कर्नाटक के नए सीएम बनेंगे डीके शिवकुमार, आज होगा शपथ ग्रहण; जानें संभावित मंत्रियों की पूरी प्रोफाइल
भारत
14 घंटे पहले
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कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के अध्यक्ष डीके शिवकुमार बुधवार को शाम 4:05 बजे लोक भवन परिसर में राज्य के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेंगे। शनिवार को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता औपचारिक रूप से चुने जाने के बाद अब शिवकुमार राज्य की सत्ता की बागडोर थामने जा रहे हैं।
यह बदलाव वरिष्ठ नेता सिद्धरमैया के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे के बाद सामने आया है। पार्टी आलाकमान ने मंगलवार को सिद्धरमैया को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए कांग्रेस कार्य समिति (CWC) का सदस्य नियुक्त किया है।
बुधवार को आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में डीके शिवकुमार के साथ कई नेता भी मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ले सकते हैं। आइए जानते हैं संभावित मंत्रियों के नाम और उनका राजनीतिक सफर।
यतिन्द्र सिद्धरामैया
- पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामैया के बेटे हैं।
- पेशे से डॉक्टर और पैथोलॉजी के विशेषज्ञ हैं।
- मैसूरु की वरुणा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रह चुके हैं। फिलहाल कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय हैं और विधान परिषद (MLC) के सदस्य हैं।
डॉ. जी. परमेश्वर
- कर्नाटक कांग्रेस के सबसे प्रभावशाली दलित नेताओं में गिने जाते हैं, जिन्होंने संगठन, सरकार और सामाजिक न्याय की राजनीति में अहम योगदान दिया है।
- 1989 में कांग्रेस से जुड़े और राजीव गांधी ने उन्हें KPCC में संयुक्त सचिव बनाया।
- मधुगिरी और कोरटगेरे विधानसभा क्षेत्रों से कई बार विधायक चुने गए, जिससे वे एक मजबूत जननेता के रूप में स्थापित हुए।
- 2010 से 2018 तक KPCC के अध्यक्ष रहे।
- 2015 में राज्य के गृह मंत्री बने।
- 2018 में राज्य के पहले दलित उपमुख्यमंत्री बने।
- 2023 से अब तक सिद्धारमैया कैबिनेट में गृह मंत्री रहे।
यू. टी. खादर
- कर्नाटक के प्रमुख मुस्लिम कांग्रेस नेताओं में से एक हैं, जो विधायक, मंत्री और विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका निभा चुके हैं।
- 2007 में पहली बार मंगलुरु से उपचुनाव जीतकर विधायक बने।
- 2007, 2008, 2013, 2018 और 2023 में लगातार जीत दर्ज कर दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रमुख जननेता बने।
- 2013 से 2018 तक स्वास्थ्य मंत्री रहे और खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री भी रहे।
- 2023 में कर्नाटक विधानसभा के स्पीकर बनाए गए।
के. जे. जॉर्ज
- कर्नाटक कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने गृह मंत्री, बेंगलुरु विकास मंत्री और ऊर्जा मंत्री के रूप में राज्य की राजनीति व प्रशासन में अहम भूमिका निभाई है।
- बेंगलुरु की सर्वगन्या नगर सीट से 1985 में पहली बार विधायक चुने गए और इस सीट से कई बार जीत हासिल की।
- बेंगलुरु विकास और गृह मंत्री रह चुके हैं।
- 2023 से राज्य के ऊर्जा मंत्री रहे हैं।
कृष्णा बायरे गौड़ा
- कर्नाटक कांग्रेस के युवा और नीतिगत रूप से सक्रिय नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने विधायक, कृषि मंत्री और राजस्व मंत्री के रूप में प्रशासनिक सुधारों व सुशासन को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
- 2008 में पहली बार विधायक बने और इसके बाद हर चुनाव लगातार जीतते रहे।
