बढ़ती उम्र की रफ्तार को करना है धीमा, तो अपनाएं डॉक्टर द्वारा सुझाए गए ये 6 असरदार तरीके स्वास्थ्य एक घंटा पहले 8
गैस्ट्रोलॉजिस्ट सौरभ सेठी ने लंबी और स्वस्थ उम्र जीने के लिए जीवनशैली में 6 बड़े बदलाव करने की सलाह दी है, जो आपको अंदर से युवा बनाए रखेंगे।

युवा बने रहने के लिए आंतरिक सेहत है जरूरी

आज के दौर में हर व्यक्ति बढ़ती उम्र के लक्षणों को थामने की कोशिश में लगा है। अधिकांश लोग इसके लिए बाहरी सुंदरता या त्वचा पर ध्यान केंद्रित करते हैं और महंगी क्रीम या एंटी एजिंग उत्पादों का सहारा लेते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि उम्र को कम करने का असली राज शरीर के भीतर छिपा है। जब आपका शरीर अंदर से फिट और मजबूत होता है, तो आप स्वाभाविक रूप से ऊर्जावान और जवान महसूस करते हैं। प्रसिद्ध गैस्ट्रोलॉजिस्ट सौरभ सेठी ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से 6 ऐसी आदतों को साझा किया है, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में आपकी बड़ी मदद कर सकती हैं।

एंटी एजिंग के लिए अपनाएं ये 6 महत्वपूर्ण आदतें

डॉक्टर सेठी के अनुसार, लंबी और स्वस्थ जिंदगी के लिए निम्नलिखित आदतों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है:

  • हेल्दी फैट का चुनाव: हमारे द्वारा लिए जाने वाले वसा का सीधा असर शरीर की कोशिकाओं यानी सेल्स पर पड़ता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड कोशिका झिल्ली का अभिन्न हिस्सा होते हैं और ये शरीर में सूजन को कम करने के साथ ही सेल्स के कामकाज को सुचारू रखते हैं। यदि आप मांसाहारी हैं, तो फैटी फिश को आहार में शामिल करें। वहीं, शाकाहारी लोग अखरोट, चिया सीड्स और अलसी जैसे स्रोतों का सेवन कर सकते हैं।
  • मांसपेशियों को मजबूती दें: अक्सर लोग शरीर के दुबले होने को ही फिटनेस मान लेते हैं, लेकिन शरीर का असली आधार आपकी मांसपेशियां हैं। मजबूत मांसपेशियां आपकी सबसे बड़ी रिटायरमेंट सेविंग की तरह काम करती हैं। ये न केवल ब्लड शुगर और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित रखती हैं, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ चलने-फिरने की क्षमता और आत्मनिर्भरता भी सुनिश्चित करती हैं। विशेषज्ञ हफ्ते में कम से कम 2 बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करने की सलाह देते हैं, जिसमें स्क्वैट्स, पुश-अप्स और रेजिस्टेंस बैंड का उपयोग किया जा सकता है।
  • नींद की गुणवत्ता पर ध्यान दें: एक स्वस्थ शरीर और लंबी उम्र के लिए अच्छी नींद से बेहतर कुछ नहीं है। गहरी और पर्याप्त नींद शरीर के इम्यून सिस्टम, मेटाबॉलिक हेल्थ और मानसिक स्पष्टता को बेहतर बनाती है। यही वह समय होता है जब शरीर की कोशिकाएं खुद को रिपेयर करती हैं। हर दिन 7 से 9 घंटे की नींद लेना अनिवार्य है और इसके लिए सोने-जागने का एक निश्चित समय निर्धारित करना चाहिए।
  • तनाव से दूरी बनाएं: लंबे समय तक तनाव का बने रहना स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। यह न केवल मानसिक शांति छीनता है, बल्कि टेलोमेयर को भी छोटा कर देता है। टेलोमेयर क्रोमोसोम के वे सुरक्षात्मक हिस्से होते हैं जो कोशिका की आयु को नियंत्रित करते हैं। तनाव को कम करने के लिए सोने से पहले 3 मिनट तक धीमी गति से सांस लेने वाला अभ्यास करना बहुत प्रभावी होता है।
  • आंतों का स्वास्थ्य (गट हेल्थ): आंतों और त्वचा का संबंध काफी गहरा है। हमारी आंतों में मौजूद माइक्रोबायोम न केवल इम्यून सिस्टम को मजबूत करते हैं, बल्कि शरीर में अनावश्यक सूजन को भी कम करते हैं। आंतों को दुरुस्त रखने के लिए रोजमर्रा के भोजन में दही, केफिर, किमची और सॉकरक्राट जैसे फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों को जरूर शामिल करें।
  • चीनी के सेवन पर लगाम: बढ़ती उम्र और चीनी के बीच एक सीधा रिश्ता है। अत्यधिक चीनी का सेवन शरीर में AGEs यानी एडवांस्ड ग्लाइकेशन एंड प्रोडक्ट्स को जन्म देता है, जो कोलेजन को नुकसान पहुंचाकर त्वचा की चमक छीन लेते हैं और उम्र बढ़ने की रफ्तार को तेज कर देते हैं। कोशिश करें कि अपनी डाइट से मीठे पेय पदार्थों को हटाकर उनकी जगह ग्रीन टी, कॉफी या साधारण पानी का सेवन करें।

इन 6 सरल आदतों को अपनाकर आप अपने शरीर को न केवल रोगों से बचा सकते हैं, बल्कि उम्र के प्रभाव को भी काफी हद तक कम कर सकते हैं। सेहतमंद खानपान और अनुशासित जीवनशैली ही दीर्घायु होने का एकमात्र स्थाई रहस्य है।

डॉ. आलोक मिश्रा पाबना के स्वास्थ्य संवाददाता हैं और चिकित्सा, बीमारियों तथा वेलनेस से जुड़ी खबरों को प्रामाणिक तरीके से पाठकों तक पहुंचाते हैं। नई रिसर्च, इलाज और रोकथाम पर वे विशेषज्ञों के हवाले से सटीक जानकारी देते हैं। उनका जोर भरोसेमंद और जिम्मेदार स्वास्थ्य पत्रकारिता पर है।

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