'कॉकरोच जनता पार्टी' के बाद अब 'इश्क करो पार्टी', सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज ने की घोषणा; ईमेल आईडी भी बताई भारत एक घंटा पहले 4
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने 'इश्क करो पार्टी' (IKP) शुरू करने का ऐलान किया है और सदस्यता अभियान भी छेड़ दिया है। उन्होंने इसे देश की बड़ी समस्याओं से लड़ने का प्रयास बताते हुए जुड़ने के लिए ईमेल आईडी साझा की है।

नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर इन दिनों CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर खूब बातें हो रही हैं। इसी बीच एक और नया राजनीतिक संगठन सामने आने वाला है। सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कण्डेय काटजू ने IKP यानी 'इश्क करो पार्टी' की शुरुआत करने का ऐलान किया है। वे इस नई पहल के संरक्षक हैं और इसके लिए उन्होंने सदस्यता अभियान भी छेड़ दिया है।

पूर्व जज ने सोशल मीडिया मंच x पर एक पोस्ट साझा कर लोगों से इस मुहिम का हिस्सा बनने की अपील की है। उन्होंने लिखा कि जो भी व्यक्ति इससे जुड़ना चाहता है, वह इसकी आधिकारिक ईमेल आईडी ishqkaroparty@gmail.com पर संपर्क कर सकता है।

'देश की गंभीर समस्याओं से लड़ने की बड़ी कोशिश'

काटजू ने स्पष्ट किया कि बहुत से लोग इसे महज एक मजाक या लड़के-लड़कियों के बीच प्रेम संबंधों को हवा देने वाली 'वैलेंटाइन डे' जैसी पहल मान रहे हैं, मगर ऐसा सोचना पूरी तरह गलत है। उन्होंने बताया कि असल में यह देश की गंभीर समस्याओं से निपटने की एक बड़ी कोशिश है। उनके मुताबिक देश में फैली गरीबी, बेरोजगारी, बच्चों में कुपोषण, महंगी पढ़ाई, कमजोर स्वास्थ्य सेवाएं और महंगाई जैसी दिक्कतों को जनता की एकजुटता के बिना दूर नहीं किया जा सकता।

काटजू का कहना है कि आज हमारा समाज जाति और धर्म के नाम पर बंटा हुआ है। नेता अपने स्वार्थ और वोट बैंक की खातिर इसी नफरत को बढ़ावा देते रहते हैं। उनके अनुसार 'इश्क करो पार्टी' का उद्देश्य इसी नफरत को मिटाकर लोगों के बीच प्रेम और एकता को मजबूत करना है।

'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक पर साधा निशाना

इसके साथ ही काटजू ने अपनी पोस्ट में 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके पर भी तंज कसा। दरअसल, देश की प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के विरोध में अभिजीत दीपके ने 6 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ा प्रदर्शन किया था और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग रखी थी।

इसी पर निशाना साधते हुए काटजू ने कहा कि अभिजीत दीपके के मूर्ख होने का सबूत यही है कि उनकी प्रमुख मांगों में से एक भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर प्रधान इस्तीफा दे भी दें तो उनकी जगह कोई और मंत्री नियुक्त कर दिया जाएगा, फिर इससे आखिर क्या फर्क पड़ेगा।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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