उपनाम: बिहार
कुंदरी की खेती से बदली छपरा के किसान की तकदीर, मचान विधि का कमाल और जबरदस्त मुनाफा
बिहार के छपरा जिले के एक किसान ने मचान तकनीक अपनाकर कुंदरी और लौकी की खेती में बड़ी सफलता हासिल की है। जैविक खेती के जरिए वे कम लागत में लगातार बंपर कमाई कर रहे हैं और दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा बने हैं।
गया: जब टिकट के लिए होती थी जंग, जानिए पैराडाइज सिनेमाघर से जुड़ी वो सुनहरी यादें
आज के डिजिटल दौर से बहुत पहले गया शहर में सिनेमाघर मनोरंजन का प्रमुख केंद्र हुआ करते थे। एक वरिष्ठ फोटो जर्नलिस्ट ने साझा की अपनी पुरानी यादें, जब सिनेमा देखने जाना किसी संघर्ष से कम नहीं था।
बिहार का अनोखा बहुरूपिया गांव: शादी से पहले यहां होती है बाबा की पूजा, सदियों पुरानी है परंपरा
बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में स्थित बहुरूपिया गांव अपनी अनूठी परंपराओं के लिए मशहूर है, जहां शादी-विवाह से पहले चीनी वाली रोटी का भोग लगाने की प्रथा बेतिया राज के समय से चली आ रही है।
बिहार में बड़ी सौगात: शिवहर को मिली 200 करोड़ की विकास परियोजनाएं, पहली नदी जोड़ो योजना का हुआ आगाज
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिवहर के अपने पहले दौरे के दौरान राज्य की पहली नदी जोड़ो परियोजना का उद्घाटन किया और 200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं की आधारशिला रखी।
मधुबनी पुलिस की बड़ी कामयाबी, दिल्ली नंबर की कार से 135 किलो गांजा जब्त
बिहार के मधुबनी में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए दिल्ली नंबर की कार से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है। पुलिस अब तस्करी के इस पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
छपरा के पप्पू यादव की कामयाबी: नौकरी न मिलने पर अपनाया मछली पालन का रास्ता, बन गए प्रेरणा
बिहार के छपरा जिले के रहने वाले पप्पू कुमार यादव ने बेरोजगारी से हार मानने के बजाय मछली पालन को अपना करियर बनाया है। नई तकनीकों का इस्तेमाल कर वे आज न केवल खुद मोटी कमाई कर रहे हैं, बल्कि दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बने हैं।
बिहार: पर्यटन विभाग के इंजीनियर के घर छापेमारी में खुला काले धन का पिटारा, 3 फ्लैट और 12 जमीनों का मालिक निकला अफसर
बिहार के पर्यटन विभाग में तैनात एक अधीक्षण अभियंता के ठिकानों पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने छापेमारी कर भारी मात्रा में बेनामी संपत्ति बरामद की है। जांच में अधिकारी की आय से 75 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है।
मुजफ्फरपुर में एआई और डीपफेक का खेल, होटल व्यवसायी को हनी ट्रैप में फंसाकर ठगे 97 लाख
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक होटल व्यवसायी को डीपफेक तकनीक के जरिए हनी ट्रैप में फंसाकर 97 लाख रुपये ऐंठने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने एक स्मार्ट ट्रैकर की मदद से 20 लाख रुपये बरामद कर लिए हैं और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।
मुजफ्फरपुर के खास मिनी समोसे का है जलवा, 13 साल से बरकरार है स्वाद का जादू
मुजफ्फरपुर के कलमबाग चौक पर मिलने वाले मिनी समोसे अपनी खास तीसी की चटनी और भुनी मिर्च के लिए मशहूर हैं, जहां लोग बरसों से खिंचे चले आते हैं।
सीवान का अनोखा विरोध: बिजली कर्मियों की आरती उतारकर ग्रामीणों ने जताया गुस्सा
बिहार के सीवान जिले में बिजली की किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ विरोध का एक निराला तरीका अपनाया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है।
शिवहर में नारी शक्ति का दबदबा: सांसद से लेकर प्रशासनिक शीर्ष पदों तक महिलाओं का राज
बिहार का शिवहर जिला महिला सशक्तिकरण की एक अनूठी मिसाल बनकर उभरा है, जहाँ राजनीति से लेकर प्रशासनिक व्यवस्था तक की कमान पूरी तरह से महिलाओं के हाथों में है। जिले के कुल प्रशासनिक पदों में से 75 प्रतिशत पर महिला अधिकारी तैनात हैं, जो विकास कार्यों को नई गति...
बिहार: पत्नी ने प्रेमी के साथ रची खौफनाक साजिश, पति का गला रेतकर 5 किलोमीटर दूर फेंका सिर
किशनगंज के मोहम्मद इमाम की पश्चिम बंगाल में निर्मम हत्या का मामला सामने आया है, जहां उनकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।
बेरोजगारी को दी मात, अब मधुमक्खी पालन से हर महीने लाखों की कमाई कर रहे हैं जहानाबाद के संतोष
ग्रेजुएशन के बाद नौकरी की तलाश में जूझ रहे जहानाबाद के संतोष कुमार केसरी ने आज मधुमक्खी पालन को अपना मुख्य व्यवसाय बनाकर मिसाल कायम की है। सरकारी सब्सिडी और मेहनत के दम पर उन्होंने 10 बक्सों से शुरू करके आज 400 बक्सों तक का सफर तय किया है।
पूर्णिया में बीडीओ पर विजिलेंस का बड़ा एक्शन, 46000 रुपये घूस लेते रंगेहाथ गिरफ्तार
बिहार के पूर्णिया जिले में बैसा प्रखंड के विकास पदाधिकारी को निगरानी विभाग ने रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है, तलाशी के दौरान उनके आवास से भारी मात्रा में नकदी भी मिली है।
मखाना खरीदने का सही समय: जुलाई और अगस्त में सबसे कम होती हैं कीमतें, बाद में दोगुने हो जाते हैं दाम
अगर आप मखाना खाने के शौकीन हैं या घर के लिए इसे स्टॉक करना चाहते हैं, तो जुलाई और अगस्त का समय इसके लिए सबसे उपयुक्त है। बाजार के जानकारों के अनुसार, त्योहारों के सीजन में मखाने के दाम काफी बढ़ जाते हैं, इसलिए अभी इसे खरीदना सबसे अधिक किफायती है।