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6 घंटे पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति की यूक्रेन को नसीहत
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को एक महत्वपूर्ण सलाह दी है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से आग्रह किया है कि यूक्रेन को रूस की तेल रिफाइनरियों और डीजल उत्पादन के साथ ही वितरण में उपयोग होने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले नहीं करने चाहिए। ट्रंप के अनुसार, इन हमलों की वजह से वैश्विक स्तर पर ईंधन की भारी किल्लत पैदा हो रही है।
अमेरिका में डीजल की कीमतों का बढ़ा दबाव
यह बयान ऐसे समय में आया है जब शुक्रवार को अमेरिका में डीजल की औसत कीमतें 6 डॉलर प्रति गैलन के पार पहुंच गई हैं, जो एक रिकॉर्ड स्तर है। यूक्रेन पिछले कई महीनों से लंबी दूरी के ड्रोन और अन्य हथियारों के जरिए रूस के तेल और गैस सेक्टर को निशाना बना रहा है। इन हमलों का सीधा असर यह हुआ है कि रूस को देश के भीतर ही ईंधन की कटौती करनी पड़ी है। इतना ही नहीं, जुलाई के महीने में मॉस्को ने डीजल के निर्यात पर भी रोक लगा दी थी, जिससे पहले से ही अस्थिर चल रहे वैश्विक बाजार में सप्लाई का संकट और गहरा गया है।
ईंधन संकट के पीछे अन्य कारण
वैश्विक ईंधन संकट के केवल रूसी रिफाइनरियों पर हमले ही एकमात्र कारण नहीं हैं। ईरान में चल रहे तनाव और युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते होने वाली तेल की सप्लाई में काफी बाधाएं आ रही हैं, जिसने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले, ईंधन की बढ़ती कीमतें अमेरिका के भीतर एक बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनकर उभरी हैं।
जेलेंस्की से सीधी अपील
जब पत्रकारों ने डोनाल्ड ट्रंप से पूछा कि क्या उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ किसी तरह की बातचीत के बाद जेलेंस्की से संपर्क किया है, तो ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति से रूस पर हो रहे इन हमलों को थामने का आग्रह किया है।
डीजल पर हमलों से पूरी दुनिया परेशान
अपनी बात को स्पष्ट करते हुए ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि जेलेंस्की को अब एक कदम उठाना होगा और रूस में मौजूद डीजल केंद्रों को नष्ट करना बंद करना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, ''हमने इस मामले पर जेलेंस्की से चर्चा की है। युद्ध में अन्य लक्ष्यों को भी निशाना बनाया जा सकता है, लेकिन डीजल को छोड़ दें क्योंकि इससे न केवल रूस बल्कि पूरी दुनिया प्रभावित हो रही है।''
रूस की रिफाइनिंग क्षमता पर असर
यूक्रेन के इन लगातार हमलों का असर रूस की घरेलू रिफाइनिंग क्षमता पर बहुत गहरा पड़ा है। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि रूस को अब पेट्रोलियम उत्पादों का आयात बढ़ाना पड़ा है। आंकड़े बताते हैं कि अगस्त के महीने में रूस ने रिकॉर्ड 1.72 लाख टन पेट्रोलियम उत्पादों का आयात किया। CREA की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में रूस द्वारा किए गए तेल उत्पादों के कुल आयात में अकेले भारत की हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत रही है।
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