जड़ से पत्ते तक औषधीय गुणों से भरपूर है कलिहारी, दांत-मसूड़ों के लिए लाभकारी; पर अधिक मात्रा पहुंचा सकती है नुकसान जीवनशैली एक घंटा पहले 2
कलिहारी का पौधा सूजन और दर्द घटाने वाले प्राकृतिक तत्वों से भरपूर है और इसकी जड़ से लेकर पत्तों तक हर हिस्सा औषधीय गुणों की खान माना जाता है, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदेह हो सकता है।

कलिहारी एक ऐसा पौधा है जो ढेरों औषधीय गुणों को अपने भीतर समेटे हुए है। खास बात यह है कि इसका कोई एक हिस्सा ही नहीं, बल्कि जड़ से लेकर पत्तों तक इसका हर भाग औषधीय गुणों का भंडार माना जाता है। यही वजह है कि इससे कई तरह की दवाइयां तक तैयार की जाती हैं।

पुराने समय से होता आया है उपयोग

प्राचीन काल में लोग कई बीमारियों को दूर करने के लिए इस पौधे का सहारा लेते थे। आज भी दवा कंपनियों से लेकर आम जनजीवन तक में इसका भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। यानी सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी उतनी ही प्रासंगिक बनी हुई है।

सूजन और दर्द में राहत

वैद्य सुषमा चतुर्वेदी बताती हैं कि कलिहारी के पौधे में कई ऐसे प्राकृतिक तत्व मौजूद रहते हैं, जो शरीर की सूजन और दर्द को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इन्हीं गुणों के कारण इसे एक उपयोगी औषधीय पौधा माना जाता है।

दांत और मसूड़ों के लिए फायदेमंद

इस पौधे को दांतों और मसूड़ों की सेहत के लिहाज से भी लाभकारी बताया जाता है। यही कारण है कि लोक जीवन में इसका प्रयोग लंबे समय से किया जाता रहा है।

सावधानी भी जरूरी

हालांकि फायदों के साथ-साथ सावधानी बरतना भी उतना ही आवश्यक है। कलिहारी का सेवन अधिक मात्रा में करना नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए इसके उपयोग, इससे जुड़ी सावधानियों और लाभों को अच्छी तरह समझकर ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए।

चेतन शुक्ला
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चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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