उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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सुभासपा प्रमुख और कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर अपने अलग-अलग बयानों के चलते एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं. हनुमान जी को राजभर जाति का बताने वाले उनके पुराने बयान पर विवाद थमा भी नहीं था कि अब उन्होंने भगवान बालि को 'नर' करार दे दिया है.
कन्नौज पहुंचे ओपी राजभर ने अपने इस दावे के पीछे पौराणिक संदर्भ देते हुए तर्क रखा कि कोई पिता भला अपनी बेटी की शादी वानर से कैसे करा सकता है, इसलिए बालि वानर नहीं बल्कि नर थे.
बालि को 'नर' बताने के पीछे राजभर का तर्क
हनुमान जी को राजभर जाति का बताने वाले बयान पर उठे विवाद के बीच ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि अहिल्या और तारा सगी बहनें थीं. इनमें से एक की शादी गौतम ऋषि से हुई थी और दूसरी की शादी बालि से. उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कौन पिता अपनी बेटी का विवाह किसी वानर से कराएगा. इसी आधार पर उन्होंने दोहराया कि बालि वानर नहीं, बल्कि नर थे.
कन्नौज के केके कॉलेज ग्राउंड में आयोजित एक जनसभा में शामिल होने पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने विभागीय समीक्षा के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान यह बात कही.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर निशाना
इस मौके पर सुभासपा सुप्रीमो ने सपा और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर भी हमला बोला. राजभर ने कहा कि महाराज जी सपा नेता की तरह काम कर रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोई संत बयान देता है तो वह अपनी मुहिम को लेकर देता, किसी प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री के खिलाफ नहीं देता.
आजमगढ़ और आतंकियों पर बयान
सपा पर आतंकियों को संरक्षण देने के सवाल पर ओम प्रकाश राजभर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि आजमगढ़ सपा का गढ़ है और हर आतंकी को एटीएस आजमगढ़ में ही ढूंढती है.
23 राजभरों की हत्या के पोस्टर पर पलटवार
समाजवादी पार्टी की ओर से 23 राजभरों की हत्या को लेकर लगाए गए पोस्टर पर पलटवार करते हुए राजभर ने कहा कि पोस्टर लगाने वाली सपा ने यह नहीं बताया कि आखिर ये हत्याएं किसने करवाईं. उन्होंने दावा किया कि 95 प्रतिशत हत्याएं सपा से जुड़े लोगों ने ही करवाई हैं.
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