उपनाम: महिला उद्यमी
बीकानेर की सास-बहू ने पेश की मिसाल, रसोई से शुरू किया आत्मनिर्भरता का सफर
बीकानेर की रहने वाली अंजू बेन और उनकी बहू ऋतु ने 'अंजू बेन नू रसोड़ो' के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाई है। कोरोना काल में शुरू हुआ यह छोटा सा काम आज शहर में गुजराती व्यंजनों की खास पसंद बन गया है।
आगरा की बेटी का कमाल: 250 वर्ग फुट की दुकान से खड़ा किया 180 आउटलेट्स का विशाल साम्राज्य
आगरा की रहने वाली नीलम सिंह ने अपनी बचत से 'द बर्गर कंपनी' की शुरुआत की और आज बिना किसी बाहरी फंडिंग के इसे 180 से अधिक स्टोर्स तक पहुँचा दिया है।
बीकानेर की बेटी सरिता धायल की कामयाबी की कहानी: MSc करने के बाद शुरू किया कृषि स्टार्टअप, कमा रही हैं करोड़ों
बीकानेर के बज्जू की रहने वाली सरिता धायल ने उच्च शिक्षा के बाद खेती से जुड़े व्यवसाय में कदम रखा और आज किसानों के लिए एक बड़ी मददगार साबित हो रही हैं।
दंतेवाड़ा की रानी साहू की सफलता: महज ₹2000 से शुरू किया हर्बल साबुन का काम, अब बन गई हैं आत्मनिर्भर
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की रहने वाली रानी साहू ने छोटे से निवेश से अपना हर्बल बिजनेस खड़ा किया है, जो आज कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
केमिकल साइंस में एमटेक के बाद मेरठ की ज्योति ने खड़ा किया अपना स्टार्टअप, बना रहीं 40 तरह के उत्पाद, सालाना करोड़ों का कारोबार
मेरठ की ज्योति ने अपने बेटे के लिए घर में पौष्टिक चीजें बनाते-बनाते वर्ष 2022 में स्टार्टअप शुरू किया और आज वह करीब 40 तरह के उत्पाद तैयार कर रही हैं, जिनकी मांग पूरे देश से आ रही है।
खंडवा के खेड़ी गांव में सहजन ने बदली तस्वीर, महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की 25 से अधिक महिलाओं ने सहजन (मोरिंगा) की खेती को सफल ग्रामीण उद्यम में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
यूट्यूब से सीखा हुनर और पति का साथ, उमरा ने घर से शुरू किया हेयर एक्सेसरीज का कारोबार, हो रही अच्छी कमाई
बहराइच के नाजिरपुरा की रहने वाली उमरा ने मोबाइल पर वीडियो देखकर हेयर बैंड, क्लेचर और टियारा बनाना सीखा और घर बैठे अपना कारोबार खड़ा कर लिया। इंस्टाग्राम और बाजार दोनों जगह बिक्री से उन्हें अच्छी कमाई हो रही है।
हुनर से बनी पहचान: आदिवासी गृहिणी मोनिका हर महीने कमा रहीं 30 हजार, सिर्फ 50 रुपये से शुरू होते हैं फूल
बोकारो की रहने वालीं आदिवासी गृहिणी मोनिका लकड़ा पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट से सजावटी सामान बनाकर हर महीने करीब 25 से 30 हजार रुपये कमा रही हैं। उनके स्टॉल पर 50 रुपये में फूल और 300 रुपये से बुके उपलब्ध हैं।
दादी-नानी की रेसिपी से उपजा सपना, अब फल-फूल रहा है कारोबार
रांची की 55 वर्षीय पूनम देवी ने पारंपरिक पापड़, बड़ी, चिरौरी और अचार बनाने को व्यवसाय का रूप दिया, जिनके उत्पाद अब देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।
गोंडा की आठवीं पास पूजा घर बैठे बनाती हैं दर्जनों किस्म के अचार, 6 महिलाओं को रोजगार देकर कर रहीं बढ़िया कमाई
गोंडा के पंडरी कृपाल विकासखंड की पूजा ने महज आठवीं तक पढ़ाई के बाद घर से अचार बनाने का काम शुरू किया, जो आज 15 से 20 तरह के अचार के कारोबार में बदल चुका है और इससे 5 से 6 महिलाओं को रोजगार भी मिला है।
किचन से शुरू हुआ सफर: रांची की सुष्मिता का मसाला ब्रांड, 5 साल में लाखों तक पहुंची कमाई
झारखंड की राजधानी रांची की सुष्मिता ने अपने घर की रसोई से मसाले का कारोबार शुरू किया और आज वे अपना खुद का ब्रांड चला रही हैं। उनका कहना है कि दमदार प्रोडक्ट और सही रणनीति से कोई भी महिला घर बैठे सफल बिजनेस खड़ा कर सकती है।
यूट्यूब से मिली सीख, मुरादाबाद की खुशबू बिश्नोई ने क्रोशिया की कला से बनाई पहचान, अब दूसरों को दे रहीं हुनर का पाठ
मुरादाबाद की खुशबू बिश्नोई ने यूट्यूब और सोशल मीडिया से सीखकर घर बैठे क्रोशिया के फ्लावर्स तैयार करने का काम शुरू किया, जिनकी आज हजारों की डिमांड बढ़ रही है। वह अब आत्मनिर्भर हैं और दूसरी महिलाओं को भी अपना स्टार्टअप शुरू करने की सीख दे रही हैं।
एक गाय से शुरू हुआ सफर, आज 300 पशुओं वाली डेयरी और हर साल करोड़ों की कमाई — दरियाबेन की प्रेरक कहानी
गुजरात के बनासकांठा की दरियाबेन राजपूत ने मामूली शुरुआत से डेयरी कारोबार खड़ा किया और आज उनके पास 300 से ज्यादा मवेशी हैं। हर दिन करीब 1,000 लीटर दूध की सप्लाई के साथ उनकी सालाना कमाई 1.85 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
रांची की किरण ने 60 की उम्र में खड़ा किया 'जयपुरी कलेक्शन', सालाना कमाई 14 लाख के पार
झारखंड की राजधानी रांची की किरण ने 40 साल की उम्र में साड़ी का कारोबार शुरू किया और आज 'जयपुरी कलेक्शन' नाम से अपना ब्रांड चला रही हैं, जिससे उनकी सालाना कमाई 14 लाख रुपये से ऊपर है।
हुनर और जुनून की मिसाल: गुजरात की अरुणा बनीं आर्टिफिशियल ज्वेलरी की क्वीन, डायमंड कट गहनों की जबरदस्त मांग
गुजरात की अरुणा हाथ से बनी डायमंड कट आर्टिफिशियल ज्वेलरी के लिए देशभर में पहचानी जाती हैं और 20 साल से यह काम कर रही हैं। उनके गहनों की कीमत 1000 से 20000 रुपए तक है, जिन्हें आम लोगों के साथ-साथ आर्मी और एयरफोर्स की महिला अफसर भी खूब खरीदती हैं।