फरीदाबाद के धान किसानों की बढ़ी मुसीबत, बिजली कटौती और बारिश की कमी से आधी रात को सिंचाई करने की मजबूरी हरियाणा 2 महीने पहले 73
फरीदाबाद में धान की बुवाई के दौरान बारिश न होने और बिजली की भारी कटौती के कारण किसान परेशान हैं, जिससे उन्हें अपनी फसल बचाने के लिए आधी रात को खेतों में जाना पड़ रहा है।

हरियाणा के फरीदाबाद जिले के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों धान की बुवाई का काम चल रहा है, लेकिन सिंचाई संकट के कारण किसान बेहद परेशान हैं। इस समय क्षेत्र के किसान दोहरी मार झेलने को मजबूर हैं। एक तरफ जहां मानसून की बेरुखी के कारण समय पर बारिश नहीं हो रही है, वहीं दूसरी तरफ तय समय के अनुसार बिजली भी नहीं मिल पा रही है। इस संकट के कारण किसानों को अपनी धान की फसल बचाने के लिए आधी रात को खेतों में जाकर सिंचाई करनी पड़ रही है। किसानों का कहना है कि लगातार हो रही बिजली कटौती, खेती की बढ़ती लागत और मजदूरों की भारी कमी ने धान की खेती पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।

बिजली कटौती और बढ़ती लागत से गहराया संकट

धान की फसल को तैयार करने के लिए बहुत अधिक मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है। पर्याप्त पानी न मिलने से धान के पौधों के सूखने का खतरा मंडराने लगा है। बिजली की आंख-मिचौली ने पूरी सिंचाई व्यवस्था को बिगाड़ कर रख दिया है। इसके अलावा, मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत ने किसानों की चिंता को और ज्यादा बढ़ा दिया है, जिससे धान की खेती करना अब बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है।

किसानों ने बयां किया अपना दर्द

स्थानीय किसानों ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि उन्हें इस सीजन में किस तरह की गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है:

  • दयालपुर गांव के किसान अनार सिंह ने बताया कि सुबह के समय भी तय वक्त से काफी पहले ही बिजली काट दी जाती है, जिससे खेतों में पानी नहीं पहुंच पाता और सिंचाई का काम अधूरा रह जाता है।
  • पिछले 14 साल की उम्र से खेती कर रहे संजीव बैंसला का कहना है कि इस बार सबसे बड़ी परेशानी बारिश की कमी और बिजली संकट की है। इन दोनों समस्याओं ने मिलकर किसानों की कमर तोड़ दी है।
  • डीग गांव के किसान महादेव ऋषि देव ने अपनी लाचारी व्यक्त करते हुए कहा कि धान की फसल के लिए पानी सबसे जरूरी है। जब बिजली ही पूरी नहीं मिलेगी, तो खेतों की सिंचाई कैसे मुमकिन होगी।
अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप