राजस्थान
एक घंटा पहले
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कोरोना महामारी के बाद से किसी भी जानलेवा वायरस की आहट लोगों को बेचैन कर देती है। अब राजस्थान में पहली बार इबोला वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह चौकन्ना हो गया है। हालांकि सुकून देने वाली बात यह है कि अब तक महिला में इबोला संक्रमण की कोई पुष्टि नहीं हुई है और उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है। इसके बावजूद चिकित्सा विभाग किसी तरह का जोखिम मोल नहीं लेना चाहता और हर जरूरी एहतियात बरती जा रही है।
कैसे सामने आया मामला
मिली जानकारी के मुताबिक युगांडा से राजस्थान घूमने आई एक विदेशी महिला शुक्रवार सुबह एयर अरेबिया एयरलाइंस की उड़ान से शारजाह होते हुए जयपुर पहुंची थी। महिला सुबह करीब 4:30 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंची। एयरपोर्ट पर नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंग के दौरान उसमें इबोला संक्रमण से मिलते-जुलते कुछ लक्षण नजर आए। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया गया और महिला को विशेष निगरानी में ले लिया गया।
टर्मिनल-1 से सीधे RUHS अस्पताल
स्क्रीनिंग में संदिग्ध पाए जाने के बाद महिला को जयपुर एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 से सीधे RUHS अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उसे इबोला मरीजों के लिए तैयार किए गए डेडिकेटेड क्रिटिकल केयर ब्लॉक में भर्ती किया गया है। किसी भी संभावित खतरे को टालने के लिए अस्पताल प्रशासन ने महिला को आइसोलेशन में रखा है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार महिला का स्वास्थ्य फिलहाल पूरी तरह सामान्य है और उसे किसी गंभीर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। फिर भी अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत उस पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पुणे भेजे गए सैंपल, रिपोर्ट का इंतजार
महिला के सैंपल जांच के लिए पुणे की विशेष प्रयोगशाला भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि जांच रिपोर्ट शनिवार तक मिल सकती है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह मामला वास्तव में इबोला संक्रमण का है या फिर किसी दूसरी बीमारी की वजह से ऐसे लक्षण उभरे हैं।
RUHS अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनिल गुप्ता ने साफ किया है कि सिर्फ लक्षणों के आधार पर किसी को इबोला संक्रमित नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि अभी संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही निकलेगा।
कोरोना जितना तेज नहीं, पर ज्यादा गंभीर
विशेषज्ञों की मानें तो इबोला वायरस कोरोना की तरह तेजी से फैलने वाला संक्रमण नहीं है, लेकिन अगर संक्रमण की पुष्टि हो जाए तो इसे बेहद गंभीर बीमारी माना जाता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी संदिग्ध मामले को हल्के में नहीं ले रहा।
RUHS के प्रिंसिपल डॉ. मोहनीश ग्रोवर और चिकित्सा दल लगातार हालात पर निगाह बनाए हुए हैं। अस्पताल में विशेष प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए हैं और महिला का इलाज तथा निगरानी तय नियमों के अनुसार की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने बढ़ाई चौकसी
इस संदिग्ध मामले के सामने आने के बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग और सतर्क हो गया है। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग व्यवस्था पर खास ध्यान दिया जा रहा है और संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल भी बढ़ाया गया है।
फिलहाल सबसे अहम बात यही है कि महिला में इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। अब सभी की निगाहें पुणे से आने वाली जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि मामला महज संदिग्ध लक्षणों तक सीमित है या वाकई किसी बड़े संक्रमण की आशंका है।
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