किसान ध्यान दें! पत्ती लपेटक कीट चट कर सकता है पूरा धान का खेत, अपनाएं 'लेफ्ट राइट' तकनीक उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 25
धान रोपाई के तुरंत बाद पत्ती लपेटक कीट पौधों की पत्तियों को खाकर उनकी बढ़त रोक देता है। कृषि विशेषज्ञ के अनुसार रस्सी से लेफ्ट राइट तकनीक अपनाकर और खेत में पानी भरकर इस कीट पर काबू पाया जा सकता है।

धान की रोपाई के ठीक बाद किसानों के सामने जो सबसे बड़ी मुसीबत खड़ी होती है, वह है पत्ती लपेटक कीट। यह कीट जमीन से चलकर पौधे की पत्तियों के बीच पहुंच जाता है और धीरे-धीरे उन्हें खाने लगता है। शुरुआत में ही पौधे को नुकसान पहुंचने से उसकी बढ़त रुक जाती है और जरा सी लापरवाही होने पर यह समस्या पूरे खेत में फैल जाती है।

सहारनपुर में बासमती के साथ अन्य किस्मों की खेती

उत्तर प्रदेश का सहारनपुर बासमती धान की खेती के लिए खास पहचान रखता है। यहां के किसान बासमती के अलावा धान की दूसरी किस्में भी उगाते हैं। धान की फसल में कई तरह की बीमारियां पैदावार को नुकसान पहुंचाती हैं, लेकिन रोपाई की शुरुआत में सबसे ज्यादा असर पत्ती लपेटक कीट का ही दिखाई देता है। यह कीट शुरू से ही धान के पौधे को खाना शुरू कर देता है, जिससे पौधा ठीक से अपना भोजन नहीं बना पाता और उसकी ग्रोथ थम जाती है।

कहां छिपा रहता है यह कीट

सहारनपुर के कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. आईके कुशवाहा बताते हैं कि पत्ती लपेटक एक ऐसा कीट है जो पौधे पर एक बार चढ़ जाने के बाद आसानी से नीचे नहीं गिरता। इसका प्रकोप सबसे ज्यादा धान की फसल में ही देखने को मिलता है।

उनके अनुसार यह कीट पत्ती के हरे हिस्से को खाता है। जब फसल इसकी चपेट में आती है तो पत्ती का ऊपरी हिस्सा मुड़ा हुआ नजर आने लगता है और इसी मुड़ी हुई पत्ती में सुंडी छिपी रहती है।

रोपाई के समय बरतें यह सावधानी

डॉ. कुशवाहा सलाह देते हैं कि इस कीट से बचाव के लिए धान की पौध की रोपाई करते समय ऊपर के एक तिहाई हिस्से को तोड़कर लगाना चाहिए। ऐसा करने से इस कीट का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाता है।

रस्सी से करें 'लेफ्ट राइट' तकनीक

कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से इस कीट से छुटकारा दिलाने के लिए लेफ्ट राइट तकनीक का अभियान चलाया जाता है। डॉ. कुशवाहा के मुताबिक, अगर खेत में पत्ती लपेटक कीट के लक्षण दिखाई दें तो एक रस्सी लेकर उसे लेफ्ट राइट यानी आगे-पीछे घुमाते हुए पौधों को हिला देना चाहिए। पत्तियों के हिलने से कीट नीचे गिर जाता है।

खेत में पानी भरा होना जरूरी

विशेषज्ञ खास तौर पर ध्यान दिलाते हैं कि इस तकनीक को अपनाते समय खेत में पानी भरा होना बेहद जरूरी है। पानी में गिरते ही कीट मर जाता है। उन्होंने यह भी आगाह किया कि यूरिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने पर भी यह समस्या और बढ़ जाती है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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