- 2013 से 2018 के कांग्रेस कार्यकाल में राजस्व मंत्री और कृषि मंत्री रहे।
- 2023 में सिद्धारमैया कैबिनेट में राजस्व मंत्री रहे।
- बेहतर प्रदर्शन और बेदाग छवि के लिए जाने जाते हैं।
एम. बी. पाटिल
- कर्नाटक के प्रभावशाली कांग्रेस नेताओं में से एक हैं, जिन्होंने जल संसाधन मंत्री और उद्योग मंत्री के रूप में काम किया है।
- विजयपुरा जिले की बाबलेश्वर सीट से 2008 में पहली बार विधायक बने और लगातार 4 बार से विधायक हैं।
- कांग्रेस का बड़ा लिंगायत चेहरा माने जाते हैं।
- 2013 से 2018 की कांग्रेस सरकार में जल संसाधन मंत्री रहे।
- 2023 से सिद्धारमैया कैबिनेट में भारी उद्योग मंत्री रहे।
- लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा दिलाने की कोशिशों के चलते राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में चर्चा में रहे।
प्रियांक खरगे
- AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बेटे और कांग्रेस का बड़ा युवा दलित चेहरा हैं।
- कलबुर्गी जिले के चित्तापुर से 4 बार से विधायक हैं।
- पिछली कांग्रेस सरकारों में पर्यटन, IT/BT, ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री रह चुके हैं।
- RSS पर लगातार तीखे हमले करने के चलते राहुल गांधी के पसंदीदा माने जाते हैं।
सतीश जारकीहोली
- कांग्रेस के बड़े अनुसूचित जनजाति (ST) नेता हैं।
- सिद्धारमैया के बाद अहिंदा राजनीति का दूसरा सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं।
- 2004 से बेलगावी जिले की यमकानमर्डी सीट से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।
- बेलगावी जिले के बेहद प्रभावशाली नेता हैं।
- पिछली कांग्रेस सरकारों में मंत्री रह चुके हैं।
- प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्याध्यक्ष भी रहे हैं।
रामलिंगा रेड्डी
- बेंगलुरू शहर के बड़े कांग्रेस नेताओं में से एक हैं।
- BTM ले आउट सीट से विधायक हैं।
- 1985 में पहली बार विधायक बने और तब से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं।
- पिछली कांग्रेस सरकारों में गृह मंत्री, परिवहन मंत्री और हिंदू धर्मदान विभाग मंत्री रह चुके हैं।
के. एच. मुनियप्पा
- वरिष्ठ दलित नेता हैं, जो 1991 में पहली बार कोलार से लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बने।
- 1991 से 2019 तक लगातार 7 बार लोकसभा चुनाव जीते।
- केंद्र की कांग्रेस सरकार में रेल राज्य मंत्री और सामाजिक न्याय मंत्री रहे।
- 2023 में विधायक का चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रहे।
दिनेश गुण्डु राव
- 1999 में पहली बार बेंगलुरु के गांधी नगर से विधायक बने और तब से लगातार चुनाव जीत रहे हैं।
- पूर्व मुख्यमंत्री गुण्डु राव के बेटे हैं।
- पिछली सरकारों में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं।
- 2018 से 2020 तक KPCC अध्यक्ष भी रहे।
ईश्वर खण्डरे
- बीदर जिले की बाल्की सीट से 1999 से विधायक हैं।
- हैदराबाद कर्नाटक रीजन के प्रभावशाली लिंगायत नेता हैं।
- अखिल भारतीय वीर शैव लिंगायत महासभा के अध्यक्ष भी हैं।
- पिछली सरकारों में ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज मंत्री तथा वन मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।
बईरती सुरेश
- सिद्धारमैया के सबसे करीबी नेताओं में से एक हैं।
- कुरुबा समुदाय के नेता हैं।
- 2013 में K. R. पुरम विधानसभा सीट पर पहली बार चुनाव जीता।
- 2018 और 2023 में हेब्बाल सीट से विधायक बने।
- पूर्व की कांग्रेस सरकार में नगर विकास मंत्री और राजस्व मंत्री रह चुके हैं।
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