उपनाम: कृषि
अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में मिली मधुमक्खियों की दो दुर्लभ प्रजातियां, खेती के लिए हैं वरदान
अरुणाचल प्रदेश की सियांग घाटी में वैज्ञानिकों ने मधुमक्खी की दो नई दुर्लभ प्रजातियों की खोज की है, जो फसलों के परागण और पैदावार बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
मानसून में पशुओं के लिए काल है ये जहरीली घास, गाय-भैंस को बचाने के लिए अभी बरतें ये सावधानियां
बरसात के मौसम में खेतों में उगने वाली कुछ जहरीली घास दुधारू पशुओं के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है, जिससे उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर बुरा असर पड़ता है। पशुपालकों को इन खरपतवारों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित रखने की सख्त जरूरत है।
महाराष्ट्र के किसानों को बड़ी राहत: फडणवीस सरकार ने माफ किया 48 हजार करोड़ रुपये का बिजली बिल
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ा ऐलान करते हुए उन पर बकाया 48 हजार करोड़ रुपये के बिजली बिल को माफ करने का निर्णय लिया है।
बिहार का एक ऐसा गांव जहाँ 99 फीसदी आबादी खेती में है मशगूल, हरदा सब्जी मंडी की रौनक इन्हीं के दम पर
पूर्णिया जिले का नया टोला ठाडा गांव राज्य भर में किसानों के गांव के तौर पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहाँ की 99 प्रतिशत आबादी खेती को ही अपनी आजीविका का मुख्य साधन मानती है और आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रही है।
धान की खेती में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी 'चोपी' तकनीक, कम खर्च में बंपर मुनाफे का तरीका
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में किसान अब पारंपरिक चोपी खेती तकनीक को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रहे हैं। यह विधि कम लागत और कम पानी में भी बेहतर उत्पादन सुनिश्चित करने में सक्षम है।
मधुमक्खी पालकों के लिए काल है लाल चींटी, एक घंटे में तबाह कर सकती है पूरा बॉक्स, बचाव के ये तरीके अपनाएं
बरसात के मौसम में मधुमक्खी पालन में लाल चींटियों का प्रकोप सबसे बड़ी समस्या है, जो कुछ ही देर में बक्सों को खाली कर सकती हैं। इन चींटियों से अपनी मधुमक्खियों को बचाने के लिए कुछ बेहद प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं।
बिहार: मछली के तालाब के ऊपर मुर्गी पालन, किसान ने अपनाया कमाई का अनोखा मॉडल
जहानाबाद के एक किसान ने तकनीक का इस्तेमाल कर तालाब के ऊपर ही पोल्ट्री फार्म तैयार किया है, जिससे खर्च कम होगा और एक ही जमीन से कई गुना ज्यादा मुनाफा कमाने का रास्ता साफ होगा।
बदलने वाला है मानसून का मिजाज, क्या थम जाएगी झमाझम बारिश? IMD ने जारी किया अपडेट
भारत में सक्रिय मानसून की रफ्तार अब धीमी पड़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश में कमी देखने को मिलेगी।
बरसात में एडेनियम की देखभाल कैसे करें, फूलों से लद जाएगा आपका बगीचा
बरसात का मौसम एडेनियम यानी रेगिस्तानी गुलाब के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, लेकिन इस दौरान पौधों को बचाने के लिए कुछ खास सावधानियां बरतनी जरूरी हैं।
आम और लीची की खेती का दौर पुराना, अब बनारसी कागजी नींबू से किसान कमा रहे हैं लाखों
बिहार के पूर्वी चंपारण में बनारसी कागजी नींबू की खेती किसानों के लिए मुनाफे का नया जरिया बन गई है। यह किस्म न केवल कांटे रहित है, बल्कि एक ही पेड़ से बंपर पैदावार देकर किसानों की आय बढ़ा रही है।
पूर्वी चंपारण में किसानों की नई राह: चिरचिरा की खेती से कमा रहे हैं मुनाफा, दो महीने में तैयार होती है फसल
बिहार के पूर्वी चंपारण में किसान अब पारंपरिक फसलों से हटकर चिरचिरा जैसी सब्जियों की खेती कर रहे हैं। बांस के मचानों पर लटकने वाली यह सब्जी अपनी अनूठी स्वाद और खेती की आसान तकनीक के कारण किसानों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है।
कम जमीन में बंपर मुनाफा, छपरा के किसान बैगन, टमाटर और मिर्च की नर्सरी से कमा रहे हैं 40 हजार रुपये महीना
छपरा के किसान अब पारंपरिक खेती से हटकर नए तरीके अपना रहे हैं। कम जगह में नर्सरी तैयार कर ये किसान हर महीने लाखों की कमाई कर रहे हैं और दूसरों के लिए मिसाल बन गए हैं।
क्या आपने देखा है ब्लैक डायमंड अमरूद? समस्तीपुर के किसान ने उगाया अद्भुत काला फल
बिहार के समस्तीपुर जिले के किसान संजीत ठाकुर ने बागवानी में एक अनोखा प्रयोग करते हुए काले अमरूद की खेती की है। बाहर से काले रंग के दिखने वाले इस फल का अंदरूनी हिस्सा गुलाबी है, जो अपनी मिठास के कारण लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
बिहार का ये 'सुपर फूड' अब देश भर में बढ़ाएगा किसानों की कमाई, सरकार ने बनाई खास योजना
मिथिला के मशहूर मखाने की बढ़ती मांग को देखते हुए अब सरकार इसका दायरा देश के अन्य राज्यों में बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इससे किसानों को पारंपरिक खेती की तुलना में कई गुना अधिक मुनाफा मिलने की उम्मीद है।
मत्स्य पालन: बिहार के किसानों के लिए सुनहरा मौका, 6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग का होगा आयोजन
बिहार के जहानाबाद जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कुल 60 किसान भाग ले सकेंगे।