उपनाम: पारंपरिक रेसिपी
मटकी वाला केले का हलवा रेसिपी: गांव की सोंधी खुशबू और देसी स्वाद का अनोखा संगम
पाली की पारंपरिक शैली में मिट्टी की मटकी का इस्तेमाल करके बनाए जाने वाले इस अनोखे केले के हलवे का स्वाद आपको अपने गांव की यादों में ले जाएगा। जानिए बिना गैस चूल्हे के लकड़ी की आंच पर तैयार होने वाले इस शाही और पौष्टिक हलवे की पूरी विधि।
बस्तर का पारंपरिक स्वाद: मिट्टी के बर्तन में देसी तड़के के साथ पकती है आलू, बैंगन और मूंगा वाली रखियां बड़ी की रसेदार सब्जी
छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में पारंपरिक रूप से बनाई जाने वाली रखियां बड़ी की सब्जी अपने अनूठे स्वाद के लिए काफी मशहूर है। मिट्टी के बर्तन में बेहद कम मसालों के साथ पकने वाली यह देसी रसेदार सब्जी स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन तालमेल है।
बस्तर की खास खट्टा भाजी रेसिपी: कम मसालों और गजब के स्वाद वाली सब्जी, जिसे चखकर आप उंगलियां चाटते रह जाएंगे
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में मशहूर आलू, सोयाबीन और खट्टा भाजी की अनोखी सब्जी अब आप भी अपने घर पर आसानी से बना सकते हैं। यह पारंपरिक डिश स्वाद और सेहत का एक बेहतरीन संगम है।
अंबली रेसिपी: बहते पानी में 3 घंटे गुठली को धोकर आदिवासी बनाते थे अकाल का भोजन
तेलंगाना के कोया और गोंड आदिवासी समुदायों की पारंपरिक अंबली रेसिपी अब लुप्त होने की कगार पर है, जिसे कभी अकाल के समय सर्वाइवल फूड के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
जालोर की प्रसिद्ध पापड़-दाना मेथी सब्जी: घर के साधारण सामान से बनाएं बेहतरीन व्यंजन
राजस्थान के जालोर क्षेत्र की पारंपरिक पापड़-दाना मेथी सब्जी अपनी सादगी और स्वाद के लिए जानी जाती है, जिसे बहुत कम मेहनत और सामग्री में तैयार किया जा सकता है।
कोडरमा की खास स्मोकी टमाटर की चटनी: गर्म कोयले से आता है असली स्वाद
कोडरमा के ग्रामीण अंचलों में टमाटर की चटनी को एक अनोखा स्मोकी फ्लेवर देने के लिए जलते हुए कोयले का उपयोग किया जाता है, जो इसे पारंपरिक स्वाद के साथ एक सोंधी महक प्रदान करता है।
तीज के मौके पर चखें गांव की रसोई का असली स्वाद, घर पर ऐसे बनाएं लाजवाब दाल बड़ा की खट्टी सब्जी
तीज के त्योहार को खास बनाने के लिए इस बार घर की रसोई में दाल बड़ा की खट्टी सब्जी जरूर ट्राई करें। कुरकुरे दाल बड़े और चटपटी ग्रेवी का मेल इसे रोटी और चावल के साथ खाने के लिए बेहतरीन बनाता है।
जिमी कांदा सुखड़ी: छत्तीसगढ़ का वह पारंपरिक व्यंजन जिसमें मिलता है वेज में नॉनवेज जैसा लाजवाब स्वाद
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई में जिमी कांदा को सुखाकर सालभर के लिए सुरक्षित रखने की एक अनोखी कला है, जिससे बरसात के दिनों में नॉनवेज जैसी स्वादिष्ट सब्जी तैयार की जाती है।
झारखंड के जंगलों का अनोखा खजाना: सिर्फ 2 महीने मिलता है यह खास बांस, इसकी कुरकुरी पकौड़ी के आगे फीके लगेंगे सारे स्वाद
झारखंड के देवघर और आसपास के जंगलों में मॉनसून के दौरान मिलने वाली बांस करील से बेहद स्वादिष्ट और खट्टे-तीखे पकौड़े बनाए जाते हैं, जानिए इसकी आसान रेसिपी।
बुरहानपुर की अनोखी 'कानोला रोटी': तवे पर सेंकने का झंझट नहीं, भाप में पकने वाली इस पारंपरिक डिश के दीवाने हैं लोग
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के मौसम में पारंपरिक 'कानोला रोटी' बेहद चाव से खाई जाती है। तवे के बजाय भाप में पकने वाली यह डिश निमाड़ी खान-पान का बेहद खास हिस्सा है।
बुंदेलखंडी नींबू-मिर्च का अचार: दादी-अम्मा के नुस्खे से बनाएं विटामिन-सी से भरपूर चटपटी डिश
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की पारंपरिक विधि से सीखें खट्टा-तीखा और मसालेदार नींबू-मिर्च का अचार बनाने की आसान रेसिपी जो सेहत के लिए भी है फायदेमंद।
छत्तीसगढ़ी स्वाद: बस्तर की पारंपरिक बरबटी के पत्तों की सब्जी, ऐसे करें झटपट तैयार
बस्तर के ग्रामीण अंचलों में बरबटी के कोमल पत्तों से बनने वाली सब्जी बेहद लोकप्रिय है, जो कम मसालों के साथ ही बेहतरीन स्वाद देती है।
बरसात के मौसम में घर पर बनाए बघेलखंडी स्वाद वाली भुट्टे की सब्जी, उंगलियां चाटते रह जाएंगे मेहमान
बारिश के दिनों में बघेलखंड का पारंपरिक भुट्टे का साग स्वाद और खुशबू का मेल है, जिसे सतना और रीवा जैसे क्षेत्रों में बेहद पसंद किया जाता है। जानिए इसे बनाने की आसान और प्रामाणिक विधि जिससे आप भी घर पर यह देसी जायका ले सकें।
बघेलखंडी जायके वाले आटे और मेवे के लड्डू घर पर बनाना है बेहद आसान, जानिए क्या है सही विधि
अगर आप पारंपरिक स्वाद के शौकीन हैं तो बघेलखंडी स्टाइल में बने आटे और मेवे के लड्डू आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हैं। इन पौष्टिक और स्वादिष्ट लड्डुओं को घर पर बनाना बहुत ही सरल है और ये लंबे समय तक खराब भी नहीं होते।
छत्तीसगढ़ की खास डिश: बरसात में लें कोईलार भाजी और दाल का मजा, इस पारंपरिक तरीके से घर पर तैयार करें
छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में बरसात के मौसम में कोईलार भाजी और दाल बड़े चाव से बनाई जाती है। बिलासपुर की रहने वाली अन्नू सूर्यकांत ने इसे बनाने की बेहद आसान और पारंपरिक विधि साझा की है।