रेनबो डाइट क्या है और इसमें कौन-कौन से फूड्स आते हैं? जानें डायबिटीज और बीपी पर इसका असर जीवनशैली एक दिन पहले 10
रेनबो डाइट में अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियों को थाली का हिस्सा बनाया जाता है, जिससे शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं. एक्सपर्ट के मुताबिक यह डाइट डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में सहायक हो सकती है.

खानपान को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है. अब लोग हेल्दी फूड्स की ओर झुक रहे हैं और अनहेल्दी चीजों से दूरी बना रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी समय-समय पर कई तरह की डाइट चर्चा में रहती हैं, और इन्हीं में से एक है रेनबो डाइट. अक्सर इसका नाम सुनकर लोग असमंजस में पड़ जाते हैं कि आखिर यह है क्या.

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक रेनबो डाइट का सीधा मतलब है अपनी थाली में तरह-तरह के रंगों वाले फल और सब्जियों को शामिल करना. हर रंग के खाद्य पदार्थ में अलग किस्म के विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट और फाइटोन्यूट्रिएंट्स मौजूद होते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं. प्लेट में जितने ज्यादा रंगों के फल-सब्जियां होंगे, शरीर को उतने ही अधिक पोषक तत्व मिल सकते हैं.

रेनबो डाइट में शामिल होते हैं ये रंग

नोएडा के डाइट मंत्रा क्लीनिक की फाउंडर और डाइटिशियन कामिनी सिन्हा के अनुसार, रेनबो डाइट में लाल, नारंगी, पीले, हरे, नीले, बैंगनी और सफेद रंग के फल-सब्जियों को जगह दी जाती है. उदाहरण के तौर पर टमाटर, तरबूज और अनार लाल रंग की श्रेणी में आते हैं, जबकि गाजर, संतरा और कद्दू नारंगी रंग के खाद्य पदार्थ माने जाते हैं.

इसी तरह पालक, ब्रोकोली और हरी सब्जियां हरे रंग में गिनी जाती हैं, वहीं बैंगन, जामुन और ब्लूबेरी जैसे खाद्य पदार्थ बैंगनी रंग का प्रतिनिधित्व करते हैं. हर रंग शरीर को अलग-अलग पोषण देता है. एक्सपर्ट के मुताबिक यह डाइट बच्चों की ग्रोथ के लिए सबसे बेहतर मानी जाती है.

डायबिटीज और बीपी में कैसे फायदेमंद

डाइटिशियन का कहना है कि रेनबो डाइट में शामिल फल और सब्जियां फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं. फाइबर वाले फूड्स पाचन की प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं, जिससे ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है.

इसके अलावा रंग-बिरंगे फल और सब्जियां पोटैशियम, मैग्नीशियम और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत हो सकते हैं. ये तत्व शरीर में सोडियम के प्रभाव को संतुलित करने और ब्लड प्रेशर को काबू में रखने में सहायक होते हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां, चुकंदर और कई तरह के फल हार्ट हेल्थ को बेहतर बनाने में असरदार माने जाते हैं.

शरीर को मिलते हैं और भी कई लाभ

एक्सपर्ट की मानें तो रेनबो डाइट का फायदा सिर्फ डायबिटीज और बीपी कंट्रोल तक सीमित नहीं है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं. यह इम्यूनिटी मजबूत बनाने, स्किन हेल्थ सुधारने और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी सहायक हो सकती है.

रोजाना की डाइट में अलग-अलग रंगों के फल और सब्जियां शामिल करने से शरीर को संतुलित पोषण मिलता है. इसका असली मकसद केवल रंगीन फूड्स खाना नहीं, बल्कि ज्यादा से ज्यादा पोषक तत्व हासिल करना है.

नोट: अगर आपको डायबिटीज, हाई बीपी या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह जरूर लें.

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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