उपनाम: वन्यजीव संरक्षण
कान्हा टाइगर रिजर्व में मानसून की दस्तक: 1 जुलाई से पर्यटकों के लिए दरवाजे बंद, सुरक्षा के लिए तैयार 1000 सुरक्षाकर्मी
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में मानसून सीजन के कारण कोर एरिया को 30 सितंबर तक बंद कर दिया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए वन विभाग ने 17 हाथियों और 1000 कर्मियों के साथ ऑपरेशन मानसून का आगाज किया है।
भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में टर्टल सर्वे: पहली बार मिलीं कछुओं की 7 दुर्लभ प्रजातियां
राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में आयोजित पहले टर्टल सर्वे के दौरान कछुओं की सात अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई है, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।
घोड़ा पछाड़ सांप: क्यों लोग इसे देखकर भागते हैं और इसे मारना क्यों है कानूनी जुर्म?
भारत में गर्मियों के दौरान धामन सांप का दिखना आम है, जिसे लोग अक्सर 'घोड़ा पछाड़' के नाम से जानते हैं। हालांकि इसे लेकर कई भ्रांतियां हैं, लेकिन असल में यह किसानों का मित्र है और इसे मारना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है।
चंबल नदी में दिखा अद्भुत नजारा: मां की पीठ पर सवार हुए नन्हे घड़ियाल, रिकॉर्ड तोड़ संख्या में हुआ जन्म
धौलपुर की चंबल नदी में इस सीजन में 2,000 से अधिक घड़ियालों का जन्म हुआ है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
उज्जैन के स्नेक मैन राहुल: 25 साल में 20 हजार सांपों को बचाकर दी नई जिंदगी
धार्मिक नगरी उज्जैन के रहने वाले राहुल मोखरिवाल पिछले 25 वर्षों से जहरीले सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। वे अब तक 20 हजार से ज्यादा सांपों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ चुके हैं।
इंदौर के चिड़ियाघर में अनोखा जन्म: काले कृष्ण मृगों के परिवार में आया दूधिया सफेद नवजात, गुलाबी आंखें बनीं चर्चा
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में पहली बार दूध जैसे सफेद फर और गुलाबी आंखों वाले एक दुर्लभ कृष्ण मृग का जन्म हुआ है। विशेषज्ञ इसे बेहद विरल आनुवंशिक घटना मान रहे हैं और नवजात फिलहाल विशेष निगरानी में है।
जब पलामू कहलाता था 'बाघ देश', पक्षियों के शिकार का तार जुड़ा था पेरिस से
आज पर्यटकों को लुभाने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी 'बाघ देश' के नाम से मशहूर था, जहां किंगफिशर जैसे पक्षियों के रंगीन पंख निकालकर फ्रांस की राजधानी पेरिस तक भेजे जाते थे।
पलामू टाइगर रिजर्व में वाटरहोल गणना 2026, 14 घंटे जलस्रोतों पर टिकी रही टीम की निगाहें
पलामू टाइगर रिजर्व में गर्मी के दौरान वन्यजीवों की निगरानी के लिए वाटरहोल गणना 2026 कराई गई, जिसमें वन कर्मियों और स्वयंसेवकों ने लगातार 14 घंटे तक जंगल के जलस्रोतों पर नजर रखी। शुरुआती रिपोर्ट में हाथी, तेंदुआ और गौर समेत कई वन्यजीवों की मौजूदगी दर्ज हुई...
कुनो का चीता KP-3 जा पहुंचा बंद बरेठा के जंगल, कई दिनों से जमाए है डेरा; 24 घंटे चल रही सख्त निगरानी
कुनो राष्ट्रीय उद्यान से निकला चीता KP-3 इन दिनों भरतपुर के बंद बरेठा वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। वन विभाग उसकी हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रख रहा है, जबकि आसपास के गांवों में सतर्कता का माहौल बना हुआ है।
गंडक नदी में फिर लौटे घड़ियाल, नमामि गंगे का संदेश- नदी बचेगी तभी बचेगा जीवन
गंडक नदी के बागाहा क्षेत्र में इस प्रजनन सीज़न के पहले 31 घड़ियाल शावकों ने जन्म लिया और उन्हें नदी में छोड़ा गया है। नमामि गंगे ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि नदी सुरक्षित रहेगी तभी जीवन बचेगा।
तीन माह तक बेटी की तरह पाली हिरणी 'फातिमा', विदाई के वक्त मेहंदी लगाकर नम आंखों से किया रुखसत
जोधपुर के इस्लामनगर गांव में इलियास खान के परिवार ने कुत्तों के हमले से बचाई गई हिरणी के नन्हे बच्चे को तीन महीने तक बेटी की तरह पाला और 'फातिमा' नाम दिया। वन विभाग को सौंपते वक्त परिवार ने उसे मेहंदी लगाकर भावुक विदाई दी।
सोन घड़ियाल अभ्यारण में नई जान, 80 शावकों के जन्म से जगी संरक्षण की उम्मीद
मध्य प्रदेश के सीधी जिले स्थित सोन घड़ियाल अभ्यारण के जोगदहा घाट क्षेत्र में करीब 80 घड़ियाल शावकों का जन्म हुआ है। नर घड़ियालों की कमी से जूझ रहे इस अभ्यारण में लगातार दूसरी बार सफल प्रजनन ने संरक्षण प्रयासों को नई दिशा दी है।
गिर के 34 शेरों की जान लेने वाला वायरस अब कान्हा में, एक महीने में 8 बाघों की मौत, प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
बालाघाट के कान्हा नेशनल पार्क में बीते एक महीने में 8 से ज्यादा बाघों की मौत हो चुकी है, जिनके पीछे कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की आशंका जताई जा रही है। यह वही वायरस है जिसने 2018 में गिर के 34 एशियाई शेरों की जान ली थी।
बेतला नेशनल पार्क में 'अन्वेषण' जंगल कैंप का आगाज़, एडवेंचर के शौकीन युवा हो सकते हैं शामिल, पहला बैच 22 जून से
पलामू टाइगर रिजर्व ने बेतला नेशनल पार्क में 16 वर्ष से ऊपर के युवाओं के लिए दो दिवसीय जंगल कैंप 'अन्वेषण' शुरू किया है, जहां वे वन संरक्षण और आदिवासी जीवन को करीब से समझेंगे। इसका पहला बैच 22 और 23 जून को आयोजित होगा।
कोटा चिड़ियाघर में 9 साल बाद गूंजी खुशी, मादा अजगर ने एक साथ दिए 18 अंडे
नयापुरा चिड़ियाघर में करीब नौ साल बाद मादा अजगर ने 18 अंडे दिए हैं, जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए तापमान और नमी पर खास निगरानी रखी जा रही है। इसके साथ ही मंडाना से कोबरा के 17 अंडे रेस्क्यू कर चिड़ियाघर लाए गए हैं।