बिहार
एक दिन पहले
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विचारों
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बिहार के पूर्वी चम्पारण में किसान बौना झाड़ मिर्च की खेती से शानदार कमाई कर रहे हैं। इसकी खासियत यह है कि रोपाई के महज तीन महीने बाद ही फसल तैयार हो जाती है।
मिर्च की खेती से किसानों की बढ़ रही है कमाई
बिहार में खेती का दायरा काफी विस्तृत है। यहाँ धान, गेहूं, मक्का और गन्ना जैसी पारंपरिक फसलों के अलावा सब्जियों की खेती भी बड़े स्तर पर होती है। पूर्वी चम्पारण के हरसिद्धि ब्लॉक के घिववाढार गांव में किसान मिर्च की खेती को काफी तरजीह दे रहे हैं, जिसमें बौना झाड़ किस्म की मिर्च सबसे ज्यादा लोकप्रिय और फायदेमंद साबित हो रही है।
क्यों खास है बौना झाड़ मिर्च?
स्थानीय किसान Raviranjan Kumar बताते हैं कि इस किस्म के पौधों की ऊंचाई कम होती है, जिसकी वजह से मिर्च की तुड़ाई करना बेहद आसान है। इसे बैठकर आसानी से तोड़ा जा सकता है। इसकी अन्य विशेषताओं में शामिल हैं:
- यह मिर्च बिल्कुल सीधी होती है और तुड़ाई के बाद भी एक से दो दिन तक बिल्कुल ताजा बनी रहती है।
- इसमें सिकुड़न बहुत कम आती है और इसका स्वाद लाजवाब होता है।
- चम्पारण में भुजा-पकौड़ी के साथ इस मिर्च की जबरदस्त मांग रहती है, इसलिए बाजार में यह सबसे जल्दी बिक जाती है।
- इसका उपयोग अचार और मसाले बनाने में भी किया जाता है।
कम समय में ज्यादा मुनाफा
बौना झाड़ मिर्च की खेती किसानों के लिए बेहद किफायती है। इसके खेती से जुड़ी कुछ मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- इस मिर्च की रोपाई मुख्य रूप से कार्तिक माह में की जाती है।
- रोपाई के ठीक तीन महीने बाद से ही मिर्च का फलन शुरू हो जाता है।
- बड़े झाड़ वाली मिर्च की तुलना में बौना झाड़ मिर्च का बाजार मूल्य अधिक मिलता है।
- पौधों में भरपूर मात्रा में फल लगते हैं, जिससे किसान कम मेहनत में बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं।
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