चंबल नदी में दिखा अद्भुत नजारा: मां की पीठ पर सवार हुए नन्हे घड़ियाल, रिकॉर्ड तोड़ संख्या में हुआ जन्म राजस्थान 2 महीने पहले 92
धौलपुर की चंबल नदी में इस सीजन में 2,000 से अधिक घड़ियालों का जन्म हुआ है, जो वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है।

चंबल में घड़ियालों की बंपर ब्रीडिंग

धौलपुर से होकर बहने वाली चंबल नदी इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, इस साल चंबल में 2,000 से अधिक नन्हे घड़ियालों का जन्म हुआ है। नदी के किनारे अंडों से बाहर निकलते ही इन बच्चों को अपनी मां की पीठ और थूथन पर अठखेलियां करते हुए देखा गया है, जो प्रकृति का एक दुर्लभ और मनमोहक दृश्य है।

सफल हैचिंग के पीछे की वजह

वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस बार घड़ियालों की हैचिंग प्रक्रिया काफी सफल रही है। इसका मुख्य कारण कुछ विशेष नेस्टिंग साइटों पर की गई कड़ी सुरक्षा व्यवस्था है। मुख्य रूप से:

  • अंडवा पुरैनी
  • बसई डांग

इन क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा विशेष निगरानी रखी गई, जिसके चलते अंडे सुरक्षित रहे और हैचिंग की दर में भारी उछाल दर्ज किया गया।

मातृत्व की अनोखी मिसाल

घड़ियाल संरक्षण के क्षेत्र में यह घटना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। मादा घड़ियाल न केवल अपने बच्चों को जन्म देने के बाद उनकी रक्षा कर रही हैं, बल्कि वे सामूहिक रूप से एक साथ मिलकर बच्चों की देखभाल भी कर रही हैं। अपनी पीठ पर बच्चों को बैठाकर नदी में घूमती मादा घड़ियाल मातृत्व की एक अनूठी और अद्भुत मिसाल पेश कर रही हैं। चंबल नदी को घड़ियालों का सुरक्षित ठिकाना माना जाता है और यह ताजा रिपोर्ट इस क्षेत्र के पारिस्थितिकी तंत्र की मजबूती को दर्शाती है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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