उपनाम: महिला उद्यमी
बोकारो की रजनी शर्मा का उद्यमिता सफर: मां के नाम समर्पित ब्रांड और आंवला कैंडी के व्यापार से 7-8 लोगों को दिया रोजगार
बोकारो की रजनी शर्मा ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर आंवला कैंडी और डिहाइड्रेटेड फलों का व्यापार शुरू किया है। 3 साल में अपने उत्पादों की अलग पहचान बनाने वाली रजनी ने अपने ब्रांड का लोगो मां इंदु देवी शर्मा के नाम समर्पित किया है।
बेगूसराय की प्रेमलता की शानदार कामयाबी, घर की छत से शुरू किया अगरबत्ती का कारोबार
बिहार के बेगूसराय की रहने वाली प्रेमलता कुमारी ने घर की छत पर ही अगरबत्ती बनाने का सफल स्टार्टअप शुरू किया है, जिससे वे रोजाना 10 हजार रुपये की बिक्री कर रही हैं और अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रही हैं।
40 हजार से शुरू किया सफर, आज 10 लाख का बना सेटअप, बेगूसराय की प्रेमलता की प्रेरणादायक कहानी
बेगूसराय की रहने वाली प्रेमलता कुमारी ने मात्र 40 हजार रुपये की पूंजी से अगरबत्ती का कारोबार शुरू किया था, जो आज 10 लाख रुपये के सेटअप में तब्दील हो चुका है। इस व्यापार के दम पर उन्होंने न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाली, बल्कि अपने दोनों बेटों को इ...
सफलता की मिसाल: 64 साल की लक्ष्मी हर 3 महीने में बदल देती हैं अपना बिजनेस, हर महीने कमाती हैं 50,000 रुपये
रांची की 64 वर्षीय लक्ष्मी अपने अनोखे बिजनेस मॉडल से न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी हुनर सिखाकर स्वावलंबी बना रही हैं।
सफलता की कहानी: अलवर की अपूर्वा ने घर बैठे खड़ा किया लड्डू गोपाल के श्रृंगार का कारोबार, अब देशभर से आ रहे ऑर्डर
अलवर की अपूर्वा ने घरेलू जिम्मेदारियों के बीच अपने हुनर से लड्डू गोपाल के सुंदर सिंघासन और सजावटी सामान बनाने का सफल व्यवसाय शुरू किया है, जिससे वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ तीन अन्य लोगों को भी रोजगार दे रही हैं।
गोरखपुर की आराधना सामत ने घर से शुरू किया जूट का कारोबार, प्रशासनिक अधिकारियों को भा रहे हैं उत्पाद, हर महीने हो रही 50 हजार रुपये तक की कमाई
गोरखपुर की रहने वाली आराधना सामत ने घर की जिम्मेदारियों को संभालते हुए जूट के आकर्षक उत्पाद बनाने का काम शुरू किया, जिससे वे हर महीने शानदार आमदनी कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
घर के तानों से मिली प्रेरणा, लाह आर्ट के जरिए रश्मि ने बनाई अपनी अलग पहचान
रांची की रश्मि ने लोगों की बातों को नजरअंदाज कर लाह से कलाकृतियां बनाने का हुनर सीखा और आज वह अपनी मेहनत से हर महीने 50,000 रुपये तक की कमाई कर रही हैं।
रांची की ईशा की सफलता की कहानी: कोविड के दौरान शुरू किया मसाला और इंस्टेंट मिक्स का काम, अब दे रही हैं 15 लोगों को रोजगार
रांची की ईशा ने कोविड काल में घर से मसालों और इंस्टेंट मिक्स का कारोबार शुरू किया था, जो आज एक सफल ब्रांड बन चुका है। अपनी मेहनत और शुद्धता के दम पर उन्होंने न केवल एक हजार से ज्यादा स्थायी ग्राहक बनाए हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन...
रांची: प्रीति ने साड़ी कारोबार में रचा इतिहास, मात्र 350 रुपये से शुरू है कलेक्शन
रांची की रहने वाली प्रीति ने साड़ी के व्यवसाय में एक मिसाल कायम की है, जहां वे बेहद किफायती दामों पर साड़ियां उपलब्ध कराकर अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बना रही हैं।
देहरादून की काजल सैनी की सफलता की कहानी, शादी के बाद शौक बना कमाई का जरिया
देहरादून निवासी काजल सैनी ने शादी और गृहस्थी की जिम्मेदारियां निभाने के बाद अपने बचपन के शौक लिप्पन आर्ट को व्यवसाय में बदला है। आज वह हस्तकला के जरिए घर बैठे आत्मनिर्भर बनी हैं।
रांची की नर्मदा का कमाल: नमकीन के बिजनेस से खड़ा किया 20 लाख का साम्राज्य, 90 तरह की वैरायटी से देशभर में है पहचान
झारखंड की राजधानी रांची की 62 वर्षीय नर्मदा आज एक सफल उद्यमी हैं, जो अपने ब्रांड 'रियान' के जरिए 90 तरह की नमकीन और 20 प्रकार के पापड़ बनाकर देश के 10 से ज्यादा राज्यों में सप्लाई कर रही हैं।
50 रुपये के आलू पराठे ने बदली तकदीर, सिर्फ 5 घंटे के स्टार्टअप से लाखों का कारोबार कर रही हैं रायपुर की सपना
रायपुर में सपना गुप्ता का पराठा जंक्शन एक सफल स्टार्टअप बनकर उभरा है, जहां सुबह के 5 घंटों में ही सैकड़ों लोग नाश्ते का आनंद लेने पहुंचते हैं।
जमशेदपुर की मुस्कान और स्मिता ने छोड़ी नौकरी, सड़क किनारे 'कपड़ा क्वीन' स्टार्टअप से बदली किस्मत
जमशेदपुर की दो युवा महिलाओं ने सीमित संसाधनों के बावजूद सड़क किनारे कपड़े का स्टार्टअप शुरू किया और आज कम कीमत में ट्रेंडी फैशन बेचकर अपनी अलग पहचान बना ली है।
सिलाई मशीन बनी किस्मत की चाबी: जमुई की सोनी देवी ने घूंघट की बंदिशें तोड़कर ऐसे हासिल की बड़ी कामयाबी
जमुई की रहने वाली सोनी देवी ने घर की आर्थिक तंगी से लड़ते हुए अपनी सिलाई कला को व्यवसाय का रूप दिया और आज एक आत्मनिर्भर उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने न केवल अपने दम पर कर्ज चुकाया, बल्कि लोन लेकर ननद की शादी भी धूमधाम से संपन्न कराई।
रांची की दो बहनों ने फैशन जगत में गाड़े झंडे: बुटीक के मुनाफे से बदल रहीं हजारों जरूरतमंदों की जिंदगी
रांची की रहने वाली दो बहनें, पर्सी और अंचल, अपने अनोखे फैशन कलेक्शन के जरिए पूरे भारत में मशहूर हो गई हैं। वे अपने बिजनेस से होने वाली कमाई का एक बड़ा हिस्सा हेल्पज फाउंडेशन के माध्यम से शिक्षा और समाज सेवा में खर्च कर रही हैं।