जीवनशैली
6 घंटे पहले
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छत्तीसगढ़ का बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ-साथ अपने पारंपरिक और अनूठे खान-पान के लिए भी जाना जाता है। यहां के स्थानीय व्यंजनों की बात ही कुछ अलग होती है। बस्तर क्षेत्र में रखियां बड़ी, आलू, बैंगन और मूंगा की जुगलबंदी से बनने वाली देसी रसेदार सब्जी को लोग बेहद पसंद करते हैं। इस सब्जी को बनाने की विधि बहुत ही आसान है और इसे तैयार करने में किसी तरह का झंझट नहीं होता है। खास बात यह है कि इसे आज भी मिट्टी के बर्तनों में आग पर पारंपरिक तरीके से पकाया जाता है, जिससे इसका स्वाद कई गुना बढ़ जाता है।
सब्जी बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
इस पारंपरिक देसी रेसिपी को बनाने के लिए बहुत ही साधारण और आसानी से मिलने वाली चीजों की आवश्यकता होती है। बस्तर की इस खास सब्जी को तैयार करने के लिए रसोई में निम्नलिखित सामग्री होनी चाहिए:
- रखियां बड़ी: 2 नग
- कटे हुए आलू: 2 नग
- कटे हुए बैंगन: 2 नग
- कटी हुई मूंगा (सहजन): 2 नग
- सूखी लाल मिर्च: 2 नग
- कटी हुई प्याज: आवश्यकतानुसार
- टमाटर: बारीक कटे हुए
- मसाले: हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और स्वादानुसार नमक
- पानी: 1 गिलास
बस्तर शैली में सब्जी बनाने की विधि
इस रसेदार सब्जी को बनाने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है और यह कुछ ही मिनटों में बनकर तैयार हो जाती है। सबसे पहले मिट्टी के बर्तन को आग पर चढ़ाया जाता है और उसमें थोड़ा तेल डालकर गर्म करते हैं। तेल के अच्छी तरह गर्म हो जाने पर, उसमें तड़के के लिए 2 सूखी मिर्च और कटी हुई प्याज डालकर अच्छी तरह से भूना जाता है।
जब प्याज हल्की सुनहरी हो जाए, तब बर्तन में रखियां बड़ी, कटे हुए आलू, कटे हुए बैंगन और कटी हुई मूंगा को एक साथ डाल दिया जाता है। इन सभी सब्जियों को धीमी आंच पर कुछ देर तक पकाया जाता है। इसके बाद, सब्जी में कटे हुए टमाटर मिलाए जाते हैं। फिर इसमें हल्दी पाउडर, स्वादानुसार नमक और मिर्च पाउडर डालकर मसालों को सब्जियों के साथ थोड़ी देर तक अच्छे से भूनते हैं।
परोसने का तरीका
जब मसाले और सब्जियां अच्छी तरह से मिल जाएं, तब इसमें 1 गिलास पानी डाला जाता है और बर्तन को ढककर थोड़ी देर के लिए उबलने दिया जाता है। कुछ ही मिनटों में मिट्टी की सोंधी महक वाली गरमा-गरम देसी रसेदार सब्जी बनकर तैयार हो जाती है। इस पारंपरिक सब्जी को आप गरमा-गरम रोटियों या चावल के साथ परोस सकते हैं, यह हर थाली का स्वाद बढ़ा देती है।
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