बिहार
एक घंटा पहले
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पटना के कदमकुआं थाना क्षेत्र में खान सर के कोचिंग संस्थान के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में कानूनी कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर सोमवार को पटना की अदालत में अहम सुनवाई हुई, जिसके बाद कोर्ट ने अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया।
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष यानी ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद की ओर से पेश हुए वकील ने अदालत के समक्ष तीखी दलीलें रखीं। उन्होंने खान सर के निजी बॉडीगार्ड्स की जमानत याचिका का पुरजोर विरोध किया। वकील का कहना था कि यह पूरी घटना किसी अचानक उपजे विवाद का नतीजा नहीं थी। उन्होंने बचाव पक्ष के इस दावे को पूरी तरह निराधार बताया कि भीड़ को हटाने या आत्मरक्षा के लिए हवाई फायरिंग की गई थी।
भीड़ हटाने की नहीं, इरादतन गोली चलाने की साजिश का आरोप
पीड़ित पक्ष के वकील ने अदालत में स्पष्ट रूप से कहा कि यह पूरी वारदात एक सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दी गई थी। उनका आरोप था कि सुरक्षाकर्मियों ने भीड़ को तितर-बितर करने की कोई कोशिश नहीं की, बल्कि वहां मौजूद लोगों पर सीधे और जानबूझकर गोलियां चलाई गईं। इसी आधार पर इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जो हत्या के प्रयास के लिए उकसाने से संबंधित है।
कोर्ट ने तलब किया दोनों सुरक्षाकर्मियों का रिकॉर्ड
दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें और केस डायरी का अध्ययन करने के बाद अदालत ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया। माननीय न्यायाधीश ने पुलिस प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसी से गिरफ्तार किए गए दोनों निजी सुरक्षाकर्मियों प्रदीप कुमार और तालेबार सिंह का पूरा आपराधिक एवं सेवा रिकॉर्ड तलब किया है। कोर्ट यह जानना चाहता है कि इन सुरक्षाकर्मियों का इससे पहले कोई आपराधिक इतिहास रहा है या नहीं।
दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला सुरक्षित
अदालत में लंबी बहस और पुलिस द्वारा जुटाई गई केस डायरी के अवलोकन के बाद न्यायिक प्रक्रिया के तहत इस मामले की सुनवाई पूरी कर ली गई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड मांगे जाने के बाद अदालत ने सुरक्षाकर्मियों की जमानत याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब सभी की निगाहें कोर्ट के इस फैसले पर टिकी हुई हैं।
क्या है पूरा मामला
यह विवाद 2 जून को मुसल्लापुर हाट इलाके में स्थित 'खान ग्लोबल स्टडीज' के बाहर तोड़फोड़ और मारपीट से शुरू हुआ था। शुरुआती जांच में खान सर ने दावा किया था कि बाहरी हमलावरों ने उनके संस्थान पर हमला कर फायरिंग की। हालांकि, सोशल मीडिया पर एक सीसीटीवी वीडियो वायरल होते ही पूरा मामला पलट गया।
वीडियो में नजर आए खान सर के गार्ड
वायरल वीडियो में खान सर के ही सुरक्षाकर्मी .315 बोर की राइफल से फायरिंग करते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस ने दोनों गार्डों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही गोलियां चलाई थीं। इस बयान के बाद खान सर उर्फ फैजल खान पर भी हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट में सरेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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