मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
3
विचारों
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अभिनेत्री ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच अब सीबीआई के हवाले कर दी गई है। हालांकि इससे पहले भोपाल पुलिस की ओर से की गई शुरुआती जांच को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी।
केस डायरी की जानकारी पहले ही पहुंच रही थी सास तक
जांच में यह बात उभरकर सामने आई है कि ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की तरफ से जबलपुर हाईकोर्ट में जो दस्तावेज पेश किए गए, उनसे साफ होता है कि केस की शुरुआती जांच से जुड़े अहम तथ्य पहले ही उन तक पहुंच रहे थे। इसी आधार पर वह अग्रिम जमानत हासिल करने में कामयाब रहीं।
जानकारों का मानना है कि जांच की शुरुआत में ही ट्विशा के पति समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को संदिग्ध के तौर पर चिह्नित किया जाना चाहिए था, मगर पुलिस ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया।
फंदे की रस्सी पहचानने वाले का कोई रिकॉर्ड नहीं
मिली जानकारी के मुताबिक, 13 मई को सुबह 9:42 बजे सब-इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने फंदे की रस्सी जब्त की थी। इसके बावजूद दस्तावेजों में यह दर्ज नहीं है कि रस्सी की पहचान किसने की। ट्विशा शर्मा के परिजनों की ओर से भोपाल कोर्ट में पेश हुए वकील अंकुर पांडे ने बताया कि रस्सी को तुरंत भोपाल एम्स भेजने के बजाय सब-इंस्पेक्टर की कार में रख दिया गया था और बाद में उसे जांच के लिए एम्स भेजा गया।
उन्होंने हैरानी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी चूक होने के बाद भी जिम्मेदार सब-इंस्पेक्टर के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
दस्तावेजों तक पहुंच का अधिकार नहीं था
फंदे की रस्सी से जुड़े जब्त किए गए दस्तावेज केस डायरी का हिस्सा थे। उस वक्त तक समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह आरोपी नहीं बने थे, लिहाजा कानूनी रूप से उन्हें इन दस्तावेजों तक पहुंच का कोई अधिकार नहीं था। इसके बावजूद गिरिबाला की अग्रिम जमानत याचिका के जवाब के साथ ये दस्तावेज दाखिल किए गए, जिससे यह जाहिर होता है कि जांच से जुड़े कागजात आरोपी पक्ष तक पहले ही पहुंच चुके थे।
उसी दिन तीन अन्य जब्ती दस्तावेज भी तैयार किए गए थे, जिनमें समर्थ और गिरिबाला सिंह का उल्लेख है। ट्विशा के परिजनों के वकील ने इसी को आधार बनाते हुए जांच प्रक्रिया में गड़बड़ी होने का दावा किया है। इस मामले में उठाए गए तमाम बिंदु गिरिबाला सिंह की ओर से 27 मई को हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका के दौरान दिए गए जवाब से जुड़े हुए हैं।
सीबीआई को रिक्रिएशन रिपोर्ट का इंतजार
सीबीआई समर्थ और गिरिबाला सिंह के घर पर क्राइम सीन को रिक्रिएट कर चुकी है। इस दौरान दोनों आरोपी मौके पर मौजूद रहे। क्राइम सीन रिक्रिएशन के समय सीबीआई ने ट्विशा शर्मा जितनी लंबाई और वजन वाली डमी का इस्तेमाल किया। जांच पूरी होने के बाद टीम ने जुटाए गए डाटा को दिल्ली स्थित सेंट्रल लैब भेज दिया।
अब सीबीआई को रिक्रिएशन रिपोर्ट का इंतजार है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह हत्या का मामला है या आत्महत्या का। माना जा रहा है कि यह रिपोर्ट इसी सप्ताह आ सकती है। फिलहाल दोनों आरोपी समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं। सीबीआई उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ कर चुकी है और मामले की जांच जारी है।
Comments
0 comment