किस मंदिर में मत्था टेकते हैं वैभव सूर्यवंशी? जानिए उनकी आस्था से जुड़ी पूरी डिटेल बिहार 2 घंटे पहले 1
क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी और उनके परिवार की धार्मिक आस्था बेहद गहरी है। वे अपने पैतृक गांव ताजपुर मोतीपुर की ठाकुरबाड़ी के साथ-साथ देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में भी अटूट श्रद्धा रखते हैं।

आईपीएल के मैदान पर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से धूम मचाने वाले बिहार के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय टीम की नीली जर्सी में दिखाई देने वाले हैं। टीम इंडिया में चयन के बाद चारों ओर बस उन्हीं की प्रतिभा की चर्चा हो रही है। लेकिन इस असाधारण कामयाबी के पीछे जितनी कड़ी मेहनत और हुनर का योगदान है, उतना ही गहरा नाता उनके परिवार की गहरी धार्मिक आस्था से भी जुड़ा हुआ है।

पैतृक गांव की ठाकुरबाड़ी से पुराना नाता

वैभव सूर्यवंशी का परिवार बेहद धार्मिक प्रवृत्ति का है। समस्तीपुर जिले के पैतृक गांव ताजपुर मोतीपुर में स्थित ठाकुरबाड़ी मंदिर से इस परिवार का रिश्ता बहुत पुराना और गहरा है। वैभव के जीवन में जब भी कोई छोटी या बड़ी सफलता आती है, तो पूरा परिवार इसी ठाकुरबाड़ी में माथा टेकने और आशीर्वाद लेने जरूर पहुंचता है।

बाबा बैद्यनाथ धाम पर अटूट भरोसा

ठाकुरबाड़ी के अलावा वैभव और उनके माता-पिता की सबसे बड़ी श्रद्धा झारखंड के देवघर में स्थित विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में है। आईपीएल के दौरान जब वैभव मैदान पर चौके-छक्के बरसा रहे थे, उसी समय उनके माता-पिता और भाइयों ने देवघर पहुंचकर बाबा भोलेनाथ का विशेष अभिषेक किया था। वैभव की भी बाबा के दरबार में खासी आस्था है।

कम उम्र में बड़े रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ी

महज 13-14 साल की उम्र में क्रिकेट की दुनिया में बड़े-बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लेने वाले वैभव सूर्यवंशी आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्होंने बिहार की ओर से रणजी ट्रॉफी खेलते हुए सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का रिकॉर्ड बनाया।

इसके बाद अंडर-19 भारतीय टीम में खेलते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार शतक जड़कर उन्होंने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा। हाल ही में हुए आईपीएल ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने इस युवा बाएं हाथ के बल्लेबाज को मोटी रकम देकर अपनी टीम में शामिल किया, जिसके बाद वे आईपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए। अब भारतीय सीनियर टीम के दरवाजे पर दस्तक देकर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि वे लंबी रेस के घोड़े हैं।

क्यों खास है बाबा बैद्यनाथ मंदिर

अगर आप भी उस पावन धाम के दर्शन करना चाहते हैं जहां वैभव सूर्यवंशी का परिवार मन्नतें मांगता है, तो आपको देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर जरूर जाना चाहिए। यह मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक होने के साथ-साथ 51 शक्तिपीठों में भी शामिल है, जिसे ‘हार्द पीठ’ कहा जाता है।

  • कामना लिंग: यहां स्थापित शिवलिंग को ‘कामना लिंग’ कहा जाता है, जहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है।
  • गठबंधन की अनूठी परंपरा: यहां शिव और शक्ति (पार्वती मंदिर) के शिखरों को एक लाल पवित्र धागे (गठबंधन) से बांधा जाता है, जो पूरी दुनिया में सिर्फ यहीं देखने को मिलता है।
  • सुलभ मार्ग: देवघर रेल और हवाई मार्ग (देवघर एयरपोर्ट) से पूरी तरह जुड़ चुका है, जिससे यहां पहुंचना बेहद आसान हो गया है।
चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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