उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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अगर आप पशुपालन से जुड़े हैं और दुधारू पशु पालना चाहते हैं, लेकिन बजट की कमी आड़े आ रही है, तो सरकार की एक खास योजना आपके काम आ सकती है। इस योजना के तहत दो दुधारू पशु पालने पर बेहतर सब्सिडी दी जा रही है, जिससे कम पूंजी में भी डेयरी का काम शुरू किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है और इसका लाभ कैसे लिया जा सकता है।
दो दुधारू पशुओं पर 80,000 रुपए का अनुदान
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सीपी सिंह कुशवाहा के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना की शुरुआत की है। इस योजना में पशुपालक को अपने संसाधनों से दो स्वदेशी गायों की इकाई स्थापित करनी होती है। इकाई स्थापित होने के बाद सरकार की ओर से उन्हें 80,000 रुपए का अनुदान दिया जाता है, जिससे वे दुधारू पशु पाल सकें। शर्त यह है कि ये पशु स्वदेशी नस्ल के दुधारू पशु होने चाहिए।
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
इस योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और पशुपालन के अनुभव प्रमाण पत्र के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद जिला स्तर की कमेटी लाभार्थियों का चयन करती है। चयन हो जाने पर 80,000 रुपए की अनुदान राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेज दी जाती है।
इस योजना का लाभ वही व्यक्ति आसानी से उठा सकता है जो स्वदेशी नस्ल का पशु पाले और पहले से भी इसी नस्ल के पशु पालन का अनुभव रखता हो। सरकार की मंशा प्रदेश में स्वदेशी नस्ल के पशुओं की संख्या बढ़ाने की है। हालांकि स्वदेशी नस्ल के ये पशु पशुपालक को बाहर से ही खरीदने होंगे।
डेयरी फार्म पर लागत का 50 प्रतिशत सब्सिडी
जो लोग बड़े स्तर पर डेयरी फार्म खोलना चाहते हैं, उनके लिए नंद बाबा दुग्ध मिशन योजना के तहत नंदिनी और मिनी नंदिनी दुग्ध योजना शुरू होने वाली है। इन योजनाओं के जरिए 10 से 25 गाय आसानी से ली जा सकती हैं।
- नंदिनी दुग्ध योजना में लगभग 62 लाख 50 हजार रुपए की लागत आएगी, जिस पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी निर्धारित की गई है।
- मिनी नंदिनी दुग्ध योजना में 10 गायों के लिए 23.6 लागत निर्धारित की गई है, जिसमें 11 लाख 80 हजार रुपए का अनुदान मिलेगा।
कैसे जुटाना होगा पैसा
अगर आप अपना डेयरी फार्म लगाना चाहते हैं तो कुल लागत का 15 प्रतिशत अंशदान अपने घर से लगाना होगा, 35 प्रतिशत राशि बैंक से लेनी होगी और शेष 50 प्रतिशत सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में आपके खाते में अनुदान के तौर पर दिया जाएगा।
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