उपनाम: वन्यजीव संरक्षण
कानपुर से इंदौर का सफर तय करेगा दरियाई घोड़ा 'सतीश', 700 किमी की यात्रा में नहाने पर खर्च होगा 20 हजार लीटर पानी, बदले में मिलेगी शेरनी 'वीरा'
कानपुर चिड़ियाघर से दरियाई घोड़ा 'सतीश' जल्द ही इंदौर के नए आशियाने के लिए रवाना होगा। इस 700 किलोमीटर लंबी यात्रा में उसे स्वस्थ रखने के लिए करीब 20,000 लीटर पानी से नहलाया जाएगा, जिसके बदले में कानपुर को तीन साल की बब्बर शेरनी 'वीरा' मिलेगी।
उदयपुर: सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 22 नन्हे घड़ियालों की हुई 'किलकारी', सुरक्षा के लिए बनाया खास कवच
उदयपुर के सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 22 घड़ियालों का जन्म हुआ है। पिछले वर्षों में बच्चों की मृत्यु दर को देखते हुए वन विभाग ने इस बार सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम और एक नया एक्शन प्लान तैयार किया है।
चीता बनाम टाइगर: जब जंगल में आमने-सामने होंगे दो दिग्गज, तो कौन मारेगा बाजी? जानिए विशेषज्ञों की राय
मध्य प्रदेश के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में जल्द ही चीतों की दस्तक होने वाली है, जिससे वन्यजीव प्रेमियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या जंगल का राजा बाघ और रफ्तार का सौदागर चीता एक साथ सुरक्षित रह पाएंगे।
देश की पाठशाला: बाघ से पहले कौन था भारत का राष्ट्रीय पशु और क्यों नहीं बनी गाय?
भारत के राष्ट्रीय पशु को लेकर अक्सर कई सवाल उठते हैं। आज देश की पाठशाला में जानिए कि आजादी के बाद शेर को हटाकर बाघ को क्यों चुना गया और गाय को यह दर्जा क्यों नहीं मिला।
भीलवाड़ा: ज्वार के खेत में मिला 5 फीट लंबा विशाल अजगर, ग्रामीणों में मची खलबली
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक किसान को ज्वार की फसल के बीच विशाल अजगर दिखाई दिया, जिसके बाद वन विभाग और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया।
उदयपुर के जांबाज चमन सिंह चौहान: 55 की उम्र में भी टाल देते हैं टलने वाली मौत, अब तक हजारों सांपों को दे चुके हैं जीवनदान
राजस्थान के उदयपुर में रहने वाले 55 वर्षीय चमन सिंह चौहान पिछले कई सालों से निस्वार्थ भाव से सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर रहे हैं। वे अब तक हजारों सांपों को इंसानी बस्तियों से निकालकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ चुके हैं।
झारखंड के बेतला नेशनल पार्क में अगले तीन महीनों के लिए थमी जंगल सफारी, वन विभाग ने पर्यटकों के प्रवेश पर लगाया प्रतिबंध
मानसून के मौसम और वन्यजीवों के प्रजनन काल को देखते हुए बेतला नेशनल पार्क को आगामी 30 सितंबर तक पर्यटकों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है, सफारी सेवाएं 1 अक्टूबर से पुनः बहाल होंगी।
दुधवा टाइगर रिजर्व में थम नहीं रही बाघों की मौत, लखीमपुर खीरी में तीन महीने के भीतर कई वन्यजीवों ने गंवाई जान, जांच में जुटी SIT
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पिछले तीन महीनों में कई बाघों और बाघिनों की लगातार हो रही मौतों से हड़कंप मच गया है, जिसकी जांच के लिए सरकार ने SIT का गठन किया है।
कान्हा टाइगर रिजर्व में मानसून की दस्तक: 1 जुलाई से पर्यटकों के लिए दरवाजे बंद, सुरक्षा के लिए तैयार 1000 सुरक्षाकर्मी
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में मानसून सीजन के कारण कोर एरिया को 30 सितंबर तक बंद कर दिया गया है। वन्यजीवों की सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए वन विभाग ने 17 हाथियों और 1000 कर्मियों के साथ ऑपरेशन मानसून का आगाज किया है।
भरतपुर के केवलादेव नेशनल पार्क में टर्टल सर्वे: पहली बार मिलीं कछुओं की 7 दुर्लभ प्रजातियां
राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क में आयोजित पहले टर्टल सर्वे के दौरान कछुओं की सात अलग-अलग प्रजातियों की पहचान की गई है, जो क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता को दर्शाता है।
घोड़ा पछाड़ सांप: क्यों लोग इसे देखकर भागते हैं और इसे मारना क्यों है कानूनी जुर्म?
भारत में गर्मियों के दौरान धामन सांप का दिखना आम है, जिसे लोग अक्सर 'घोड़ा पछाड़' के नाम से जानते हैं। हालांकि इसे लेकर कई भ्रांतियां हैं, लेकिन असल में यह किसानों का मित्र है और इसे मारना वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध है।
चंबल नदी में दिखा अद्भुत नजारा: मां की पीठ पर सवार हुए नन्हे घड़ियाल, रिकॉर्ड तोड़ संख्या में हुआ जन्म
धौलपुर की चंबल नदी में इस सीजन में 2,000 से अधिक घड़ियालों का जन्म हुआ है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।
उज्जैन के स्नेक मैन राहुल: 25 साल में 20 हजार सांपों को बचाकर दी नई जिंदगी
धार्मिक नगरी उज्जैन के रहने वाले राहुल मोखरिवाल पिछले 25 वर्षों से जहरीले सांपों का रेस्क्यू कर रहे हैं। वे अब तक 20 हजार से ज्यादा सांपों को सुरक्षित रूप से जंगल में छोड़ चुके हैं।
इंदौर के चिड़ियाघर में अनोखा जन्म: काले कृष्ण मृगों के परिवार में आया दूधिया सफेद नवजात, गुलाबी आंखें बनीं चर्चा
इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में पहली बार दूध जैसे सफेद फर और गुलाबी आंखों वाले एक दुर्लभ कृष्ण मृग का जन्म हुआ है। विशेषज्ञ इसे बेहद विरल आनुवंशिक घटना मान रहे हैं और नवजात फिलहाल विशेष निगरानी में है।
जब पलामू कहलाता था 'बाघ देश', पक्षियों के शिकार का तार जुड़ा था पेरिस से
आज पर्यटकों को लुभाने वाला पलामू टाइगर रिजर्व कभी 'बाघ देश' के नाम से मशहूर था, जहां किंगफिशर जैसे पक्षियों के रंगीन पंख निकालकर फ्रांस की राजधानी पेरिस तक भेजे जाते थे।