पूर्व उपराष्ट्रपति के पैतृक गांव में पहली बारिश ने खोली इंतजामों की पोल, ग्रामीणों का प्रशासन पर फूटा गुस्सा राजस्थान एक घंटा पहले 2
सीकर के खाचरियावास गांव में अधूरे नाले के चलते पहली ही बारिश में भारी जलभराव हो गया और पानी घरों में घुस गया। नाराज ग्रामीणों ने समस्या का जल्द हल न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

सीकर जिले का खाचरियावास गांव, जो पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत का पैतृक गांव है, इन दिनों बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। मानसून की पहली बारिश ने ही यहां के निकासी इंतजामों की हकीकत सामने रख दी। पचार और बाय रोड पर स्टेट हाईवे के किनारे बन रहे अधूरे नाले के कारण गांव में गंभीर जलभराव की स्थिति बन गई।

अधूरा नाला बना मुसीबत की जड़

स्टेट हाईवे किनारे जिस नाले का निर्माण चल रहा है, वह अब तक पूरा नहीं हो पाया है। पानी की निकासी का कोई पुख्ता रास्ता न होने के कारण बारिश का पानी रुकता चला गया और देखते ही देखते सड़कों व गलियों में भर गया।

घरों में घुसा बरसाती पानी

निकासी की व्यवस्था न होने से बरसाती पानी सीधे लोगों के घरों में जा घुसा। इससे मुन्ना मंसूरी समेत कई ग्रामीणों का घरेलू सामान खराब हो गया। अचानक आई इस परेशानी से ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।

शिकायतों की अनदेखी से बढ़ी नाराजगी

ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर प्रशासन और पीडब्ल्यूडी से कई बार शिकायत की गई, लेकिन उनकी बातों को लगातार अनसुना किया जाता रहा। इसी अनदेखी ने लोगों के गुस्से को और भड़का दिया है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

वार्ड पंच श्रवण कुमार और ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नाले का काम पूरा कराने और स्थायी निकासी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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