दादी-नानी की रेसिपी से उपजा सपना, अब फल-फूल रहा है कारोबार व्यापार 2 महीने पहले 45
रांची की 55 वर्षीय पूनम देवी ने पारंपरिक पापड़, बड़ी, चिरौरी और अचार बनाने को व्यवसाय का रूप दिया, जिनके उत्पाद अब देश-विदेश तक पहुंच रहे हैं।

आज के बदलते समय में जब पारंपरिक खानपान और घर के बने व्यंजन धीरे-धीरे सिर्फ बीते दिनों की यादें बनकर रह गए हैं, ऐसे में कुछ लोग इन पुराने स्वादों को संजोकर उन्हें नई पहचान दिला रहे हैं। रांची की रहने वाली 55 वर्षीय पूनम देवी इसी कोशिश की एक मिसाल हैं, जिन्होंने अपनी दादी-नानी के दौर के व्यंजनों को रोजगार का जरिया बना लिया।

दादी की विरासत बनी कारोबार की नींव

पूनम देवी ने पुराने जमाने के पापड़, बड़ी, चिरौरी और अचार जैसे पारंपरिक खाद्य पदार्थों को अपने व्यवसाय का आधार बनाया। जो काम कभी घर की रसोई से शुरू हुआ था, वह आज एक भरोसेमंद कारोबार का रूप ले चुका है।

घर से शुरुआत, अब रोजाना मिल रहे ऑर्डर

घर से छोटे स्तर पर शुरू किए गए इस काम की बदौलत अब उन्हें हर दिन ऑर्डर मिल रहे हैं। उनके बनाए उत्पाद केवल स्थानीय बाजार तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि देश और विदेश तक अपनी जगह बना रहे हैं।

आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल

पारंपरिक स्वाद और बेहतर गुणवत्ता के बल पर पूनम देवी ने यह साबित कर दिया है कि लगन और मेहनत से घरेलू हुनर को भी सफल व्यवसाय में बदला जा सकता है। उनकी यह यात्रा आत्मनिर्भरता चाहने वालों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप