उपनाम: कोडरमा
कोडरमा में गूंजे 'जय जगन्नाथ' के जयकारे, पहली भव्य रथ यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब
झुमरी तिलैया में पहली बार आयोजित भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा ने शहर को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। बारिश के बावजूद हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने उत्साह के साथ रथ को खींचकर इस ऐतिहासिक आयोजन को यादगार बना दिया।
कोडरमा के राजकुमार की प्रेरणादायक कहानी: चेन्नई में करते थे मजदूरी, अब झाड़ू बनाकर कमा रहे हैं लाखों रुपये
झारखंड के कोडरमा निवासी राजकुमार साव ने चेन्नई में सीखी कला को अपना हथियार बनाया और गांव लौटकर एक सफल झाड़ू निर्माण का स्टार्टअप शुरू किया। आज वे अपनी मेहनत से हर महीने 4 से 5 लाख रुपये का टर्नओवर हासिल कर रहे हैं।
कोडरमा के पिंटू की अनोखी पहल: मोटरसाइकिल पर शुरू की मिनी चक्की, ₹30000 के निवेश से कर रहे हैं शानदार कमाई
कोडरमा के पिंटू कुमार ने अपनी मोटरसाइकिल को ही मिनी चक्की में बदल दिया है, जिससे वे लोगों को घर बैठे शुद्ध सत्तू मुहैया करा रहे हैं। मात्र ₹30000 की लागत से शुरू हुए इस देसी स्टार्टअप ने न केवल लोगों का भरोसा जीता है, बल्कि यह पिंटू की कमाई का बेहतरीन जरि...
कोडरमा के राहुल ने नीट में लहराया परचम, पिता के संघर्ष और डॉक्टर बनने के संकल्प ने बदली तकदीर
झारखंड के कोडरमा के रहने वाले 19 वर्षीय राहुल कुमार ने नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। साल 2020 में पिता को कोरोना से जूझते देख राहुल ने डॉक्टर बनने का जो संकल्प लिया था, उसे उन्होंने अपनी मेहनत और निरंतर अभ्यास से पूरा कर दिखाया है।
पिता के निधन से नहीं डिगे कदम, झुमरी तिलैया के सगलदीप सिंह ने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट डॉक्टर बनकर किया नाम रोशन
झुमरी तिलैया के रहने वाले सगलदीप सिंह ने विपरीत परिस्थितियों और पिता के साये के बिना भी अपने हौसले को टूटने नहीं दिया और भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया।
कोडरमा की मशहूर झिल्लियां: कलाकंद और मलाई चॉप के जमाने में भी बरकरार है इस पारंपरिक मिठाई का जलवा
कोडरमा में करीब चार दशक पुरानी झिल्लियां मिठाई आज भी अपनी लोकप्रियता बरकरार रखे हुए है। शुद्ध गेहूं, गुड़ और बिना किसी केमिकल के तैयार होने वाली यह मिठाई न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है।
झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद हुआ मशहूर: GI टैग के बाद अब बाजार में चॉकलेट और गुड़ फ्लेवर की धूम
झारखंड के कोडरमा स्थित झुमरी तिलैया के केसरिया कलाकंद को प्रतिष्ठित GI टैग मिलने के बाद इसकी लोकप्रियता पूरे देश में बढ़ गई है, जिसके चलते अब इसे नए फ्लेवर में भी पेश किया जा रहा है।
बिना कोचिंग पास की बीपीएससी की कठिन परीक्षा: अमित प्रकाश की सफलता का अनूठा फॉर्मूला
कोडरमा के अमित प्रकाश ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी 70वीं परीक्षा में सफलता हासिल कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी का पद पाया है। उन्होंने घर पर रहकर और डिजिटल तकनीक की मदद से यह उपलब्धि हासिल की।
झुमरी तिलैया में उगा दुनिया का सबसे महंगा मियाजाकी आम, अंतरराष्ट्रीय बाजार में 3 लाख रुपये प्रति किलो तक है कीमत
झारखंड के कोडरमा जिले में मियाजाकी आम का पेड़ चर्चा का विषय बना हुआ है, जिसमें दुनिया की सबसे महंगी आम की किस्म के फल लगे हैं। जापान में 'सन ऑफ एग' के नाम से मशहूर यह फल अपनी खास गुणवत्ता और स्वास्थ्य लाभों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेशकीमती माना जाता...
कोडरमा में फलों से लदा बड़हर का पेड़ बना आकर्षण का केंद्र, जानिए इसके अनोखे फायदे और स्वाद की खासियत
झारखंड के कोडरमा जिले में बड़हर का फल इन दिनों लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। औषधीय गुणों से भरपूर यह फल सब्जी से लेकर अचार तक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है।
झुमरी तिलैया का केसरिया कलाकंद: अब पूरी दुनिया में महकेगा झारखंड के इस खास मिठाई का स्वाद
झारखंड के कोडरमा जिले की शान केसरिया कलाकंद को अब प्रतिष्ठित भौगोलिक संकेतक यानी जीआई टैग मिल गया है। अमित शाह और राजनाथ सिंह जैसे दिग्गज नेता भी इसके स्वाद के मुरीद हैं और यह मिठाई अब देश से बाहर अमेरिका और ब्रिटेन तक पहुंच रही है।
कोडरमा का बैद्यनाथ नगर बना किराएदारों का नया ठिकाना, जानिए क्या है किराया और सुविधाएं
झुमरी तिलैया के बैद्यनाथ नगर में आधुनिक सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण किराए के मकानों की मांग तेजी से बढ़ी है। यहाँ छात्र, व्यापारी और नौकरीपेशा लोग रहना पसंद कर रहे हैं।
साग के डंठल को कचरा न समझें: इस आसान तरीके से बनाएं लाजवाब सब्जी
कोडरमा में लोग साग के डंठल फेंकने के बजाय उससे पौष्टिक और स्वादिष्ट ग्रेवी वाली सब्जी तैयार करते हैं। यह डिश न केवल फाइबर और विटामिन से भरपूर है, बल्कि इसे बनाना भी बेहद आसान है।
विश्व रक्तदान दिवस: 26 साल में 87 बार रक्तदान, कोडरमा के रितेश माधव की मिसाल बनी कहानी
कोडरमा के जेजे कॉलेजकर्मी रितेश माधव ने 26 साल में 87 बार रक्तदान किया है और उनका लक्ष्य 101 बार रक्तदान करने का है। वर्ष 2000 में पटना से शुरुआत करने वाले रितेश आज भी हर तीन-चार महीने में रक्त देते हैं और पूरी तरह स्वस्थ हैं।
विदेश में मजदूरी करते थे सुमन, प्रशिक्षण लेकर शुरू किया मुर्गा पालन, अब 10 हजार मुर्गों से कमा रहे लाखों
कोडरमा के सुमन लाल मेहता कभी दूसरे राज्यों में मजदूरी करते थे, पर आमदनी इतनी कम थी कि घर चलाना मुश्किल था। गांव लौटकर प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने मुर्गा पालन शुरू किया और अब हर महीने करीब एक लाख रुपये कमा रहे हैं।