भीलवाड़ा: ज्वार के खेत में मिला 5 फीट लंबा विशाल अजगर, ग्रामीणों में मची खलबली राजस्थान एक घंटा पहले 4
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक किसान को ज्वार की फसल के बीच विशाल अजगर दिखाई दिया, जिसके बाद वन विभाग और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू किया।

खेत में काम करते समय किसान की नजर पड़ी

राजस्थान के भीलवाड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां राजपुरा गांव में एक किसान के खेत में 5 फीट लंबा अजगर मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना गुरुवार सुबह की है, जब किसान गोपी लाल गुर्जर अपने खेत में खेती का काम कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर ज्वार की फसल के बीच बैठे एक विशालकाय अजगर पर पड़ी। सांप को देखते ही किसान के होश उड़ गए और उन्होंने बिना देरी किए इसकी सूचना तुरंत वन विभाग को दी।

वन विभाग और नागरिक सुरक्षा टीम की तत्परता

सूचना प्राप्त होते ही वन विभाग और नागरिक सुरक्षा विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं और तेजी से मौके पर पहुंचीं। अजगर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया। नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक नारायण लाल बैरवा ने बताया कि उन्हें सूचना मिलते ही वनपाल चंद्रपाल के निर्देशों का पालन करते हुए उनकी टीम घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। टीम में वन रक्षक दिनेश कुमार रेगर, वनरक्षक निधि शर्मा, वनरक्षक भागचंद बैरवा, और नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक कैलाश कुमार रेगर शामिल थे।

तकनीकी कौशल से सफल रेस्क्यू

टीम ने जब मौके पर पहुंचकर देखा, तो अजगर ज्वार की फसल के भीतर एक सुरक्षित जगह पर छिपा हुआ था। रेस्क्यू के दौरान अधिकारियों ने अत्यंत सावधानी और तकनीकी कौशल का परिचय दिया। सबसे बड़ी प्राथमिकता यह थी कि इस दौरान सांप को किसी भी प्रकार की कोई चोट न पहुंचे। टीम ने काफी सूझबूझ के साथ उसे अपने कब्जे में लिया और सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। रेस्क्यू के बाद अजगर को वन विभाग के अधिकारियों की देखरेख में नजदीकी सुरक्षित जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया। इस ऑपरेशन को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए थे।

वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण का संदेश

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से स्पष्ट अपील की कि यदि भविष्य में कहीं भी अजगर या कोई अन्य जंगली जानवर दिखाई देता है, तो उसे नुकसान न पहुंचाएं। लोगों को समझाया गया कि वन्यजीव पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा होते हैं और प्रकृति का संतुलन बनाए रखने में इनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उनका संरक्षण करना हम सभी की नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

भारतीय रॉक पाइथन के बारे में जानकारी

वन विभाग की टीम ने बताया कि यह भारतीय रॉक पाइथन प्रजाति का अजगर है। नागरिक सुरक्षा विभाग के स्वयंसेवक नारायण लाल बैरवा ने इसकी विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हालांकि यह सांप काफी विशाल और शक्तिशाली होता है, लेकिन यह विषहीन होता है। भारतीय रॉक पाइथन प्रजाति की लंबाई बढ़कर 20 फीट तक हो सकती है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के अंतर्गत इस प्रजाति को पूर्ण कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इस प्रजाति को नुकसान पहुंचाना कानूनन अपराध है और इसके लिए दंड का प्रावधान है। इस सफल रेस्क्यू अभियान में नारायण लाल बैरवा, कैलाश कुमार रेगर, दिनेश कुमार, निधि शर्मा, भागचंद बैरवा और पूरी टीम ने मिलकर सराहनीय कार्य किया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!