बिहार
एक घंटा पहले
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विचारों
सफलता की अनोखी कहानी
आज के दौर में कृषि और पशुपालन के क्षेत्र में युवा नई राहें तलाश रहे हैं। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण सीतामढ़ी जिले के अभिराजपुर बैरिया में देखने को मिलता है, जहां एक युवा ने बेहद कम समय में एक आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित किया है। पिछले 3 वर्षों से चल रहे इस डेयरी फार्म में अब कुल 100 पशुओं का कुनबा मौजूद है, जिसमें गाय, भैंस और उनके बच्चे शामिल हैं। फिलहाल इस फार्म में 30 उन्नत नस्ल की गायें और 20 भैंसें दूध दे रही हैं।
उन्नत नस्लें और बढ़ता उत्पादन
इस डेयरी फार्म की सबसे बड़ी ताकत यहां मौजूद पशुओं की उन्नत नस्लें हैं। फार्म में मुख्य रूप से HF, साहिवाल और गीर नस्ल की गायों को पाला गया है। ये नस्लें न केवल विपरीत मौसम को झेलने में सक्षम हैं, बल्कि भारी मात्रा में उच्च गुणवत्ता वाला दूध भी देती हैं। प्रबंधन के अनुसार, वर्तमान में गायों से प्रतिदिन करीब 70 लीटर और भैंसों से लगभग 50 लीटर दूध मिल रहा है।
प्रतिदिन 200 लीटर दूध का उत्पादन
फार्म में दूध उत्पादन की क्षमता पर गौर करें तो सुबह और शाम की मिल्किंग मिलाकर कुल 200 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। कर्मियों का कहना है कि दूध की गुणवत्ता की जांच फैट मीटर के जरिए की जाती है ताकि बाजार में उचित मूल्य मिल सके। जब पशु ब्यांत पर होते हैं, तब यह उत्पादन का आंकड़ा 200 लीटर से भी अधिक हो जाता है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस फार्म
इस फार्म को वैज्ञानिक और व्यावसायिक तरीके से चलाया जा रहा है। यहां पशुओं के लिए आरामदायक शेड, पर्याप्त हवा के लिए पंखे और साफ-सफाई के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। डेयरी के साथ-साथ यहां मुर्गी पालन भी किया जा रहा है, जिससे यह एकीकृत कृषि का एक बेहतरीन मॉडल बन गया है। यह डेयरी फार्म अब क्षेत्र के युवाओं के लिए स्वरोजगार का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।
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