Dharohar: आई माता मंदिर के बाहर बसी है पुराने राजस्थान की विरासत, सिर्फ 10 रुपये में देखें जीवंत झलक राजस्थान 3 महीने पहले 48
जोधपुर के बिलाड़ा स्थित आई माता मंदिर के बाहर बना विरासत स्थल राजस्थान के पारंपरिक ग्रामीण जीवन को सहेजे हुए है, जहां 10 रुपये का सिक्का डालते ही पुरानी व्यवस्थाएं जीवंत हो उठती हैं।

जोधपुर के बिलाड़ा कस्बे में स्थित आई माता मंदिर के बाहर बना विरासत स्थल राजस्थान के पारंपरिक ग्रामीण जीवन की एक अनूठी तस्वीर पेश करता है। यहां आने वाला हर व्यक्ति उस दौर में लौट जाता है, जब गांवों में रोजमर्रा के काम बिजली और आधुनिक मशीनों के बिना ही पूरे किए जाते थे।

पुरानी व्यवस्थाओं का संरक्षण

इस स्थल पर भैंसों से चलने वाली आटा चक्की, रहट, ढीमड़ा और घाणी जैसी परंपरागत व्यवस्थाओं को सहेजकर रखा गया है। इन उपकरणों को देखकर पर्यटक यह समझ पाते हैं कि आधुनिक तकनीक के आगमन से पहले गांवों में दैनिक कार्य किस तरह संपन्न किए जाते थे।

10 रुपये में जीवंत प्रदर्शन

इस स्थल की सबसे खास बात यह है कि 10 रुपये का सिक्का डालते ही पूरी व्यवस्था चल पड़ती है। इससे आगंतुक इन पुराने उपकरणों का सजीव प्रदर्शन अपनी आंखों के सामने देख सकते हैं और बीते समय की कार्यप्रणाली को नजदीक से महसूस कर सकते हैं।

इतिहास और संस्कृति का आकर्षण

इतिहास, संस्कृति और ग्रामीण विरासत में रुचि रखने वालों के लिए यह स्थल एक विशेष आकर्षण बन चुका है। यहां पहुंचकर लोग न केवल पुरानी परंपराओं से रूबरू होते हैं, बल्कि राजस्थान की समृद्ध ग्रामीण धरोहर को भी करीब से जान पाते हैं।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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