उपनाम: कृषि
एल नीनो का असर: पलामू में धान की जगह स्वीट कॉर्न की खेती से किसान कमा रहे तिगुना मुनाफा
एल नीनो की वजह से कम बारिश के कारण पलामू में धान की खेती प्रभावित हुई है, जिसके चलते किसान अब स्वीट कॉर्न जैसी कम लागत वाली नकदी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं।
₹100 प्रति किलो बिकने वाली देसी खेक्सी की खेती से मालामाल हो रहे किसान, जानें नर और मादा पौधे का बड़ा राज
छत्तीसगढ़ के जंगलों में पाई जाने वाली देसी खेक्सी अब किसानों की आय का एक बड़ा जरिया बन गई है। बिलासपुर के एक प्रगतिशील किसान ने इस फसल के बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए इसके बीज से खेती करने का सफल तरीका साझा किया है।
बरसात के मौसम में पशुओं की सेहत का ऐसे रखें ख्याल, थनेला रोग से बचाना है बेहद जरूरी
मानसून के दौरान पशुपालन में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि किस तरह डेयरी और दुधारू पशुओं को बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सकता है।
बोकारो: किसान मनोज महतो ने बैंगन की खेती से बदली किस्मत, 35 हजार की लागत पर 2 लाख 15 हजार का मुनाफा
झारखंड के बोकारो जिले में एक किसान ने आधुनिक तकनीक अपनाकर खेती को मुनाफे का सौदा बना दिया है। मनोज महतो ने मात्र 35 हजार रुपये निवेश कर 2 लाख 15 हजार रुपये से अधिक की कमाई की है।
रिश्तेदार के खेत से मिली प्रेरणा, अब सरगुजा के किसान ने देसी मीठे पान की खेती से बदली अपनी किस्मत
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक किसान ने अपने शौक को मुनाफे वाली खेती में बदल दिया है। बिना किसी खास कीटनाशक या अतिरिक्त खर्च के, महज छह महीने में उनके द्वारा लगाई गई मीठे पान की फसल अब लहलहा रही है।
अगस्त में बेबी कॉर्न की खेती: महज 60 दिन में डेढ़ लाख तक की कमाई, कम लागत में बनेगा मालामाल
बेबी कॉर्न की खेती किसानों के लिए बेहद मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। वैज्ञानिक सलाह और सही तकनीक अपनाकर किसान सिर्फ 60 दिनों में अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकते हैं।
जोधपुर में मूसलाधार बारिश: सड़कें बनीं नदियां, उमस से मिली राहत और किसानों में खुशी
जोधपुर शहर और जिले में दोपहर बाद अचानक हुई जोरदार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। इस बारिश ने सड़कों को तालाब में तब्दील कर दिया, लेकिन किसानों के लिए यह सौगात बनकर आई है।
परवल की खेती से होगा शानदार मुनाफा, जानिए कब और कैसे करें रोपाई
सीतामढ़ी के कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, वैज्ञानिक ढंग से परवल की खेती करने पर किसान कम लागत में बंपर पैदावार प्राप्त कर सकते हैं। सही रोपाई के समय, दूरी और खाद के प्रबंधन से पूरे सीजन तक अच्छी कमाई की जा सकती है।
बाढ़ से पहले बागवानी बचाने का आसान तरीका: आम और लीची के पेड़ों को ऐसे रखें सुरक्षित
बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में किसानों के लिए अपने बगीचों को बचाना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार कुछ सरल उपाय अपनाकर पेड़ों को सड़ने और सूखने से बचाया जा सकता है।
लाल चंदन की खेती: कम लागत में करोड़ों का मुनाफा, जानिए भविष्य के इस निवेश के बारे में सबकुछ
लाल चंदन की खेती आजकल किसानों के बीच एक बेहतरीन निवेश के रूप में उभर रही है। हालांकि इसमें 15 से 20 साल का लंबा समय लगता है, लेकिन भविष्य में मिलने वाला इसका मुनाफा बेहद आकर्षक हो सकता है।
सफलता की कहानी: सरगुजा के किसान ने मिश्रित खेती से 60 दिन में मिर्च बेचकर कमाए 40 हजार रुपये
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के एक युवा किसान ने सवा दो एकड़ भूमि पर मिश्रित खेती का ऐसा मॉडल अपनाया है कि उन्होंने मिर्च की फसल से ही अपनी लागत निकालकर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है। फलदार पेड़ों के बीच नकदी फसल उगाकर वे अन्य किसानों के लिए एक उदाहरण बन गए है...
छपरा के किसान सत्यनारायण यादव का कमाल: खेती को बना दिया चलता-फिरता एटीएम, रोजाना हो रही है बंपर कमाई
बिहार के छपरा जिले के प्रगतिशील किसान सत्यनारायण यादव ने जैविक खेती के जरिए सफलता की मिसाल पेश की है। वे रासायनिक खाद को छोड़कर खुद खाद तैयार कर रहे हैं और रोजाना लौकी की बिक्री से हर महीने हजारों रुपये कमा रहे हैं।
बकरियां आखिर ऊंचाई पर ही क्यों बैठना पसंद करती हैं? जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
बरसात के मौसम में बकरियों को गीली जगहों से बचाना उनकी सेहत के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि ये जानवर स्वभाव से ही ऊंचाई और सूखी जगह पर रहना पसंद करते हैं।
मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा तोहफा: मूंग की खरीद सीमा 60 फीसदी हुई, बुकिंग की समय सीमा भी बढ़ी
मध्य प्रदेश सरकार ने किसान संगठनों की मांग पर मूंग उपार्जन की सीमा को 25 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी करने का बड़ा फैसला लिया है, साथ ही बुकिंग की तारीखों में भी विस्तार किया गया है।
खेती का शानदार मॉडल: एक ही खेत से कई गुना कमाई का जरिया, अपनाएं यह अनोखा तरीका
छपरा के किसान अब एक ही खेत में एक साथ कई फसलें उगाकर अपनी आय को दोगुना और तिगुना कर रहे हैं। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा बताए गए जैविक खेती के इस तरीके से लागत कम और उत्पादन अधिक हो रहा है।