उपनाम: पारंपरिक भोजन
रीवा का मशहूर राज विलास होटल: बघेली थाली के स्वाद में सिमटा विंध्य का असली जायका
मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित राज विलास होटल अपनी पारंपरिक बघेली थाली के लिए पर्यटकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां दालपूरी से लेकर रसाज तक के लजीज व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए दूर-दूर से लोग आ रहे हैं।
घर पर बनाएं देवघर का प्रसिद्ध देहाती मटन, लोहे की कड़ाही और घी के स्वाद से महकेगा घर
अगर आप मांसाहारी भोजन के शौकीन हैं तो झारखंड के देवघर का पारंपरिक देहाती मटन आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। लोहे की कड़ाही में धीमी आंच पर पकाए गए इस मटन का स्वाद लाजवाब होता है और इसे घर पर बनाना बेहद आसान है।
राजस्थानी जायके का बेजोड़ संगम: ऐसे बनाएं चना दाल-दाना मेथी की लजीज और पारंपरिक सब्जी
राजस्थान के जालोर की प्रसिद्ध चना दाल और दाना मेथी की सब्जी अपने खास खट्टे-मीठे स्वाद और पारंपरिक मसालों के लिए जानी जाती है। इस लेख में जानिए इसे घर पर बनाने की आसान विधि और स्वाद को बढ़ाने के खास तरीके।
बेतला का महुआ कैफे बदल रहा है महुआ की पुरानी छवि, अब चॉकलेट और प्रोटीन बार के रूप में हो रही है पहचान
झारखंड के पलामू जिले में स्थित बेतला का महुआ कैफे पारंपरिक महुआ को एक नए आधुनिक स्वरूप में पेश कर रहा है। यहां शराब के विकल्प के तौर पर महुआ से बनी चाय, चॉकलेट और प्रोटीन बार जैसे पौष्टिक उत्पाद लोगों को काफी आकर्षित कर रहे हैं।
कम तेल-मसाले में स्वाद का जादू: इस आसान तरीके से बनाएं बुंदेलखंड की प्रसिद्ध कद्दू की सब्जी, उंगलियां चाटते रह जाएंगे आप
बुंदेलखंड की पारंपरिक रसोई से निकली कद्दू की यह खास सब्जी न केवल बेहद स्वादिष्ट है, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान मानी जाती है। बेहद कम तेल और मसालों से तैयार होने वाली इस रेसिपी को पूरियों के साथ परोसकर आप अपने भोजन का मजा दोगुना कर सकते हैं।
सीतामढ़ी की 150 साल पुरानी रसभरी का आज भी बरकरार है जलवा, स्वाद ऐसा कि दीवाने हो जाते हैं लोग
बिहार के सीतामढ़ी में एक ऐसी मिठाई है जो पिछले डेढ़ सौ वर्षों से लोगों की जुबान पर छाई हुई है। शुद्धता और पारंपरिक विधि से तैयार यह रसभरी मुढ़ी और चूड़ा के साथ खाकर लोग बेहद आनंद लेते हैं।
छत्तीसगढ़ की पारंपरिक डिश: उड़द दाल की बड़ी और अरहर दाल का लाजवाब स्वाद
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों में उड़द दाल की बड़ी और अरहर दाल की सब्जी का विशेष स्थान है, जो कम सामग्री के साथ घर पर आसानी से बनाई जा सकती है।
जंगल की देन शारू सुकटी: छत्तीसगढ़ के सरगुजा की पुरानी परंपरा, टमाटर और पसिया से खिलता है स्वाद
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में आदिवासी समाज आज भी जंगल से मिलने वाले शारू का सेवन करते हैं, जिसे सुखाकर सुकटी बनाई जाती है और सदियों से इसे पारंपरिक तरीके से पकाकर खाया जा रहा है।
सरगुजा के जंगलों का खास स्वाद: शारू सुकटी की दीवानगी, पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही है परंपरा
छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में आदिवासी समुदाय जंगल से मिलने वाली शारू सुकटी का सेवन पारंपरिक तरीके से करते हैं। इसे सुखाकर और पीसकर लंबे समय तक संरक्षित रखा जाता है, जो आज भी ग्रामीण थाली का अभिन्न अंग है।
बघेलखंड का खास जायका: अरबी के पत्तों से बनती है स्वादिष्ट रकचिया
बघेलखंड क्षेत्र में भादों के महीने में बनाई जाने वाली पारंपरिक डिश रकचिया अपने अनोखे स्वाद के लिए जानी जाती है। यह डिश अरबी के पत्तों, बेसन और मसालों के मेल से तैयार की जाती है।
करौंदे की चटपटी सब्जी: बघेलखंड के पारंपरिक स्वाद का लें आनंद, बेहद सरल है रेसिपी
अगर आप अपने खाने में कुछ अनोखा और देसी स्वाद ढूंढ रहे हैं, तो बघेलखंड की पारंपरिक करौंदे की सब्जी एक बेहतरीन विकल्प है। यह डिश बनाने में आसान है और अपने खट्टे-मसालेदार स्वाद के कारण सबको बेहद पसंद आती है।
बरसात के मौसम में निमाड़ की खास रेसिपी: गेहूं के आटे का गरमा-गरम हलवा, जानिए बनाने का सही तरीका
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दौरान गेहूं के आटे का हलवा खूब पसंद किया जाता है, जो न केवल स्वाद में लाजवाब है बल्कि सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।
डीग की यात्रा में स्वाद का तड़का: मेवात के ये 4 पारंपरिक व्यंजन जो आपकी ट्रिप को बना देंगे यादगार
राजस्थान के ऐतिहासिक शहर डीग की सैर पर जा रहे हैं, तो वहां की शानदार विरासत के साथ-साथ स्थानीय मेवात क्षेत्र के स्वादिष्ट व्यंजनों का लुत्फ उठाना न भूलें।
बरसात में जंगलों से चुनकर लाते हैं ये खास पत्ता, चावल के माड़ के साथ बनती है लाजवाब सब्जी
छत्तीसगढ़ के सरगुजा में ग्रामीण बरसात के दौरान जंगलों से कोचई पत्ते लाते हैं और उसे सुखाकर चावल के माड़ के साथ एक खास पारंपरिक डिश तैयार करते हैं। यह तरीका उन्हें बाजार पर निर्भर रहने से बचाता है और स्वाद में भी लाजवाब है।
पेनी फ्राई मीट रेसिपी: स्वाद और सेहत का अनोखा संगम, चंद मिनटों में तैयार करें यह खास व्यंजन
अगर आप मांसाहारी भोजन के शौकीन हैं और कुछ नया आज़माना चाहते हैं, तो डोका यानी घोंघे का पेनी फ्राई मीट एक बेहतरीन विकल्प है। जानिए इसे बनाने की आसान विधि और इससे जुड़े पारंपरिक स्वास्थ्य लाभ।