उपनाम: किसान सलाह
हाइब्रिड टमाटर की खेती में मुनाफा चाहिए तो ये गलतियां न करें, वरना उठाना पड़ सकता है घाटा
मानसून से पहले टमाटर की तैयारी में जुटे किसानों को इस बार अलनीनो के असर और जल्दबाजी से बचने की सलाह दी गई है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार सही समय पर बेड तैयारी, मल्चिंग और प्लांटिंग से ही नुकसान टाला जा सकता है।
जून में खरपतवार और कीटों का हमला: गन्ने की पत्तियां काली, खेत की नमी खत्म, जानें बचाव
जून का महीना गन्ने की फसल के लिए नाजुक दौर होता है, जब बढ़ता तापमान और मानसून की दस्तक के बीच खरपतवार तथा कई तरह के कीट फसल को भारी नुकसान पहुंचाते हैं। विशेषज्ञ के अनुसार इस समय फसल की खास देखभाल जरूरी है।
धान की फसल का बड़ा दुश्मन तना छेदक, खेत में दिखते ही करें ये उपाय वरना उठाना पड़ेगा नुकसान
धान की खेती में तना छेदक कीट पौधे को अंदर से खाकर सुखा देता है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार फेरोमोन ट्रैप, ट्राइको कार्ड, नीम तेल का छिड़काव, लाइट ट्रैप और रोपाई से पहले पौध की कटिंग जैसे उपायों से इस पर असरदार नियंत्रण पाया जा सकता है।
किसान ध्यान दें! पत्ती लपेटक कीट चट कर सकता है पूरा धान का खेत, अपनाएं 'लेफ्ट राइट' तकनीक
धान रोपाई के तुरंत बाद पत्ती लपेटक कीट पौधों की पत्तियों को खाकर उनकी बढ़त रोक देता है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार रस्सी से लेफ्ट राइट तकनीक अपनाकर और खेत में पानी भरकर इस कीट पर काबू पाया जा सकता है।
कद्दूवर्गीय सब्जियों पर भूरी रोग का प्रकोप, विशेषज्ञ से समझें पहचान और बचाव के तरीके
गर्मी में लौकी, तोरई, कद्दू और खीरा जैसी फसलों पर भूरी रोग (पाउडरी मिल्ड्यू) का हमला तेज हो गया है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को समय रहते पहचान और रासायनिक उपचार अपनाने की सलाह दी है।
राजस्थान का मौसम: कहीं आंधी-बारिश तो कहीं प्रचंड लू, जयपुर-भरतपुर और अलवर के लिए IMD की चेतावनी
मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों के लिए राजस्थान का ताजा पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें पूर्वी हिस्से में आंधी और हल्की बारिश तथा पश्चिमी सीमावर्ती इलाकों में भीषण हीटवेव की आशंका जताई गई है।
महीन हो या मोटा धान, ये किस्में देंगी बंपर पैदावार; जानिए जून के पहले हफ्ते में नर्सरी डालने का फायदा
खरीफ सीजन की मुख्य फसल धान के लिए जून के पहले हफ्ते में नर्सरी डालना सबसे उपयुक्त माना जाता है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार मिट्टी और जलभराव के हिसाब से सही किस्म चुनकर किसान बेहतर उत्पादन ले सकते हैं।
बैंगन की फसल पर तना-फल छेदक का हमला, जानें कीटों से बचाव के असरदार उपाय
बैंगन की खेती में तना-फल छेदक, माहू और सफेद मक्खी जैसे कीट सबसे बड़ा नुकसान पहुंचाते हैं। नियमित निगरानी, खेत की सफाई, फेरोमोन ट्रैप और नीम तेल के छिड़काव से फसल को आसानी से बचाया जा सकता है।
धान की नर्सरी में पौधे पीले या बढ़वार रुकी? एक्सपर्ट का पक्का इलाज, मिलेगी बढ़िया पैदावार
धान की अच्छी पैदावार के लिए सही नर्सरी तैयार करना सबसे अहम है। जानिए वह वैज्ञानिक तरीका जिससे पौधों का पीलापन और रुकी हुई बढ़वार की समस्या दूर होगी और नर्सरी सिर्फ 21 दिनों में रोपाई के लिए तैयार हो जाएगी।
नींबू के बाग में अपनाएं यह आसान तरकीब, 45 डिग्री तापमान में भी न झुलसेगा पेड़ और न जलेगा फल
उद्यानिकी विशेषज्ञ निर्मल कुमार गोयल के अनुसार तेज गर्मी में नींबू के पौधों को बचाने के लिए सिंचाई का सही समय, थाला पद्धति और गोबर-वर्मी कंपोस्ट का संतुलित उपयोग सबसे कारगर उपाय है। इससे फल जलने से बचते हैं और पैदावार भी बेहतर होती है।
धान में हरियाली घट रही है तो यूरिया नहीं, माइक्रोन्यूट्रिएंट का करें छिड़काव, कीट भी रहेंगे दूर और फसल बनेगी मजबूत
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान में हरियाली बढ़ाने के लिए ज्यादा यूरिया डालने से फसल को नुकसान पहुंचता है। बेहतर परिणाम के लिए किसानों को सूक्ष्म तत्वों यानी माइक्रोन्यूट्रिएंट का छिड़काव करना चाहिए।
किसान रहें सतर्क! गन्ने को भीतर से खोखला बना रहा यह ज़मीनी कीट, जानें पहचान और बचाव के तरीके
इन दिनों गन्ने की फसल पर दीमक का हमला तेज़ी से बढ़ रहा है, जो जड़ों को काटकर पौधे को अंदर से खोखला कर देती है। विशेषज्ञों ने इसकी पहचान और जैविक व रासायनिक दोनों तरह के उपचार बताए हैं।
मेढ़ विधि से तेज आंधी-बारिश में भी सुरक्षित रहेगी मक्के की फसल, कृषि विशेषज्ञ ने बताया कारगर तरीका
मानसून से पहले खेत की सही तैयारी, मेढ़ विधि और उन्नत किस्मों के चयन से किसान भारी बारिश और तेज आंधी में भी मक्के की फसल को गिरने और सड़ने से बचा सकते हैं। देवघर के कृषि विशेषज्ञ ने इसके पूरे तरीके की जानकारी दी है।
हर 3 साल में करें यह एक काम, बंजर खेत भी देगा बंपर पैदावार, जानें कृषि विशेषज्ञ की राय
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में हर तीन साल में एक बार खेत की गहरी जुताई प्लाऊ से करवाने पर मिट्टी की कठोर परत टूटती है और पोषक तत्व बढ़ते हैं। यही उपाय बंजर होती जमीन को फिर से उपजाऊ बना देता है।
कम बारिश की आशंका में किसान क्या लगाएं? कृषि वैज्ञानिक ने सुझाईं धान की 5 भरोसेमंद किस्में
मानसून में सामान्य से कम बारिश की आशंका के बीच कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक ने किसानों को कम अवधि और कम पानी में तैयार होने वाली धान की किस्में अपनाने की सलाह दी है, जो 120 से 130 दिनों में पककर तैयार हो जाती हैं।