भोज में परोसी जाने वाली खास बुंदिया का पूरा गणित: जानिए 50, 100 और 500 लोगों के लिए सामग्री का सटीक हिसाब बिहार 14 घंटे पहले 2
बिहार के पारंपरिक भोजों में बुंदिया का विशेष महत्व है। एक अनुभवी कारीगर ने विस्तार से बताया है कि मेहमानों की संख्या के आधार पर बेसन, चीनी और तेल की कितनी मात्रा की आवश्यकता होती है।

बिहार के भोज में बुंदिया की खास अहमियत

बिहार के किसी भी पारंपरिक आयोजन में भोज का पूरा स्वाद बुंदिया के बिना अधूरा माना जाता है। चाहे शादी का जश्न हो, तिलक की रस्म हो या फिर मुंडन संस्कार, पत्तल पर परोसी जाने वाली पूड़ी-सब्जी के साथ बुंदिया लोगों की थाली की शोभा और स्वाद दोनों को बढ़ा देती है। यही कारण है कि आयोजन से पहले ही मेजबान यह जानना चाहते हैं कि मेहमानों की संख्या के हिसाब से मिठाई बनाने में कितना खर्च और सामग्री लगेगी। लोग अक्सर अपने बजट के अनुसार रिफाइंड ऑयल या फिर शुद्ध देशी घी में बुंदिया बनवाने का निर्णय लेते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को समझने के लिए हमने एक अनुभवी कारीगर से बात की और सामग्री के सही अनुपात का पता लगाया।

500 मेहमानों के लिए क्या है सामग्री का गणित

भोज बनाने के विशेषज्ञ कारीगर सोनू गुप्ता के अनुसार, जब बात बड़े आयोजनों की आती है, तो सारा खेल अनुभव और सटीक अनुमान का होता है। यदि भोज में लगभग 500 मेहमान शामिल होने वाले हैं, तो उनके लिए बुंदिया तैयार करने का मानक पैमाना तय है। इसके लिए आपको मुख्य रूप से 10 किलो बेसन, 25 किलो चीनी और 10 लीटर रिफाइंड ऑयल की जरूरत पड़ेगी। जब इन सामग्रियों का सही इस्तेमाल किया जाता है, तो करीब 50 किलो बुंदिया बनकर तैयार होती है, जो 500 लोगों के लिए पर्याप्त मानी जाती है।

बुंदिया बनाने की सरल प्रक्रिया

कारीगर सोनू गुप्ता ने बुंदिया बनाने की पूरी विधि भी समझाई है। सबसे पहले बेसन में पानी मिलाकर एक उचित गाढ़ापन वाला घोल तैयार किया जाता है। यह घोल न तो बहुत ज्यादा पतला होना चाहिए और न ही अत्यधिक गाढ़ा। इसके बाद एक बड़े कड़ाह में रिफाइंड ऑयल को अच्छी तरह गर्म किया जाता है। जब तेल गर्म हो जाता है, तब कारीगर झारे की मदद से बेसन के घोल की छोटी-छोटी बूंदें गर्म तेल में डालते हैं। ये बूंदें तेल में जाते ही सुनहरे रंग की बुंदिया का रूप ले लेती हैं। एक बार बुंदिया तैयार हो जाने पर इसे तेल से निकालकर अलग रख दिया जाता है। मिठास भरने के लिए दूसरी ओर बड़ी मात्रा में चीनी की चाशनी बनाई जाती है, जिसमें बुंदिया को डालकर अच्छी तरह मिलाया जाता है ताकि मिठास हर दाने के भीतर तक समा जाए।

मेहमानों की संख्या के हिसाब से सामग्री का अनुपात

भोज में लोगों की संख्या के आधार पर सामग्री का अनुपात बदल जाता है। सोनू गुप्ता ने इसे बहुत ही बारीकी से समझाया है:

  • 100 लोगों के लिए: अगर मेहमानों की संख्या 100 है, तो आपको लगभग 2 किलो बेसन, 5 किलो चीनी और 2 लीटर रिफाइंड ऑयल का उपयोग करना चाहिए। इससे लगभग 10 किलो बुंदिया तैयार हो जाएगी।
  • 50 लोगों के लिए: छोटे भोज या आयोजन में 50 लोगों के लिए करीब 1 किलो बेसन, 2.5 किलो चीनी और 1 लीटर तेल पर्याप्त होता है। इस सामग्री से करीब 5 किलो बुंदिया बन जाती है।

इस तरह से यह स्पष्ट है कि भोज में मेहमानों की संख्या जैसे-जैसे बढ़ती है, कारीगर उसी अनुपात में सामग्री का हिसाब लगाकर बुंदिया तैयार करते हैं। यह अनुभवी गणना न केवल भोजन की बर्बादी को रोकती है, बल्कि स्वाद को भी एक समान बनाए रखती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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