खंडवा के खेड़ी गांव में सहजन ने बदली तस्वीर, महिलाओं ने खड़ा किया लाखों का कारोबार भारत एक घंटा पहले 3
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के खेड़ी गांव की 25 से अधिक महिलाओं ने सहजन (मोरिंगा) की खेती को सफल ग्रामीण उद्यम में बदलकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।

मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छोटे से खेड़ी गांव की महिलाओं ने अपनी मेहनत और नए विचारों के बल पर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल कायम की है। जिस सहजन को कभी गांव के लोग एक साधारण पेड़ मानते थे, वही आज इन महिलाओं के लिए आमदनी का बड़ा जरिया बन चुका है।

साधारण पेड़ से आय का बड़ा स्रोत

सहजन, जिसे मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय तक गांव में उपेक्षित ही रहा। लोग इसे महज एक आम पेड़ समझते थे और इसकी असली कीमत किसी ने नहीं पहचानी थी। लेकिन खेड़ी गांव की महिलाओं ने इसी पेड़ में छिपे अवसर को परखा और इसे अपनी कमाई का आधार बना लिया।

खेती से उद्यम तक का सफर

सहजन की खेती से शुरू हुआ यह सिलसिला अब एक सफल ग्रामीण उद्यम का रूप ले चुका है। शुरुआती कदम के तौर पर शुरू हुई यह पहल धीरे-धीरे एक संगठित कारोबार में बदल गई, जिसने गांव की महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का काम किया।

25 से अधिक महिलाएं जुड़ीं

इस उद्यम से गांव की 25 से अधिक महिलाएं जुड़ चुकी हैं और सभी मिलकर अच्छी कमाई कर रही हैं। सामूहिक प्रयास और नवाचार के दम पर इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद सही दिशा में किया गया प्रयास पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!