उपनाम: कृषि तकनीक
20 एकड़ खेती में जीरो खर्च, खाद-कीटनाशक का झंझट खत्म: किसान का यह अनोखा फार्मूला कर रहा कमाल
रोहतास जिले के एक प्रगतिशील किसान ने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग बंद कर प्राकृतिक खेती का मॉडल अपनाया है, जिससे न केवल उनकी लागत शून्य हो गई है बल्कि मुनाफा भी कई गुना बढ़ गया है।
टमाटर की बंपर पैदावार का फॉर्मूला: अक्टूबर-नवंबर में ऐसे करें खेती, एक महीने में तैयार होगी नर्सरी
टमाटर की खेती से अच्छा मुनाफा कमाने के लिए सही तापमान, उन्नत किस्मों और वैज्ञानिक तकनीकों का पालन करना बेहद जरूरी है। कृषि विशेषज्ञों ने नर्सरी तैयार करने से लेकर रोपाई और सिंचाई के सही तरीकों के बारे में विस्तार से बताया है।
हिमाचल प्रदेश को मिली पहली बागवानी मोनो रेल, मंडी के सुंदरनगर में किसानों की राह होगी आसान
मंडी जिले के सुंदरनगर में पहाड़ी इलाकों में बागवानी उत्पादों को ढोने के लिए प्रदेश की पहली मोनो रेल का ट्रायल शुरू हो गया है। आईआईटी मंडी की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर तैयार इस अनूठी परियोजना से किसानों और बागवानों को बड़ी राहत मिलेगी।
फूलगोभी की खेती से पाना चाहते हैं बंपर मुनाफा, तो अपनाएं ये खास तकनीक
भागलपुर में किसान अब गेहूं और मक्का की जगह फूलगोभी की खेती पर जोर दे रहे हैं। सही पैदावार और बड़े फूल के लिए खेत की तैयारी से लेकर सिंचाई तक की विधि जान लेना बहुत जरूरी है।
रासायनिक उर्वरकों से पाएं छुटकारा, बेहद कम खर्च में तैयार करें दशपर्णी अर्क, बढ़ेगी फसल की पैदावार
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसान अब प्राकृतिक खेती की ओर रुख कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों की सलाह पर दशपर्णी अर्क का उपयोग फसलों को कीड़ों से बचाने और उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रभावी साबित हो रहा है।
मखाना खेती को बनाएं मुनाफे का बिजनेस, वैज्ञानिक ने साझा किए 25% कमाई बढ़ाने वाले आधुनिक मंत्र
मखाना किसान अब खेती के साथ प्रोसेसिंग अपनाकर अपनी आय में 20 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकते हैं, इसके लिए बाजार में कई आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं।
धान की खेती में कितने लीटर पानी की होती है खपत? एक्सपर्ट ने बताया हैरान करने वाला आंकड़ा
जहानाबाद में धान की खेती के लिए जल प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन गया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि एक किलो धान पैदा करने के लिए हजारों लीटर पानी की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अब आधुनिक मशीनों का सहारा लेना जरूरी है।
खेती की लागत घटाने और मिट्टी उपजाऊ बनाने का तरीका: फसल अवशेषों को जलाने के बजाय ऐसे करें प्रबंधन
कटाई के बाद खेत में बचे फसल के कचरे को आग के हवाले करना न केवल प्रदूषण फैलाता है बल्कि जमीन की उर्वरक क्षमता भी घटाता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, किसान इन अवशेषों का उपयोग मल्चिंग, खाद निर्माण और पशु आहार के रूप में करके दोहरा लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
खेती में लागत घटाने और पानी बचाने के लिए बेहद मददगार है मल्चिंग तकनीक, जानें इसके शानदार फायदे
मल्चिंग तकनीक अपनाकर किसान फसलों की सिंचाई में 50 प्रतिशत तक पानी बचा सकते हैं और खरपतवार नियंत्रण के साथ-साथ मजदूरी के खर्च को भी कम कर सकते हैं।
पोल्ट्री फार्मिंग: मुर्गियों की सेहत के लिए वरदान है 'बाहुबली पंखा', जानें कैसे बदल रहा है मुर्गी पालन का तरीका
आधुनिक मुर्गी पालन में तापमान और हवा के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए 'बाहुबली पंखा' बेहद प्रभावी साबित हो रहा है। यह तकनीक न केवल मुर्गियों की उत्पादकता बढ़ाती है, बल्कि बिजली की खपत को भी कम करने में मददगार है।
खेती की लागत घटाने का अचूक नुस्खा: छपरा के इस किसान से सीखें 100 लीटर पानी और 1 किलो गुड़ से वेस्ट डीकंपोजर घोल बनाने का तरीका
बिहार के सारण जिले के प्रगतिशील किसान विष्णु सिंह वेस्ट डीकंपोजर की मदद से बेहद कम लागत में बेहतरीन जैविक घोल तैयार कर रहे हैं, जिससे रासायनिक खादों पर उनकी निर्भरता समाप्त हो गई है।
खीरे की खेती: एक पौधे से 100 फल पाने का जादुई तरीका, दरभंगा के किसान की कमाई देख हैरान रह जाएंगे आप
दरभंगा के प्रगतिशील किसान अखिलेश चौधरी ने हाइब्रिड खीरे की खेती अपनाकर पारंपरिक फसलों को पीछे छोड़ दिया है। सही तकनीक के इस्तेमाल से उन्हें एक पौधे से 100 खीरे तक मिल रहे हैं और वे 3 से 4 महीने तक लगातार मुनाफा कमा रहे हैं।
जैविक खेती में NPK की कमी को ऐसे करें पूरा, मदर कल्चर से तैयार होगा पोषक तत्वों का घोल
जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए अब मिट्टी में नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश की कमी दूर करना आसान हो गया है। बिलासपुर के विशेषज्ञ रोहन कुमार वर्मा ने घर पर ही मदर कल्चर से खाद का घोल तैयार करने की सरल विधि साझा की है।
तोरई की उन्नत खेती: बंपर पैदावार और दोगुने उत्पादन के लिए अपनाएं मचान विधि और संतुलित पोषण का फॉर्मूला
तोरई की खेती से बंपर पैदावार पाने के लिए सही मिट्टी, जैविक खाद, मचान तकनीक और समय पर रोग नियंत्रण बेहद जरूरी है, जिससे किसानों की कमाई दोगुनी हो सकती है।
बरसीम की खेती: एक बार लगाएं, 6 बार काटें, पशुओं को मिलेगा सुपर फूड और खेत बनेगा उपजाऊ
किसान भाई अब बरसीम की खेती से अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं, क्योंकि यह फसल पशुओं के लिए पौष्टिक चारे के साथ-साथ मिट्टी की उर्वरा शक्ति को भी बढ़ाती है।