मोटापा और डायबिटीज की चपेट में भारत, हर तीन में से एक व्यक्ति 5 बीमारियों के टाइम बम पर, आगे और बिगड़ेंगे हालात जीवनशैली 4 घंटे पहले 2
एक नई राष्ट्रीय रिपोर्ट के मुताबिक देश में लगभग आधे वयस्क किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं, जिनकी जड़ में मोटापा और डायबिटीज है। विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि आने वाले समय में यह संकट और गहरा सकता है।

भारत इस वक्त एक बेहद गंभीर लेकिन खामोश स्वास्थ्य आपातकाल के मुहाने पर खड़ा है। चुपचाप पनप रही कम से कम पांच बीमारियां लोगों को पंगु बनाने लगी हैं और आने वाले समय में यही बीमारियां देश की अर्थव्यवस्था पर भी भारी बोझ डाल सकती हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे की नई रिपोर्ट इसी खतरे की ओर डराने वाले संकेत दे रही है।

रिपोर्ट के अनुसार देश में मोटापे और डायबिटीज ने सार्वजनिक स्वास्थ्य की कमर तोड़ दी है और लगभग आधे वयस्क किसी न किसी रोग से जूझ रहे हैं। इन तमाम बीमारियों की जड़ में यही दो समस्याएं मौजूद हैं, और चिंताजनक बात यह है कि आगे चलकर स्थिति और भयावह हो सकती है।

आधी आबादी मोटापे की चपेट में

रिपोर्ट बताती है कि भारत में हर तीन में से एक महिला और हर चार में से एक पुरुष मोटापे का शिकार है। इसके साथ ही डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। पहले से ही भारत को 'डायबिटीज कैपिटल ऑफ वर्ल्ड' कहा जाने लगा है।

देश में करीब 10 करोड़ लोग डायबिटीज का इलाज करा रहे हैं, लेकिन असल मरीजों की संख्या इससे कहीं ज्यादा है। इसकी वजह यह है कि अधिकतर लोग डायबिटीज की जांच ही नहीं कराते, जिसके चलते उन्हें पता ही नहीं चल पाता कि उनके शरीर में कोई बीमारी पनप रही है। इन्हीं दो बीमारियों के कारण हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर, किडनी और लिवर से जुड़ी कई बीमारियां फैल रही हैं।

दूसरी गंभीर बीमारियों का भी बढ़ता खतरा

नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार वयस्कों में मोटापे और हाई ब्लड शुगर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब हर तीन में से एक महिला और हर चार में से एक से अधिक पुरुष ओवरवेट या मोटापे की चपेट में हैं। साथ ही लोगों में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने की समस्या भी तेज़ी से पनप रही है, जो अन्य गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों की ओर इशारा करती है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि खराब लाइफस्टाइल, शारीरिक निष्क्रियता, जंक फूड का बढ़ता सेवन, तनाव और अनियमित दिनचर्या इन समस्याओं की बड़ी वजहें हैं। मोटापा और हाई ब्लड शुगर न सिर्फ डायबिटीज का खतरा बढ़ाते हैं, बल्कि हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी बीमारियों की आशंका भी कई गुना बढ़ा देते हैं।

15 साल के बच्चे भी हो रहे शिकार

भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के खिलाफ लड़ाई लगातार कठिन होती जा रही है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (NFHS-6) के ताजा आंकड़े बताते हैं कि वयस्कों के बीच मोटापे और हाई ब्लड शुगर के मामलों में तेज उछाल आया है। पिछले सर्वे की तुलना में हाई ब्लड शुगर वाले लोगों की संख्या भी काफी बढ़ गई है।

आंकड़ों के मुताबिक 15 से 49 वर्ष की 30.7% महिलाएं ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त हैं, जबकि NFHS-5 में यह आंकड़ा 24% था। पुरुषों में यह प्रतिशत 22.9% से बढ़कर 27.3% हो गया है। इसी तरह हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज की दवा लेने वाली महिलाओं का अनुपात 13.5% से बढ़कर 17.8% हो गया है, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 15.6% से बढ़कर 20.9% तक पहुंच गया है। हैरानी की बात यह है कि अब बच्चे भी मोटापे और ब्लड शुगर से जूझने लगे हैं।

आखिर क्यों बढ़ रहा है मोटापा

मारेंगो एशिया अस्पताल, गुरुग्राम में डायबिटीज, ओबेसिटी एंड मेटाबोलिक डिसऑर्डर के क्लीनिकल डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल के अनुसार मोटापा बढ़ने के एक नहीं बल्कि कई कारण हैं और इनमें सबसे बड़ा कारण हमारी बदलती जीवनशैली है। उनका कहना है कि आज सब कुछ बदल गया है, लोगों के पास समय नहीं है और इसी वजह से वे हर चीज़ तुरंत पाना चाहते हैं।

डॉ. अग्रवाल बताते हैं कि समय की कमी के कारण बने-बनाए खाने का चलन शुरू हुआ और आज हज़ारों खाद्य पदार्थ पैकेटबंद रूप में बिक रहे हैं, जो सेहत के लिए बिल्कुल अच्छे नहीं हैं। यानी गलत खान-पान इसकी पहली बड़ी वजह है। दूसरा बड़ा कारण है शरीर की निष्क्रियता—व्यस्तता के चलते लोग किसी तरह की शारीरिक गतिविधि नहीं करते। उनके मुताबिक पहले के जमाने में लोग शारीरिक रूप से ज्यादा मेहनत करते थे, लेकिन आज लोग आधे घंटे की वॉक तक नहीं करते। इसके अलावा तनाव, नींद की कमी और कुछ मामलों में आनुवंशिकता भी इसके लिए जिम्मेदार होती है।

कैसे टालें मोटापे और डायबिटीज का खतरा

डॉ. पारस अग्रवाल के मुताबिक मोटापे और डायबिटीज से बचने का तरीका बेहद सरल है—सही चीज़ें खाइए, सही चीज़ें पीजिए, शरीर को थकाइए, तनाव मत लीजिए और पर्याप्त नींद लीजिए। उनका कहना है कि अगर हम अपने पूर्वजों वाला भोजन अपना लें तो इन सभी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

वे सलाह देते हैं कि घर के शुद्ध अनाज से बना भोजन, हरी सब्जी, दाल, फल और सीड्स का रोज़ाना सेवन करना चाहिए। साथ ही दिन में कम से कम आधा घंटा ऐसा कोई काम करना चाहिए जिससे शरीर थक जाए।

  • तेज दौड़ लगाएं या घर में भारी चीज़ें उठाएं
  • ताकत लगाने वाला काम करें
  • अगर कुछ भी संभव न हो तो कम से कम आधा घंटा पैदल टहलें
  • तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें
  • रात में सुकून की नींद लें
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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