मत्स्य पालन: बिहार के किसानों के लिए सुनहरा मौका, 6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग का होगा आयोजन बिहार एक महीने पहले 61
बिहार के जहानाबाद जिले में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए विभाग द्वारा विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कुल 60 किसान भाग ले सकेंगे।

बिहार में मत्स्य पालन को मिलेगा नया आयाम

बिहार में मछली पालन के व्यवसाय से जुड़े लोगों और इसमें रुचि रखने वाले नए उद्यमियों के लिए एक बेहतरीन अवसर सामने आया है। राज्य के जहानाबाद जिले में मत्स्य विभाग की ओर से विशेष प्रशिक्षण सत्रों का आयोजन किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से अवगत कराना है ताकि वे मत्स्य पालन के जरिए अपनी आय में वृद्धि कर सकें। इस पूरे कार्यक्रम के तहत कुल 60 किसान प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

दो अलग-अलग चरणों में होगी ट्रेनिंग

जहानाबाद जिले में आयोजित होने वाले ये प्रशिक्षण कार्यक्रम दो अलग-अलग तिथियों पर संपन्न होंगे। विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार:

  • प्रथम चरण: यह ट्रेनिंग कार्यक्रम 27 जुलाई से शुरू होकर 01 अगस्त तक चलेगा। इसमें अधिकतम 30 किसान भाग ले सकेंगे।
  • द्वितीय चरण: दूसरा बैच 26 अक्टूबर से शुरू होगा और 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इस चरण में भी 30 ही मत्स्य पालक शामिल हो पाएंगे।

यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल 6 दिवसीय होगा, जो राजधानी पटना के शास्त्रीनगर स्थित दीप नारायण सिंह सहकारी प्रबंधन संस्थान में आयोजित किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरी ट्रेनिंग के लिए किसानों को कोई शुल्क नहीं देना होगा, यह पूर्णतः निःशुल्क है।

आवेदन की प्रक्रिया और दिशा-निर्देश

इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए इच्छुक व्यक्तियों को पंजीकरण कराना अनिवार्य है। मत्स्य विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा प्रदान की है। जो किसान खुद ऑनलाइन फॉर्म भरने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं, वे सीधे जहानाबाद स्थित विभागीय कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं। वहां के अधिकारी आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में उनकी सहायता करेंगे। प्रशिक्षण के लिए चयनित होने के बाद, जिला मत्स्य कार्यालय की ओर से निर्धारित तारीख पर सभी किसानों को प्रशिक्षण स्थल तक ले जाने की व्यवस्था की जाएगी।

मछली पालन का बढ़ता चलन

जहानाबाद जिले में पिछले कुछ समय से मत्स्य पालन को लेकर लोगों का उत्साह काफी बढ़ गया है। समाज के हर वर्ग के लोग अब इस व्यवसाय में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। विभाग का मानना है कि जो लोग बिना उचित प्रशिक्षण के इस काम की शुरुआत करते हैं, उन्हें तकनीकी जानकारी के अभाव में कई बार नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में यह 6 दिवसीय प्रशिक्षण सत्र उन लोगों के लिए बहुत मददगार साबित होगा जो इस व्यवसाय को वैज्ञानिक तरीके से शुरू करना चाहते हैं। सही जानकारी और कौशल के साथ मछली पालन करने से न केवल घाटे की संभावना कम होती है, बल्कि उत्पादन में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। इच्छुक किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपना पंजीकरण पूरा कर लें ताकि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठा सकें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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