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एक घंटा पहले
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खेती की लागत में कटौती का नया तरीका
लगातार बढ़ती रासायनिक खादों की कीमतों से परेशान किसानों के लिए एक राहत भरी खबर है। कृषि विशेषज्ञ नरेंद्र कुशवाहा ने जैविक खेती के एक ऐसे जादुई टॉनिक के बारे में जानकारी दी है, जो न केवल फसलों के विकास में सहायक है बल्कि उत्पादन को भी बेहतर बनाने का काम करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस विधि को अपनाकर किसान अपनी पैदावार में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज कर सकते हैं।
कैसे तैयार करें यह जैविक टॉनिक
इस जैविक खाद को बनाने की प्रक्रिया काफी सरल और सस्ती है। इसे तैयार करने के लिए मुख्य रूप से जंगल की मिट्टी और खट्टी छाछ का उपयोग किया जाता है। इसकी निर्माण विधि नीचे दी गई है:
- सबसे पहले 200 लीटर क्षमता वाला एक प्लास्टिक का ड्रम लें।
- इस ड्रम में लगभग 180 लीटर पानी भरें।
- इसमें निर्धारित अनुपात में जंगल की मिट्टी और खट्टी छाछ मिलाएं।
नरेंद्र कुशवाहा के अनुसार, यह मिश्रण सामान्य जैविक खादों की तुलना में अधिक असरदार साबित होता है। इसके नियमित छिड़काव या उपयोग से न केवल फसलों की सेहत सुधरती है, बल्कि फूलों के झड़ने जैसी सामान्य समस्याओं से भी मुक्ति मिलती है। यह विधि उन किसानों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो कम बजट में अधिक लाभ कमाना चाहते हैं।
उत्पादन पर सकारात्मक असर
इस जैविक तकनीक का सबसे बड़ा लाभ फसल के स्वास्थ्य पर पड़ता है। जब फसल को आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, तो पौधों की बढ़वार तेज हो जाती है और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी फसल स्थिर बनी रहती है। इस टॉनिक के इस्तेमाल से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और लंबे समय में रासायनिक खादों पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो सकती है।
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