उपनाम: कृषि
50 नींबू के पौधों से हर साल 25,000 की पैदावार, जानिए कैसे बोकारो के किसान ने बदली अपनी किस्मत
बोकारो के एक प्रगतिशील किसान ने पारंपरिक खेती के साथ ग्राफ्टेड नींबू की बागवानी कर बंपर मुनाफा कमाना शुरू कर दिया है। मात्र 50 पौधों के जरिए वे सालाना 50,000 रुपये तक की कमाई कर रहे हैं।
धान की रोपाई में देरी से परेशान हैं किसान? कृषि वैज्ञानिकों ने सुझाया यह बेहतरीन विकल्प, सरकार देगी मोटी प्रोत्साहन राशि
पलामू में कम बारिश के चलते धान की रोपाई नहीं हो पाई है, ऐसे में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को अरहर की खेती करने की सलाह दी है। इस योजना के तहत सरकार बीज उत्पादन पर 4,500 रुपये प्रति क्विंटल की सहायता दे रही है।
बरसात के मौसम में दुधारू पशुओं को थनेला रोग से बचाना है जरूरी, अपनाएं ये खास टिप्स
बरसात के दौरान दुधारू पशुओं में थनेला रोग का खतरा सबसे अधिक होता है, जिससे बचने के लिए कुछ छोटी लेकिन महत्वपूर्ण सावधानियां अपनाकर आप दूध उत्पादन को बरकरार रख सकते हैं।
छपरा के किसान अब घर पर बना रहे जैविक खाद और दवा, खेती की लागत में आई भारी कमी
बिहार के छपरा में कृषि वैज्ञानिकों की मदद से किसान खुद ही जैविक खाद और कीटनाशक तैयार कर रहे हैं, जिससे खेती का खर्च आधा हो गया है।
समस्तीपुर के किसान ने साझा किया ग्राफ्टिंग का आसान तरीका, एक ही पेड़ पर मिलेंगी आम और अमरूद की कई वैरायटी
बरसात के मौसम में पेड़-पौधों पर कलम बांधने की तकनीक बेहद कारगर साबित हो रही है, जिससे किसान कम जगह में एक ही पौधे से विभिन्न प्रकार के फल प्राप्त कर सकते हैं।
भिंडी की इस खास किस्म से बढ़ सकती है किसानों की कमाई, सिर्फ 45 दिन में मिलेगी पहली पैदावार
बिहार में किसान अब भिंडी की एक विशेष उन्नत किस्म की खेती कर रहे हैं जिससे कम समय में अधिक उत्पादन और मुनाफा मिल रहा है। इसे सागा भिंडी के नाम से जाना जाता है जो बेहद मुलायम और अधिक पैदावार देने वाली है।
किसानों के लिए कमाई का जरिया: बैकयार्ड में वनराजा मुर्गी पालन से बढ़ेगा मुनाफा
मुर्गी पालन के व्यवसाय में बेहतर मुनाफे की तलाश कर रहे किसानों के लिए वनराजा नस्ल एक शानदार विकल्प साबित हो रही है। कम लागत और बीमारियों से बचाव के चलते यह प्रजाति अंडे और मांस दोनों के लिए बेहद लाभदायक है।
किसानों के लिए खुशखबरी: पॉलीहाउस निर्माण पर पाएं 50% तक सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन
बिलासपुर उद्यान विभाग द्वारा किसानों को आधुनिक खेती के लिए पॉलीहाउस लगाने पर 50 प्रतिशत की भारी सब्सिडी दी जा रही है, जिसका लाभ पहले आओ पहले पाओ के आधार पर उठाया जा सकता है।
बिहार के समस्तीपुर में किसानों के लिए खुशखबरी, सौंफ की खेती पर मिलेगा 20,000 रुपये का अनुदान
बिहार के समस्तीपुर जिले के किसानों के लिए कृषि विभाग ने नई योजना शुरू की है, जिसके तहत सौंफ की खेती पर प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये की सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य जिले को मसाला उत्पादन का प्रमुख हब बनाना है।
छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10 प्रतिशत आरक्षण
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अग्निवीरों के लिए बड़ा निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही राज्य में खाद की आपूर्ति को सुव्यवस्थित करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है।
पशु स्वास्थ्य: क्या मानसून में भीगने से मवेशियों को हो सकता है निमोनिया? जानिए विशेषज्ञ की सलाह
बरसात के मौसम में पशुओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञ का कहना है कि लगातार बारिश में भीगने से मवेशियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, जिससे उनमें निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है।
बांस की 15 दुर्लभ प्रजातियां: निर्माण से लेकर स्वादिष्ट व्यंजन तक, जानिए इसके हैरान करने वाले उपयोग
डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में बांस की विभिन्न प्रजातियों पर शोध किया जा रहा है, जो केवल निर्माण ही नहीं बल्कि खाद्य पदार्थों में भी इस्तेमाल होती हैं।
छपरा में करेले की खेती का जलवा, जानिए क्यों दूर-दूर से आते हैं व्यापारी
बिहार के छपरा जिले के मांझी क्षेत्र में किसान विशेष प्रकार की करेले की खेती कर मालामाल हो रहे हैं। यहाँ अपनाई जाने वाली मचान विधि और नंदिता किस्म के करेले की जबरदस्त मांग है।
अंबाला में किसानों की चिंता बढ़ी, फसल बचाने की जद्दोजहद में जुटे अन्नदाता
अंबाला छावनी के हाथीखाना क्षेत्र में बेमौसम गर्मी और बारिश की कमी ने किसानों की कमर तोड़ दी है, जिससे उन्हें अब मुनाफे की जगह सिर्फ अपनी लागत निकलने की चिंता सता रही है।
मानसून के दौरान सब्जियों की फसल पर मंडराया संकट, कृषि विशेषज्ञों ने दिए बचाव के प्रभावी सुझाव
बरसात के मौसम में बढ़ती नमी के कारण सब्जियों की फसलों में फफूंद जनित रोगों का खतरा बढ़ जाता है, जिससे बचने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने समय पर सावधानी बरतने और उचित प्रबंधन की सलाह दी है।