारियों के जोखिम को भी कम करता है।
  • हृदय और समग्र स्वास्थ्य: किशमिश में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है। ये तत्व न केवल पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं, बल्कि हृदय को भी स्वस्थ रखने में सहायक हैं।
  • सेवन करने का सही तरीका: बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए 8 से 10 किशमिश को रात भर पानी में भिगोकर रखना चाहिए और सुबह इनका सेवन करना सबसे अच्छा माना गया है। यदि आपके पास सुबह समय की कमी है, तो आप दिन में किसी भी समय 5 से 6 किशमिश खाकर भी इसके फायदे प्राप्त कर सकते हैं।

फाइबर का महत्व

शरीर के समुचित कामकाज के लिए फाइबर एक आवश्यक घटक है। यह न केवल मल को सुचारू रूप से बाहर निकालने में मदद करता है, बल्कि पूरे पाचन तंत्र की सफाई में भी भूमिका निभाता है। इसलिए अपनी दैनिक थाली में फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करना बहुत जरूरी है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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