6 हजार की नौकरी और करोड़ों का साम्राज्य! इंजीनियर के ठिकानों पर छापे में लॉकर से निकलीं नोटों की गड्डियां राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
ओडिशा में विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में ITDA बलिगुड़ा के सहायक कार्यपालक अभियंता बैकुंठनाथ बेहरा के नौ ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें परिवार के बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का दावा है।

ओडिशा में एक सरकारी कर्मचारी के भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। विजिलेंस विभाग ने आय से अधिक संपत्ति के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए आदिवासी विकास एजेंसी (ITDA) बलिगुड़ा के सहायक कार्यपालक अभियंता (Assistant Executive Engineer) बैकुंठनाथ बेहरा से जुड़े नौ ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान उनके परिवार से संबंधित बैंक लॉकरों से करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद होने का दावा किया गया है।

कहां-कहां पड़े छापे

विजिलेंस की यह कार्रवाई भुवनेश्वर, बालासोर, जाजपुर और कंधमाल जिले के बलिगुड़ा समेत कई स्थानों पर की गई। अधिकारियों के अनुसार, बेहरा पर अपनी ज्ञात आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। इसी आधार पर भुवनेश्वर स्थित विशेष सतर्कता न्यायालय से सर्च वारंट हासिल कर छापेमारी शुरू की गई।

इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, निरीक्षक और अन्य अधिकारियों की एक बड़ी टीम शामिल रही। जांच के दायरे में इंजीनियर का निजी आवास, सरकारी आवास, कार्यालय और परिवार से जुड़े दूसरे ठिकाने भी रखे गए।

5 आलीशान इमारतें और दर्जनों प्लॉट

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान अधिकारियों को बैकुंठनाथ बेहरा और उनके परिवार के नाम से जुड़ी पांच बहुमंजिला इमारतों की जानकारी मिली है। इनमें भुवनेश्वर के नीलाद्रि विहार में करीब 10,500 वर्ग फुट क्षेत्र में बनी एक चार मंजिला आलीशान इमारत भी शामिल है। इसके अलावा भुवनेश्वर और जाजपुर जिले में चार अन्य आवासीय संपत्तियां भी जांच एजेंसियों की नजर में हैं।

विजिलेंस टीम ने अब तक 13 भूखंडों की भी पहचान की है। बताया जा रहा है कि इनमें से सात प्लॉट भुवनेश्वर के प्रमुख इलाकों में हैं, जबकि शेष जमीनें जाजपुर और बारिपदा क्षेत्र में स्थित हैं।

बैंक लॉकर से मिला नकदी का जखीरा

जांच में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ, जब परिवार से जुड़े बैंक लॉकरों की तलाशी में करीब 2 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए। इससे पहले घरों की तलाशी के दौरान 2.66 लाख रुपये से अधिक नकदी भी जब्त की जा चुकी थी।

विजिलेंस अधिकारी अब सोने-चांदी के आभूषणों, बैंक जमा, डाक बचत योजनाओं, निवेश और अन्य वित्तीय संपत्तियों का मूल्यांकन कर रहे हैं। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम संपत्तियों और जमीनों की मौजूदा बाजार कीमत का आकलन कर रही है।

1999 में जूनियर इंजीनियर बने थे बेहरा

आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, बैकुंठनाथ बेहरा ने वर्ष 1999 में जूनियर इंजीनियर के रूप में सरकारी सेवा की शुरुआत की थी। उस समय उनका मासिक वेतन करीब 6 हजार रुपये था। इसके बाद उन्होंने विभिन्न आदिवासी विकास परियोजनाओं और इंजीनियरिंग विभागों में काम किया और इसी वर्ष उन्हें सहायक कार्यपालक अभियंता के पद पर पदोन्नति मिली।

आय और संपत्ति का होगा मिलान

विजिलेंस विभाग अब यह जांच कर रहा है कि बेहरा और उनके परिवार के पास मिली संपत्तियां उनकी वैध आय के अनुरूप हैं या नहीं। नकदी, बहुमूल्य संपत्तियों, जमीनों और निवेश से जुड़े दस्तावेजों की गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि तलाशी और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कुल संपत्ति का वास्तविक आंकड़ा सामने आ सकेगा।

फिलहाल इस मामले को ओडिशा में इस वर्ष की सबसे बड़ी भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति की जांचों में से एक माना जा रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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