मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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मध्य प्रदेश में अगले कुछ घंटों के भीतर मानसून के पहुंचने की उम्मीद है, लेकिन इससे पहले ही राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां जोर पकड़ चुकी हैं। प्रदेश में मौसम लगातार करवट बदल रहा है। आज यानी 17 जून को कई जिलों में मौसम का रुख बदलने वाला है और लोगों को चिलचिलाती गर्मी से कुछ राहत मिलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार आज 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
विभाग ने राज्य के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जबकि बाकी जिलों में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और प्री-मानसूनी गतिविधियों के असर से प्रदेश में नमी का स्तर बढ़ा हुआ है। इसी वजह से आज दोपहर और शाम के समय गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इन जिलों में रहेगा येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने ग्वालियर, धार, भिंड, दतिया, सिवनी, नर्मदापुरम, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, हरदा, बड़वानी, अलीराजपुर, मुरैना, श्योपुरकलां, डिंडौरी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसका असर आसपास के जिलों में भी देखा जा सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल संभाग और महाकौशल क्षेत्र के कुछ जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है।
सबसे गर्म रहा खजुराहो
पिछले 24 घंटों के दौरान भोपाल संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, नर्मदापुरम संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर और सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं बारिश दर्ज की गई। शेष सभी संभागों के जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। इस अवधि में किसी भी संभाग के जिलों के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया।
राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस खजुराहो (छतरपुर) में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस पचमढ़ी (नर्मदापुरम) में रिकॉर्ड किया गया।
आम नागरिकों के लिए सलाह
- गरज-चमक के दौरान घर के अंदर ही रहें। यदि किसी कारणवश बाहर जाना पड़े तो पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।
- बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें।
- आंधी-तूफान के समय खुले मैदानों और खेतों में काम करने से बचें तथा पेड़ों, बिजली की तारों और निर्माण स्थलों से दूरी बनाए रखें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और स्टीयरिंग पर मजबूत पकड़ बनाए रखें।
- कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेने या कंक्रीट के फर्श पर लेटने से बचें।
पशुपालकों के लिए सलाह
- पशुओं को खुले मैदान, तालाब, नदी या अन्य जल स्रोतों के पास न छोड़ें।
- रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित और संरक्षित शेड में रखें।
- दोपहर की तेज गर्मी में पशुओं को खुली चराई के लिए न छोड़ें।
- पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करें।
- आकाशीय बिजली और तूफान के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे न बांधें।
गर्मी से बचाव के उपाय
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में निकलने से बचें।
- हल्के रंग के सूती और ढीले-ढाले कपड़े पहनें।
- धूप में बाहर निकलते समय सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
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