लातेहर का सुग्गा बांध: जंगलों के बीच बसा 'झारखंड का छिपा स्वर्ग', गर्मियों में पर्यटकों की पहली पसंद झारखंड एक घंटा पहले 2
लातेहर जिले में स्थित सुग्गा बांध अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए मशहूर है। घने जंगलों के बीच बहता दूधिया पानी और चारों ओर फैली हरियाली गर्मियों की छुट्टियों में पर्यटकों को खासतौर पर अपनी ओर खींचती है।

गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ शांत और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की ओर रुख करने लगते हैं। ऐसे मौके पर झारखंड का पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र पर्यटकों के लिए बड़े आकर्षण का केंद्र बन जाता है। बेतला से नेतरहाट तक फैला यह इलाका अपनी हरियाली, घने जंगलों और मनमोहक वादियों के चलते देश-विदेश के सैलानियों को लुभाता है। इसी रास्ते पर जंगलों के बीच एक ऐसी जगह भी है, जिसे स्थानीय लोग प्यार से झारखंड का छिपा हुआ स्वर्ग कहते हैं।

यह खूबसूरत स्थल लातेहर जिले में मौजूद सुग्गा बांध है, जो पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर से करीब 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। सालभर यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन गर्मियों की छुट्टियों में यह जगह लोगों का सबसे पसंदीदा ठिकाना बन जाती है।

प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा संगम

सुग्गा बांध अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के लिए पहचाना जाता है। घने जंगलों के बीच बहता दूधिया रंग का पानी और चारों तरफ फैली हरियाली यहां पहुंचने वाले पर्यटकों को सुकून और शांति का अलग ही अनुभव कराती है। बांध के आसपास का माहौल इतना शांत और मनमोहक है कि यहां आते ही शहर की भागदौड़ और तनाव से राहत मिल जाती है। वन विभाग द्वारा विकसित की गई पर्यटन सुविधाएं इस जगह के आकर्षण को और बढ़ा देती हैं।

सुरक्षा और सुविधाओं का खास ख्याल

सुग्गा बांध की देखरेख स्थानीय ग्रामीणों द्वारा गठित इको विकास समिति करती है। पर्यटकों की सुरक्षा और सहूलियत को ध्यान में रखते हुए यहां बेहतर इंतजाम किए गए हैं। प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति 10 रुपये का शुल्क तय है, जबकि कार पार्किंग के लिए 50 रुपये और बाइक पार्किंग के लिए 20 रुपये लिए जाते हैं।

इसके अलावा यहां पर्यटकों के लिए खाने-पीने की सुविधा भी मौजूद है। एक छोटा होटल भी संचालित होता है, हालांकि चाहें तो लोग अपना भोजन और जरूरी सामान भी साथ लेकर आ सकते हैं।

रोमांच और शांति का अनूठा अनुभव

सोलो ट्रैवलर अमित सिंह ने बताया कि झारखंड के पर्यटन स्थलों के बारे में पढ़ते समय उन्होंने सुग्गा बांध का नाम सुना था। इसके बाद यहां आने की इच्छा जागी और जब वे पहुंचे तो प्राकृतिक सुंदरता ने उन्हें मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके मुताबिक, सुरक्षा कारणों से यह क्षेत्र नियंत्रित और सुरक्षित है, जिससे पर्यटक निश्चिंत होकर प्रकृति का आनंद ले सकते हैं।

जंगलों के बीच बहती यह जलधारा और आसपास का माहौल मन को गहरी शांति देता है। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंचकर प्रकृति की गोद में यादगार पल बिताते हैं।

गर्मी में बनता पसंदीदा ठिकाना

गर्मी के मौसम में जब तापमान लगातार चढ़ता है, तब सुग्गा बांध अपने ठंडे और शांत वातावरण के कारण लोगों को खासतौर पर आकर्षित करता है। परिवार, दोस्तों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह किसी स्वर्ग से कम नहीं है।

प्राकृतिक सुंदरता, सुरक्षा, सुविधाओं और रोमांच का शानदार मेल सुग्गा बांध को झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल करता है। यही कारण है कि आज यह जगह केवल स्थानीय लोगों ही नहीं, बल्कि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों की भी पहली पसंद बनती जा रही है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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