बीकानेर की सास-बहू ने पेश की मिसाल, रसोई से शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर व्यापार 2 महीने पहले 45
बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने 'अंजू बेन नू रसोड़ो' के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कोरोना काल में शुरू हुआ यह छोटा सा काम आज शहर में गुजराती व्यंजनों की खास पसंद बन गया है।

एक नई शुरुआत की कहानी

बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने एक ऐसी मिसाल कायम की है, जो आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। दोनों ने मिलकर घर की रसोई को ही अपने रोजगार का केंद्र बना लिया। कोरोना काल के कठिन समय में जब सब कुछ बंद था, तब इस सास-बहू की जोड़ी ने अंजू बेन नू रसोड़ो की शुरुआत की।

गुजराती स्वाद का जादू

आज बीकानेर में यह नाम स्वादिष्ट गुजराती और फास्ट फूड के लिए काफी मशहूर हो चुका है। अपनी मेहनत और हुनर के दम पर उन्होंने शहर के लोगों का दिल जीत लिया है। उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले व्यंजनों की सूची में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:

  • वड़ा पाव
  • दाबेली
  • ढोकला
  • खमण

मेलों और आयोजनों में सक्रिय भागीदारी

अपनी दुकान के अलावा, अंजू बेन और ऋतु शहर के विभिन्न मेलों और सामाजिक आयोजनों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेती हैं। इन आयोजनों में वे अपनी स्टॉल लगाकर अपने बनाए हुए व्यंजनों को लोगों तक पहुँचाती हैं। उनकी इस सक्रियता ने उन्हें न केवल एक व्यावसायिक पहचान दी है, बल्कि उन्हें बीकानेर के खानपान की दुनिया में एक प्रतिष्ठित नाम भी बना दिया है।

सफलता का मूल मंत्र

इस सफलता के पीछे परिवार का पूरा सहयोग और दोनों का आपसी विश्वास काम कर रहा है। सास और बहू के बीच के बेहतर तालमेल ने यह साबित कर दिया है कि अगर मन में कुछ कर गुजरने की ठान ली जाए, तो घर की रसोई से भी सफलता की एक नई और शानदार कहानी लिखी जा सकती है। उनकी मेहनत और निरंतर प्रयास आज उन तमाम लोगों के लिए उदाहरण है जो आत्मनिर्भर बनने का सपना देख रहे हैं।

श्वेता भाटिया पाबना की बिजनेस फीचर लेखिका हैं, जो सक्सेस स्टोरी और कारोबारी फीचर लिखती हैं। उद्यमियों के संघर्ष, नए कारोबारी मॉडल और प्रेरक कहानियों को वे रोचक अंदाज में पेश करती हैं। उनका लेखन पाठकों को प्रेरणा और जानकारी दोनों देता है।

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