जीवनशैली
11 घंटे पहले
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बारिश का मौसम आते ही देश के अलग-अलग हिस्सों में खान-पान का मिजाज पूरी तरह बदल जाता है। मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में भी इस मौसम में कुछ खास और पारंपरिक पकवान बनाने की पुरानी परंपरा रही है। बुरहानपुर जिले में इन दिनों एक बेहद अनोखी और पारंपरिक रोटी लोगों की पहली पसंद बनी हुई है, जिसे स्थानीय भाषा में कानोला कहा जाता है। इस रोटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बनाने के लिए आपको सामान्य रोटियों की तरह तवे पर सेंकने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ती है।
निमाड़ के खान-पान का गौरव है कानोला
बुरहानपुर में बारिश का मौसम शुरू होते ही घरों में कानोला रोटी बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है। यह डिश निमाड़ी खान-पान का एक बेहद महत्वपूर्ण और अभिन्न हिस्सा मानी जाती है। मानसून के दौरान लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। इस रोटी को बेहद पारंपरिक तरीके से तैयार किया जाता है, जिससे इसका स्वाद आज भी बरसों पुराना और लाजवाब बना हुआ है।
इसे बनाने की आसान विधि और सामग्रियां
कानोला बनाने की विधि बहुत ही सरल है और इसके लिए रसोई में बहुत ज्यादा तामझाम या अतिरिक्त सामग्रियों की जरूरत नहीं होती है। लोकल 18 की टीम ने जब इस पारंपरिक डिश को बनाने में माहिर एक्सपर्ट महिला वंदना से बातचीत की, तो उन्होंने इसकी बेहद आसान रेसिपी साझा की। वंदना के अनुसार, कानोला बनाने के लिए मुख्य रूप से इन सामग्रियों की आवश्यकता होती है:
- गेहूं का आटा
- पानी
- थोड़ा सा तेल
इसे बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत गेहूं के आटे से होती है। सबसे पहले गेहूं के आटे में आवश्यकतानुसार पानी मिलाकर एक बहुत ही नरम आटा तैयार कर लिया जाता है। इसके बाद, इस गूंथे हुए आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाई जाती हैं और फिर उन्हें मनचाहा आकार देकर तैयार कर लिया जाता है।
तवे के बिना, भाप में पकाने की अनूठी तकनीक
कानोला को पकाने का तरीका इसे दूसरी रोटियों से बिल्कुल अलग और अनूठा बनाता है। इसे पकाने के लिए किसी तवे का इस्तेमाल नहीं होता, बल्कि इसे पूरी तरह से भाप (स्टीम) में पकाया जाता है। एक्सपर्ट महिला वंदना बताती हैं कि इसे पकाने के लिए घर में आसानी से उपलब्ध इडली के बर्तन या फिर किसी भी ऐसे बर्तन का इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें भाप से खाना पकाया जा सके।
सबसे पहले बर्तन में पानी डालकर उसे अच्छी तरह गर्म किया जाता है ताकि पर्याप्त भाप बन सके। पानी के पूरी तरह गर्म हो जाने के बाद, तैयार की गई रोटी को भाप में पकने के लिए रख दिया जाता है। कुछ समय तक भाप में रहने के बाद जब यह अच्छी तरह से पक जाती है, तो इसे बाहर निकाल लिया जाता है। इस प्रकार तैयार होने वाली कानोला रोटी को गरमा-गरम परोसा जाता है, जो बारिश के सुहावने मौसम में खाने का मजा दोगुना कर देती है।
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