रिया तीर्की की संघर्ष गाथा: सात साल तक चावल छोड़कर और ताने सुनकर बनीं देश की पहली आदिवासी ब्यूटी क्वीन झारखंड 2 महीने पहले 77
झारखंड की बेटी रिया तीर्की ने अपनी मेहनत के दम पर देश की पहली आदिवासी ब्यूटी क्वीन बनकर इतिहास रच दिया है। सात साल के कड़े संघर्ष और खान-पान के सख्त अनुशासन के बाद उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है।

संघर्ष और ताने: कैसे मिली कामयाबी

झारखंड की रहने वाली रिया तीर्की ने मॉडलिंग की दुनिया में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जो किसी भी साधारण लड़की के लिए एक बड़ा सपना होता है। रिया देश की पहली आदिवासी ब्यूटी क्वीन बन चुकी हैं और दो बार मिस झारखंड का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। इस सफर के बारे में बात करते हुए रिया बताती हैं कि शुरुआत उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं थी। आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखने के कारण उन्हें न केवल समाज, बल्कि बाहरी लोगों के भी कड़वे तानों का सामना करना पड़ा।

जब वह अपने करियर के शुरुआती दौर में थीं, तो लोग अक्सर उनका मजाक उड़ाते हुए कहा करते थे कि 'चली है ऐश्वर्या राय बनने'। इन तीखी बातों ने रिया को मानसिक रूप से परेशान जरूर किया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने इन तानों को अपनी प्रेरणा बनाया और अगले आठ साल तक अपनी फिटनेस और कौशल को निखारने के लिए जी-तोड़ मेहनत की। ब्यूटी क्वीन बनने का जुनून ऐसा था कि रिया ने पिछले सात साल तक पूरी तरह से चावल का सेवन बंद कर दिया था ताकि वह अपने शरीर को मॉडलिंग के अनुकूल बना सकें। वह फेमिना मिस इंडिया की फाइनलिस्ट भी रह चुकी हैं और आज वह उन लड़कियों के लिए मिसाल हैं जो ग्लैमर इंडस्ट्री में कदम रखना चाहती हैं।

शिक्षा और अन्य रुचियां

रिया तीर्की की शख्सियत केवल मॉडलिंग तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने रांची के विवेकानंद विद्या मंदिर से अपनी शुरुआती पढ़ाई पूरी की और उच्च शिक्षा के लिए आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा गईं। बहुमुखी प्रतिभा की धनी रिया को बचपन से ही खेल और अन्य विधाओं में काफी दिलचस्पी रही है। मॉडलिंग के अलावा उन्हें बैडमिंटन खेलना बेहद पसंद है। साथ ही, उन्हें बैंकिंग और एथोलॉजी जैसे विषयों में भी गहरी रुचि है।

नागपुरी संस्कृति और भविष्य की राह

अपनी आने वाली योजनाओं के बारे में बताते हुए रिया कहती हैं कि उन्हें अपनी जड़ों और नागपुरी संस्कृति से गहरा लगाव है। वह चाहती हैं कि आने वाले समय में वह नागपुरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए काम करें। रिया के अब तक कई म्यूजिक एल्बम रिलीज हो चुके हैं और उनकी दिली इच्छा है कि वह झारखंड की खूबसूरत वादियों में बेहतरीन फिल्मों का निर्माण करें। वर्तमान में वह खुद मॉडलिंग सीख चुकी हैं और अब नई लड़कियों को मॉडलिंग की बारीकियां सिखाने का काम कर रही हैं।

युवाओं के लिए रिया का सफलता मंत्र

सफलता के शिखर पर खड़ी रिया ने आज के युवाओं को एक बहुत ही व्यावहारिक मंत्र दिया है। उनका मानना है कि सफलता का पहला नियम है शिकायत करना बंद करना। रिया कहती हैं, परिस्थितियों को लेकर 'कंप्लेंट' करने से कुछ हासिल नहीं होता, क्योंकि आपकी शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि जो भी मौका मिले, उसका पूरा फायदा उठाएं और जो साधन आपके पास मौजूद हैं, उसी में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करें। रिया ने यह साबित कर दिया है कि सात साल की निरंतर मेहनत और ईमानदारी के साथ की गई कोशिश कभी बेकार नहीं जाती, इसलिए किसी को भी अपनी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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